नवजात की मौत पर Allahabad High Court सख्त, यूपी सरकार से मांगी स्वास्थ्य कार्ययोजना
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने सुलतानपुर से इलाज के लिए लखनऊ लाए गए नवजात की मौत के मामले में प्रदेश सरकार को चिकित्सा व्यवस्था मजबूत करने के लिए समयबद्ध और ठोस कार्ययोजना पेश करने का मंगलवार को निर्देश दिया। न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजिव शुक्ल की खंडपीठ ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को तत्काल और दीर्घकालिक उपायों की कार्ययोजना शपथपत्र के साथ पेश करने तथा प्रदेश के बजट में चिकित्सा सुविधाओं और सेवाओं के लिए आवंटित राशि का अनुपात बताने को कहा। अदालत ने कहा कि धन की कमी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में बाधा नहीं बननी चाहिए।
अदालत ने ये निर्देश अशुतोष कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए। याचिका नवजात की मौत से जुड़ी है, जिसे सुलतानपुर से लखनऊ लाकर केजीएमयू, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (आरएमएलआईएमएस) और एसजीपीजीआई में इलाज के लिए ले जाया गया था। पीठ ने कहा कि मामला केवल नवजात को पर्याप्त इलाज नहीं मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े व्यापक सवाल भी उठते हैं।
अदालत ने नए मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त ढांचागत सुविधाएं, विशेषज्ञ सेवाएं और वेंटिलेटर जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि गंभीर मरीजों को लखनऊ न भेजना पड़े। पीठ ने कहा कि यदि नवजात को उच्च चिकित्सा केंद्र भेजना जरूरी था तो एंबुलेंस में भी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं होनी चाहिए थीं, जबकि उसे सामान्य एंबुलेंस से लाया गया। वहीं, केजीएमयू के चिकित्सकों और परिजनों ने बच्चे को अस्पताल में दिखाए जाने तथा बिस्तर उपलब्ध होने या नहीं होने को लेकर अलग-अलग दावे किए।
अदालत ने कहा कि इन विरोधाभासी दावों से सरकारी अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों के लिए प्रभावी मार्गदर्शन एवं परामर्श व्यवस्था की जरूरत स्पष्ट होती है। पीठ ने राज्य सरकार को पूरे घटनाक्रम की जांच कराकर 15 दिन में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने अभी किसी चिकित्सक या अस्पताल की लापरवाही पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है।
जांच में कमी या लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय करने और परिवार को मुआवजा देने पर विचार किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई एक अक्टूबर को होगी। पीठ ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा केजीएमयू, एसजीपीजीआई और आरएमएलआईएमएस से संबंधित चिकित्सकों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल होने का निर्देश दिया है।
₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर चार्ज लगेगा:सोना ₹1036 गिरकर ₹1.51 लाख पर आया, गूगल रिसर्चर बोले- इंसानी नस्ल खत्म कर देगा AI
कल की बड़ी खबर UPI से जुड़ी रही। UPI से ₹2,000 से ज्यादा पेमेंट पर 0.4% चार्ज लगेगा। यह शुल्क ग्राहकों से नहीं बिजनसेमैन से लिया जाएगा। वहीं कल सोने के दाम 1,036 रुपए और चांदी 179 रुपए कम हुए हैं। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… 1. ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर चार्ज लगेगा:किसी भी ट्रांजेक्शन पर ₹300 से ज्यादा नहीं ले सकेंगे; नियम 15 अक्टूबर से लागू UPI से ₹2,000 से ज्यादा पेमेंट पर 0.4% चार्ज लगेगा। फीस की मैक्सिमम लिमिट 300 रुपए तक की गई है। यह अमाउंट अलग-अलग ट्रांजैक्शन पर निर्भर करेगा। यह शुल्क ग्राहकों से नहीं बिजनसेमैन से लिया जाएगा। हालांकि ₹2,000 तक पेमेंट करने पर ग्राहक और बिजनेसमैन दोनों से किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी। पूरी खबर पढ़ें 2. सोना ₹1036 गिरकर ₹1.51 लाख पर आया:इस महीने ₹5 हजार सस्ता हो चुका, चांदी की कीमत आज ₹179 कम हुई सोने-चांदी के दाम में आज यानी 15 सितंबर को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 1,036 रुपए घटकर 1.51 लाख रुपए पर आ गया है। एक किलो चांदी की कीमत 179 रुपए कम होकर 2.29 लाख रुपए पर आ गई है। पूरी खबर पढ़ें… 3. गूगल रिसर्चर बोले- इंसानी नस्ल खत्म कर देगा AI:खतरा टालने के लिए बहुत कम समय; 4 साल में मामूली से हैकर बने AI एजेंट्स गूगल डीपमाइंड के एक पूर्व वैज्ञानिक बिलाल चुगताई ने चेतावनी दी है कि AI पूरी मानव जाति को खत्म कर सकती है। उन्होंने ये भी कहा कि इसे रोकने के लिए समय बहुत कम बचा है। उन्होंने इस्तीफा देने के बाद दुनिया को AI के इस छिपे खतरे से आगाह किया है। पूरी खबर पढ़ें… 4. ओरेकल ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला:सुबह 4 बजे सिस्टम एक्सेस बंद, 6 बजे मेल आया- आज आपका आखिरी दिन टेक कंपनी ओरेकल में फिर से छंटनी शुरू हो गई है। कंपनी ने अमेरिका में हजारों कर्मचारियों को निकाल दिया है। इस फैसले के बाद भारत में स्थित ओरेकल डेवलपमेंट सेंटर के कर्मचारियों के बीच भी अनिश्चितता का माहौल है। कंपनी AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ा रही है, जिसके लिए पारंपरिक विभागों से बजट कम किया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें… 5. भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौता 19 अक्टूबर से लागू होने की उम्मीद:भारतीय निर्यात पर ड्यूटी नहीं, 15 साल में ₹1.9 लाख करोड़ निवेश करेगा न्यूजीलैंड भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA 19 अक्टूबर से लागू होने की उम्मीद है। एक अधिकारी ने 15 सितंबर को यह जानकारी दी। दोनों देशों ने 27 अप्रैल को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसका मकसद वस्तुओं और सर्विस सेक्टर बिजनेस और निवेश को बढ़ावा देना है। पूरी खबर पढ़ें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...
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