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जरूरत की खबर- बाल झड़ने के 10 बड़े कारण:डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें बालों को कैसे हेल्दी रखें, कैसे केयर करें, डाइट में क्या खाएं

बाल हमारे व्यक्तित्व का अहम हिस्सा हैं। घने, मजबूत और चमकदार बाल न सिर्फ आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि अच्छी सेहत की भी निशानी होते हैं। अचानक बालों का झड़ना चिंता का विषय है। अक्सर लोग इसका दोष मौसम, पानी या शैंपू को देते हैं। जबकि कई बार समस्या की जड़ शरीर में होती है। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, अचानक और ज्यादा बाल झड़ना अक्सर ‘टेलोजन एफ्लुवियम' नाम की हेल्थ कंडीशन से जुड़ा होता है। इसमें स्ट्रेस, पोषक तत्वों की कमी या हार्मोनल बदलाव के कारण बड़ी संख्या में बाल समय से पहले झड़ने लगते हैं। हालांकि अच्छी बात यह है ज्यादातर मामलों में सही कारण का पता लगाकर और लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करके इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हेयर फॉल की समस्या को विस्तार से समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. भावुक धीर, कंसल्टेंट- डर्मेटोलॉजी, पीएसआरआई हॉस्पिटल, नई दिल्ली सवाल- अगर अचानक बहुत ज्यादा बाल झड़ने लगें तो इसके पीछे क्या संभावित कारण हो सकते हैं? जवाब- इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। हेयर ट्रीटमेंट, बार-बार कलरिंग या हीट स्टाइलिंग से बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं। वहीं महिलाओं में प्रेग्नेंसी के बाद कुछ समय तक बाल ज्यादा झड़ते हैं। सभी कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- हेयर फॉल के कारण को कैसे पहचानें? जवाब- इसका सबसे सही तरीका है पैटर्न, टाइमिंग और साथ में दिख रहे लक्षणों को जोड़कर देखना। इसे पॉइंटर्स से समझिए- 1) स्ट्रेस/इमोशनल शॉक 2) न्यूट्रिशन की कमी 3) हार्मोनल बदलाव (थायरॉइड/PMOS) 4) बीमारी/इन्फेक्शन के बाद 5) दवाइयों के साइड इफेक्ट 6) स्कैल्प प्रॉब्लम 7) हेयर ट्रीटमेंट/हेयरस्टाइल 8) जेनेटिक कारण 9) मौसम बदलना अगर कुछ हफ्तों के लिए ही हेयर फॉल बढ़े और फिर खुद ठीक हो जाए तो यह सीजनल शेडिंग है। सवाल- हेयरफॉल को रोकने के लिए क्या करें? जवाब- सही हेयर केयर और हेल्दी लाइफस्टाइल से हेयर फॉल को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- कब तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए? जवाब- इन कंडीशंस में डर्मेटोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना जरूरी है- सवाल- नॉर्मल हेयर फॉल कितना होता है? जवाब- डेली 50-100 बाल झड़ना सामान्य माना जाता है। दरअसल, हमारे बाल ग्रोथ के अलग-अलग फेज (एनाजेन, कैटाजेन , और टेलोजेन) में रहते हैं। हर समय लगभग 10% बाल 'टेलोजन फेज' (शेडिंग फेज) में होते हैं। सवाल- हेयर फॉल और हेयर लॉस में क्या फर्क है? जवाब- इसका अंतर बालों के हेयर ग्रोथ साइकिल और फॉलिकल के पैटर्न से समझा जाता है, जैसेकि- हेयर फॉल हेयर लॉस सवाल- क्या मौसम बदलने पर भी बाल झड़ते हैं? जवाब- हां, इसे ‘सीजनल हेयर फॉल’ कहते हैं। मौसम में बदलाव बालों की ग्रोथ साइकिल को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर 2-6 हफ्तों में अपने-आप ठीक हो जाता है और नए बाल उगने लगते हैं। सवाल- कैसे पहचानें कि स्कैल्प हेल्दी है या नहीं? जवाब- बालों की अच्छी सेहत की जड़ हेल्दी स्कैल्प है। स्कैल्प हेल्दी है या नहीं, इसके सभी संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या बालों का झड़ना किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है? जवाब- हां, कभी-कभी बाल झड़ना सिर्फ हेयर प्रॉब्लम नहीं, बल्कि किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- हमारी किन खराब आदतों के कारण बालों को नुकसान होता है? जवाब- रोजमर्रा की कुछ खराब आदतें बालों को कमजोर बना सकती हैं। ग्राफिक में ऐसी आदतों की लिस्ट देखिए- सवाल- हेल्दी बालों के लिए क्या खाएं? जवाब- मजबूत और घने बालों के लिए सही पोषण जरूरी है। इसके लिए डाइट में कुछ चीजें जरूर शामिल करें। ग्राफिक में देखिए- हेयर फॉल से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या रोज बाल धोना सही है? जवाब- आमतौर पर 2-3 दिन में एक बार बाल धोना बैलेंस्ड माना जाता है। सवाल- क्या बार-बार शैम्पू बदलने से बाल झड़ सकते हैं? जवाब- हां, इससे स्कैल्प का बैलेंस बिगड़ सकता है। सवाल- क्या हार्ड वाटर से बाल ज्यादा झड़ते हैं? जवाब- हां, हार्ड वाटर में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल ज्यादा होते हैं। ये बालों पर जमा होकर उन्हें रूखा, बेजान और कमजोर बना देते हैं। सवाल- क्या हेयर ग्रोथ के लिए ऑयलिंग जरूरी है? जवाब- बालों की ग्रोथ जड़ों से होती है, जो ब्लड सर्कुलेशन, हार्मोन और न्यूट्रिशन पर निर्भर होती है। सिर्फ तेल लगाने से नए बाल नहीं उगते। हालांकि ऑयलिंग से बाल हेल्दी होते हैं। सवाल- क्या हेयर कट कराने से बाल गिरना कम होता है? जवाब- नहीं, बालों की ग्रोथ और फॉल दोनों हेयर फॉलिकल्स से कंट्रोल होता है, बालों की लंबाई से नहीं। हालांकि ट्रिमिंग से दोमुंहे बाल हट जाते हैं। ……………………………… ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- बच्चे की लंबाई नहीं बढ़ रही:डॉक्टर से जानें कौन से न्यूट्रिएंट्स जरूरी, कंप्लीट हेल्दी डाइट गाइड, ये 9 चीजें न दें ‘नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे’ (NFHS-5) के मुताबिक, भारत में 5 साल से कम उम्र के लगभग 35.5% बच्चे स्टंटेड हैं। यानी हर 10 में से करीब 4 बच्चे की लंबाई उम्र के हिसाब से कम है। अक्सर लोग मानते हैं कि हाइट सिर्फ जेनेटिक्स पर निर्भर करती है। जबकि हकीकत यह है कि हेल्दी लाइफस्टाइल भी बच्चे की हाइट ग्रोथ में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में हाइट के पीछे का साइंस समझना बेहद जरूरी है। पूरी खबर पढ़ें…

