Success Story: झुग्गी से देश-विदेश तक पहुंचा सुरमा, सपेरा समाज की सुशीला ने हुनर से बनाई अलग पहचान
Success Story Of Sikar Women Sushila Sapera : सीकर की सुशीला सपेरा की कहानी संघर्ष, हुनर और मेहनत की मिसाल है. कभी झुग्गी में रहने वाली सुशीला ने परिवार से सीखी पारंपरिक विधि को रोजगार का जरिया बनाया और जड़ी-बूटियों से तैयार होने वाले ‘ममीरा’ सुरमे को कारोबार में बदल दिया. खाटूश्याम जी-रींगस रोड पर उनका उद्यम चल रहा है, जहां तैयार सुरमा राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में भेजा जाता है. सुशीला के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया, कैलिफोर्निया, दुबई और कनाडा से भी इसकी मांग आती है. सोशल मीडिया पर करीब 16 लाख फॉलोअर्स ने उनके काम को नई पहचान दी है. आज सुशीला अपने परिवार के साथ टीम को भी रोजगार दे रही हैं.
बच्चे की हायर स्टडीज में लग रहे लाखों रुपये, निवेश तोड़ें या लें एजुकेशन लोन? जानिए एक्सपर्ट की राय
प्राइवेट मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई का खर्च कई परिवारों के लिए करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि फीस भरने के लिए म्यूच्युअल फंड इंवेस्टमेंट निकालना बेहतर है या एजुकेशन लोन लेना? आइए एक्सपर्ट की राय जानते हैं।
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