भारत को रूस से दोस्ती निभाना पड़ेगा महंगा! 100% टैरिफ लगाने के फिराक में ट्रंप, ये है असली मकसद
अमेरिकी संसद के निचले सदन ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सेंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' को अंतिम वोट के लिए आगे बढ़ा दिया है। अगर यह बिल कानून बनता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास रूस से तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक सीमा शुल्क (टैरिफ) लगाने का अधिकार आ जाएगा।
Saudi Arabia: मक्का में घुसा हूतियों का ड्रोन, सऊदी अरब ने मार गिराया; शहर में इमरजेंसी अलर्ट
Saudi Arabia: सऊदी अरब और यमन के हूती आंदोलन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस ने मंगलवार, 15 सितंबर की शाम मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक, ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही रोक लिया गया। यह कार्रवाई करीब शाम 6:50 बजे हुई।
‘दो पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा रेड लाइन’
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि मक्का और मदीना स्थित दो पवित्र मस्जिदों तथा तीर्थयात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि दो पवित्र मस्जिदों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा ‘रेड लाइन’ है। उन्होंने कहा कि संयुक्त बल कमान हूती हमलों को रोकने के लिए जरूरी और निवारक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
सऊदी ने 2017 की घटना का भी किया जिक्र
सऊदी गठबंधन ने इस घटना को मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कथित कोशिश बताया है। अल-मलिकी ने जुलाई 2017 में मक्का की दिशा में दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल का भी जिक्र किया।
हालांकि, इस बार हूती पक्ष ने मक्का को निशाना बनाने के सऊदी दावे को खारिज किया है। इसलिए ड्रोन का वास्तविक लक्ष्य क्या था, इस पर दोनों पक्षों के दावे अलग हैं।
यमन में सैन्य तनाव के बीच सामने आई घटना
मक्का के पास ड्रोन इंटरसेप्ट होने की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब सऊदी अरब और हूती आंदोलन के बीच यमन को लेकर सैन्य तनाव बढ़ा हुआ है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इससे पहले दावा किया था कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन के कई इलाकों में हवाई हमले किए। हूती पक्ष ने इन हमलों में स्कूलों, पुलों और सड़कों जैसे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, हूती पक्ष ने सऊदी अरब पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
बाब-अल-मंदेब पर भी बढ़ी चिंता
यमन में बढ़ता सैन्य तनाव सिर्फ सऊदी अरब और हूती संघर्ष तक सीमित नहीं है। इसका असर लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
बाब-अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस क्षेत्र में हूती गतिविधियों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के कारण पहले भी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सुरक्षा को लेकर चिंता रही है। ऐसे में मक्का के पास ड्रोन की घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर तनाव और बढ़ा दिया है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल इस घटना को लेकर सऊदी अरब और हूती पक्ष के दावे अलग-अलग हैं। सऊदी गठबंधन का कहना है कि ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में पहुंचने से पहले नष्ट कर दिया गया, जबकि हूती पक्ष मक्का को निशाना बनाने के आरोप से इनकार करता है।
इसलिए ड्रोन का वास्तविक लक्ष्य और उसके लॉन्च से जुड़ी पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की सैन्य गतिविधियों और आधिकारिक बयानों पर नजर रहेगी।
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