रिलेशनशिप एडवाइज- क्या पार्टनर का फोन चेक करना गलत है:मुझे हसबैंड पर शक है, क्या चुपके से उनका फोन खोलकर देख लूं, क्या करूं
सवाल- मेरी शादी को तीन साल हुए हैं। पिछले कुछ समय से मुझे लग रहा है कि मेरे पति मुझसे कुछ छिपा रहे हैं। वे पहले की तुलना में फोन पर ज्यादा समय बिताने लगे हैं और अक्सर स्क्रीन लॉक करके रखते हैं। एक-दो बार मैंने देखा कि मेरे कमरे में आते ही उन्होंने जल्दी से चैट बंद कर दी। इन बातों की वजह से मेरे मन में शक पैदा हो रहा है। कई बार मन करता है कि उनका फोन चेक करके सच जान लूं, लेकिन फिर डर लगता है कि अगर मेरी आशंका सही निकल गई तो क्या होगा। मैं इस झूठ में रहना चाहती हूं कि सब मेरे मन का वहम है। आप बताइए कि मैं क्या करूं? फोन चेक करूं, उन्हें कन्फ्रंट करूं या खुद को भ्रम में रहने दूं। एक्सपर्ट- डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- पार्टनर के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे तो मन में शक पैदा होना स्वाभाविक है। ये बातें असुरक्षा बढ़ा सकती हैं। ऐसे में फोन चेक करके सच जानने की इच्छा होना भी स्वाभाविक है। लेकिन मेरा सुझाव है कि शक होते ही उसे सच मान लेना ठीक नहीं। पहले यह समझना जरूरी है कि वास्तव में क्या फैक्ट्स हैं और किन बातों का आप अनुमान लगा रही हैं। फोन की जासूसी करने के बजाय अपनी चिंता और असुरक्षा के बारे में पार्टनर से खुलकर बात करना ज्यादा स्वस्थ तरीका है। तो आइए समझने की कोशिश करते हैं कि इस स्थिति में आपको क्या करना चाहिए। पति फोन छिपा रहे हैं, तो क्या करें? यह एक विकट सवाल है। इस वक्त आपके सामने ये तीन रास्ते हैं- इनमें तीसरा रास्ता सबसे आसान लग सकता है। लेकिन लंबे समय में यह सबसे ज्यादा परेशान करने वाला रास्ता है, क्योंकि अनिश्चितता दिमाग को बार-बार उसी सवाल पर लेकर जाती है। जब हमें किसी बात का जवाब नहीं मिलता, तो दिमाग खुद जवाब बनाने लगता है। कई बार वह सबसे बुरा जवाब चुन लेता है। इसलिए अपने शक को नकारना भी सही नहीं है। लेकिन केवल कुछ संकेतों के आधार पर इसे बेवफाई मान लेना भी सही नहीं है। इसलिए एक बार सोचकर देखिए कि- ये सब सच है या आपका अनुमान आपने व्यवहार में कुछ बदलाव देखे और आपके दिमाग ने नतीजे निकाल लिए। हम किसी व्यवहार को देखते हैं और उसका कारण खुद तय कर लेते हैं। जैसेकि “चैट बंद की, यानी जरूर कुछ गलत ही था।” लेकिन जरूरी नहीं है कि ऐसा ही हो। दिमाग को अधूरी जानकारी पसंद नहीं होती। इसलिए वह खाली जगह को अनुमान से भर देता है। इसलिए पहले यह समझना जरूरी है कि आपके पास कितने फैक्ट हैं और कितना अनुमान। फोन चेक करने का मन क्यों करता है? फोन चेक करने का मन इसलिए करता है क्योंकि आपको तुरंत निश्चितता चाहिए। लेकिन यहां भी एक समस्या है। अगर कुछ संदिग्ध दिख गया, तो शक और बढ़ सकता है। अगर कुछ नहीं मिला, तब भी दिमाग कह सकता है- यानी फोन चेक करना हमेशा मानसिक शांति नहीं देता। इसके अलावा यह आपके रिश्ते में एक नई समस्या भी पैदा कर सकता है। निजता की सीमा टूट सकती है। इसके बाद दोनों एक-दूसरे की निगरानी करने लग सकते हैं। इसलिए चोरी-छिपे फोन चेक करना सही तरीका नहीं है। सच जानने का एक ही तरीका है आपको अपने हसबैंड से खुलकर बात करनी चाहिए। लेकिन बातचीत की शुरुआत इस तरह न करें– इससे वे डिफेंसिव हो सकते हैं। बातचीत झगड़े में बदल सकती है। इसलिए लड़ें नहीं। शांत होकर अपनी भावनाएं व्यक्त करें। जैसेकि आप कह सकती हैं- “पिछले कुछ समय से मैंने देखा है कि तुम फोन पर पहले से ज्यादा समय दे रहे हो। कुछ बार मेरे आते ही तुमने चैट बंद कर दी। इससे मुझे असुरक्षित महसूस हो रहा है। मैं तुम्हें दोष नहीं दे रही हूं। लेकिन मैं चाहती हूं कि हम इस बारे में खुलकर बात करें।” इस तरह आप आरोप नहीं लगातीं, बल्कि अपना अनुभव साझा करती हैं। प्रतिक्रिया पर गौर करें बातचीत में सिर्फ उनके जवाब पर ध्यान न दें। उनके व्यवहार को भी देखें। क्या वे कहते हैं- तो यह संवाद की बेहतर शुरुआत हो सकती है। कब शक को गंभीरता से लेना चाहिए? सिर्फ फोन के ज्यादा इस्तेमाल से निष्कर्ष न निकालें। लेकिन अगर इसके साथ कई और बदलाव भी दिखाई दें, तो स्थिति पर गंभीर बातचीत जरूरी है, जैसेकि– वे अचानक बहुत ज्यादा गोपनीय हो गए हों। अंतिम बात इस समय आपको न तो आंखें बंद करने की जरूरत है, न ही जासूस बनने की। फोन चेक करके सच खोजने के बजाय रिश्ते में सच बोलने की जगह बनाएं। अगर आपका शक गलत है, तो खुली बातचीत आपको भरोसा वापस बनाने में मदद करेगी। अगर वास्तव में कोई समस्या है, तो भी खुली बातचीत ही उसका समाधान है। ************ ग्राफिक्स- महेंद्र वर्मा ………… ये खबर भी पढ़ें रिलेशनशिप एडवाइज- हसबैंड अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड से बात करते हैं:क्या एक्स से दोस्ती नॉर्मल है या दोनों के बीच कुछ चल रहा है सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। देखिए, शादी के बाद एक्स से दोस्ती अपने आप में गलत नहीं है। शादी के बाद किसी पुराने साथी से संपर्क में रहना अपने आप में बेवफाई नहीं है। कई बार लोग पुराने रिश्ते से भावनात्मक रूप से आगे बढ़ चुके होते हैं। इसके बाद भी सामान्य दोस्ती और संवाद बनाए रखते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
ENG vs SL: हैरी ब्रूक के तूफान में उड़ी श्रीलंकाई टीम, इंग्लैंड ने 119 रनों से जीता पहला टी20 मैच
हैरी ब्रूक की शतकीय पारी से इंग्लैंड ने श्रीलंका को पहले टी20 में 119 रनों से हरा दिया. इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. दोनों टीमों के बीच सीरीज का ये पहला मैच साउथेम्प्टन में खेला गया, जिसमें इंग्लैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News18