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रिलेशनशिप एडवाइज- क्या पार्टनर का फोन चेक करना गलत है:मुझे हसबैंड पर शक है, क्या चुपके से उनका फोन खोलकर देख लूं, क्या करूं

सवाल- मेरी शादी को तीन साल हुए हैं। पिछले कुछ समय से मुझे लग रहा है कि मेरे पति मुझसे कुछ छिपा रहे हैं। वे पहले की तुलना में फोन पर ज्यादा समय बिताने लगे हैं और अक्सर स्क्रीन लॉक करके रखते हैं। एक-दो बार मैंने देखा कि मेरे कमरे में आते ही उन्होंने जल्दी से चैट बंद कर दी। इन बातों की वजह से मेरे मन में शक पैदा हो रहा है। कई बार मन करता है कि उनका फोन चेक करके सच जान लूं, लेकिन फिर डर लगता है कि अगर मेरी आशंका सही निकल गई तो क्या होगा। मैं इस झूठ में रहना चाहती हूं कि सब मेरे मन का वहम है। आप बताइए कि मैं क्या करूं? फोन चेक करूं, उन्हें कन्फ्रंट करूं या खुद को भ्रम में रहने दूं। एक्सपर्ट- डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- पार्टनर के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे तो मन में शक पैदा होना स्वाभाविक है। ये बातें असुरक्षा बढ़ा सकती हैं। ऐसे में फोन चेक करके सच जानने की इच्छा होना भी स्वाभाविक है। लेकिन मेरा सुझाव है कि शक होते ही उसे सच मान लेना ठीक नहीं। पहले यह समझना जरूरी है कि वास्तव में क्या फैक्ट्स हैं और किन बातों का आप अनुमान लगा रही हैं। फोन की जासूसी करने के बजाय अपनी चिंता और असुरक्षा के बारे में पार्टनर से खुलकर बात करना ज्यादा स्वस्थ तरीका है। तो आइए समझने की कोशिश करते हैं कि इस स्थिति में आपको क्या करना चाहिए। पति फोन छिपा रहे हैं, तो क्या करें? यह एक विकट सवाल है। इस वक्त आपके सामने ये तीन रास्ते हैं- इनमें तीसरा रास्ता सबसे आसान लग सकता है। लेकिन लंबे समय में यह सबसे ज्यादा परेशान करने वाला रास्ता है, क्योंकि अनिश्चितता दिमाग को बार-बार उसी सवाल पर लेकर जाती है। जब हमें किसी बात का जवाब नहीं मिलता, तो दिमाग खुद जवाब बनाने लगता है। कई बार वह सबसे बुरा जवाब चुन लेता है। इसलिए अपने शक को नकारना भी सही नहीं है। लेकिन केवल कुछ संकेतों के आधार पर इसे बेवफाई मान लेना भी सही नहीं है। इसलिए एक बार सोचकर देखिए कि- ये सब सच है या आपका अनुमान आपने व्यवहार में कुछ बदलाव देखे और आपके दिमाग ने नतीजे निकाल लिए। हम किसी व्यवहार को देखते हैं और उसका कारण खुद तय कर लेते हैं। जैसेकि “चैट बंद की, यानी जरूर कुछ गलत ही था।” लेकिन जरूरी नहीं है कि ऐसा ही हो। दिमाग को अधूरी जानकारी पसंद नहीं होती। इसलिए वह खाली जगह को अनुमान से भर देता है। इसलिए पहले यह समझना जरूरी है कि आपके पास कितने फैक्ट हैं और कितना अनुमान। फोन चेक करने का मन क्यों करता है? फोन चेक करने का मन इसलिए करता है क्योंकि आपको तुरंत निश्चितता चाहिए। लेकिन यहां भी एक समस्या है। अगर कुछ संदिग्ध दिख गया, तो शक और बढ़ सकता है। अगर कुछ नहीं मिला, तब