SCO शिखर सम्मेलन के इतर आज पुतिन से मिलेंगे पीएम मोदी: शी जिनपिंग से भी मुलाकात की संभावना; ईरान-व्यापार पर होगी चर्चा
PM Modi Vladimir Putin Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच चुके हैं। वे आज यानी सोमवार को 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके साथ ही, चीनी प्रधानमंत्री शी जिनपिंग के साथ भी उनकी मुलाकात की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
जहां प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, वहीं जिनपिंग के साथ बैठक को लेकर अभी पूरी स्पष्टता नहीं है। हालांकि, सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि दोनों नेता आपस में चर्चा कर सकते हैं, जो पिछले एक साल के दौरान उनकी दूसरी मुलाकात हो सकती है।
रणनीतिक साझेदारी, रक्षा और व्यापार पर रहेगा फोकस
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका के साथ रणनीतिक अनिश्चितता के दौर के बीच, भारत और रूस अपने द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस मुलाकात के दौरान रक्षा सहयोग, व्यापार और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आपसी साझेदारी को विस्तार देने पर मुख्य रूप से चर्चा होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, अगर चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री की बैठक होती है, तो इससे भारत और चीन को वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सीमा विवाद को सुलझाने और अपने संबंधों को बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त करने में मदद मिलेगी। इन वार्ताओं के दौरान ईरान और यूक्रेन में चल रहे संघर्षों पर भी मंथन हो सकता है।
विदेश मंत्री और एनएसए के दौरों के बाद हो रही है यह यात्रा
गौर करने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की रूस यात्रा और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल की चीन यात्रा के ठीक एक दिन बाद हो रहा है। इन दौरों का उद्देश्य नई दिल्ली के मॉस्को और बीजिंग के साथ कूटनीतिक रिश्तों को सुदृढ़ करना था। अपनी यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान का दो दिवसीय दौरा संपन्न किया, जिसके बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत करने का फैसला लिया। साथ ही, वर्ष 2030 तक 5 अरब अमेरिकी डॉलर के वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किया गया है।
किर्गिस्तान पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का हुआ भव्य स्वागत
रविवार को बिश्केक पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किर्गिस्तानी प्रशासन और वहां मौजूद भारतीय समुदाय द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर किर्ग गणराज्य के कैबिनेट मंत्रियों के अध्यक्ष कास्यमालिएव अदिलबेक अलेशोविच (Kasymaliev Adylbek Aleshovich) ने उनकी अगवानी की, और इस दौरान पारंपरिक किर्गिस्तानी नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई। इसके बाद होटल पहुंचने पर प्रवासी भारतीयों ने 'वंदे मातरम' के नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "कुछ समय पहले बिश्केक उतरा हूं। किर्ग गणराज्य के कैबिनेट मंत्रियों के अध्यक्ष श्री अदिलबेक कास्यमालिएव का गर्मजोशी से स्वागत के लिए आभारी हूं। कल और परसों विभिन्न नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें होंगी और एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लूंगा।" एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, "भारत से बिश्केक तक, आज शाम भारतीय समुदाय द्वारा एक बेहद खास स्वागत किया गया।"
एससीओ संगठन का 25वां वर्ष और इसका महत्व
दस सदस्यों वाला शंघाई सहयोग संगठन (SCO) इस वर्ष अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। इस संगठन की स्थापना साल 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा मिलकर की गई थी। बाद में वर्ष 2017 में भारत और पाकिस्तान इसके पूर्ण सदस्य बने, जिसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस भी इस वैश्विक मंच से जुड़े।
बिश्केक में आयोजित हो रहे इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और वैश्विक कूटनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
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