8 दशक पुरानी किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को मिली निर्णायक गति… जानें किन राज्यों के बीच हुआ समझौता…
देश के बुनियादी ढांचे और जल सुरक्षा की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। लगभग आठ दशकों से प्रतीक्षित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर आखिरकार रास्ता साफ हो गया है। नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक …
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G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के लिए US जाएंगे Piyush Goyal
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस महीने के अंत में अमेरिका की यात्रा करेंगे। वह मिलवॉकी में होने वाली जी20 के सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इस दौरान गोयल के अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की भी उम्मीद है। दो दिवसीय जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक 30 सितंबर से शुरू होगी। वर्ष 2026 के लिए अमेरिका जी20 की अध्यक्षता कर रहा है।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा, ‘‘गोयल की यात्रा के दौरान दोनों देशों के मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की उम्मीद है...। बैठक की तारीख और अन्य विवरण तय होने के बाद इसकी जानकारी दी जाएगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘द्विपक्षीय बैठक होने पर भारत और अमेरिका के बीच व्यापार से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही, दोनों देशों के बीच जारी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की बातचीत और इसे आगे बढ़ाने के उपाय भी एजेंडे में शामिल होंगे।’’ जी20 यानी समूह-20 दुनिया की प्रमुख विकसित एवं उभरती अर्थव्यवस्थाओं का अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहां आर्थिक नीतियों पर चर्चा और समन्वय किया जाता है।
गोयल की अमेरिका यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत कर रहे हैं। अग्रवाल ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते के बारे में कहा कि इस पर इस साल के अंत से पहले हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय आयोग ने समझौते को मंजूरी के लिए यूरोपीय परिषद के पास भेज दिया है।
इसके बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। अग्रवाल ने कहा, ‘‘हमें इस साल के अंत से पहले इस पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। हस्ताक्षर के बाद इसे मंजूरी के लिए यूरोपीय संसद के पास भेजा जाएगा।
इस प्रक्रिया में कुछ समय लगता है, लेकिन हमें उम्मीद है कि वह भी पूरी हो जाएगी। अब तक हस्ताक्षर और अनुमोदन की प्रक्रिया के लिहाज से यह सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला समझौता है।
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