भी दिमाग कह सकता है- यानी फोन चेक करना हमेशा मानसिक शांति नहीं देता। इसके अलावा यह आपके रिश्ते में एक नई समस्या भी पैदा कर सकता है। निजता की सीमा टूट सकती है। इसके बाद दोनों एक-दूसरे की निगरानी करने लग सकते हैं। इसलिए चोरी-छिपे फोन चेक करना सही तरीका नहीं है। सच जानने का एक ही तरीका है आपको अपने हसबैंड से खुलकर बात करनी चाहिए। लेकिन बातचीत की शुरुआत इस तरह न करें– इससे वे डिफेंसिव हो सकते हैं। बातचीत झगड़े में बदल सकती है। इसलिए लड़ें नहीं। शांत होकर अपनी भावनाएं व्यक्त करें। जैसेकि आप कह सकती हैं- “पिछले कुछ समय से मैंने देखा है कि तुम फोन पर पहले से ज्यादा समय दे रहे हो। कुछ बार मेरे आते ही तुमने चैट बंद कर दी। इससे मुझे असुरक्षित महसूस हो रहा है। मैं तुम्हें दोष नहीं दे रही हूं। लेकिन मैं चाहती हूं कि हम इस बारे में खुलकर बात करें।” इस तरह आप आरोप नहीं लगातीं, बल्कि अपना अनुभव साझा करती हैं। प्रतिक्रिया पर गौर करें बातचीत में सिर्फ उनके जवाब पर ध्यान न दें। उनके व्यवहार को भी देखें। क्या वे कहते हैं- तो यह संवाद की बेहतर शुरुआत हो सकती है। कब शक को गंभीरता से लेना चाहिए? सिर्फ फोन के ज्यादा इस्तेमाल से निष्कर्ष न निकालें। लेकिन अगर इसके साथ कई और बदलाव भी दिखाई दें, तो स्थिति पर गंभीर बातचीत जरूरी है, जैसेकि– वे अचानक बहुत ज्यादा गोपनीय हो गए हों। अंतिम बात इस समय आपको न तो आंखें बंद करने की जरूरत है, न ही जासूस बनने की। फोन चेक करके सच खोजने के बजाय रिश्ते में सच बोलने की जगह बनाएं। अगर आपका शक गलत है, तो खुली बातचीत आपको भरोसा वापस बनाने में मदद करेगी। अगर वास्तव में कोई समस्या है, तो भी खुली बातचीत ही उसका समाधान है। ************ ग्राफिक्स- महेंद्र वर्मा ………… ये खबर भी पढ़ें रिलेशनशिप एडवाइज- हसबैंड अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड से बात करते हैं:क्या एक्स से दोस्ती नॉर्मल है या दोनों के बीच कुछ चल रहा है सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। देखिए, शादी के बाद एक्स से दोस्ती अपने आप में गलत नहीं है। शादी के बाद किसी पुराने साथी से संपर्क में रहना अपने आप में बेवफाई नहीं है। कई बार लोग पुराने रिश्ते से भावनात्मक रूप से आगे बढ़ चुके होते हैं। इसके बाद भी सामान्य दोस्ती और संवाद बनाए रखते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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ऋषभ पंत बने एक मैच के लिए कप्तान, इस टीम को चैंपियन बनाने की मिली जिम्मेदारी

सैमसन और ईशान के एशियन गेम्स में होने के कारण उम्मीद लगाई जा रही थी कि ऋषभ पंत की ODI टीम में वापसी होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ऐसे में सेलेक्शन कमेटी ने पंत को एक नई जिम्मेदारी दी है. Wed, 16 Sep 2026 21:45:36 +0530

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