NSE की पूर्व MD चित्रा रामकृष्ण को SC से झटका, याचिका पर सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO चित्रा रामकृष्ण की उस याचिका को खारिज करने के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट' (PC एक्ट) के तहत अपने खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई को इस आधार पर चुनौती दी थी कि वह सरकारी कर्मचारी नहीं थीं। जस्टिस जेबी पारदीवाला और के विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि रामकृष्ण का यह तर्क कि उन्हें सरकारी कर्मचारी नहीं माना जा सकता, ट्रायल कोर्ट के सामने उठाया जा सकता है। कोर्ट ने आदेश दिया हमारा मानना है कि हाई कोर्ट ने विवादित फैसला सुनाने में कोई गलती नहीं की है। याचिकाकर्ता NSE की MD और CEO थीं। तर्क यह है कि NSE एक प्राइवेट/गैर-सरकारी कंपनी है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि याचिकाकर्ता कोई सरकारी काम कर रही थीं। हमारा मानना है कि यह मुद्दा ट्रायल के दौरान उठाया जा सकता है। इस मुद्दे पर ट्रायल कोर्ट को अपने हिसाब से फैसला करने दें।
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रामकृष्ण के खिलाफ़ मामला सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (SEBI) के 11 फरवरी के उस आदेश से शुरू हुआ, जिसमें पाया गया कि वह NSE के एक और पूर्व कर्मचारी, आनंद सुब्रमण्यम के मुआवज़े को तय करने और उसमें बार-बार बदलाव करने से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ियों में शामिल थीं। आरोप है कि उन्होंने यह काम किसी ऐसे व्यक्ति की मिलीभगत से किया जिसे वह सिद्ध पुरुष बताती थीं। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने कहा कि सुब्रमण्यम ने आम निवेशकों के हितों की रक्षा करने की अपनी सार्वजनिक ज़िम्मेदारी निभाते हुए, दूसरे सह-आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साज़िश रची और कई ट्रेडिंग सदस्यों/ब्रोकरों को भारी फ़ायदा पहुँचाया। रामकृष्ण पर एक और आरोप यह था कि वह ईमेल के ज़रिए हिमालय के एक योगी के संपर्क में थीं, जिनके बारे में CBI ने बाद में दावा किया कि वह कोई और नहीं, बल्कि सुब्रमण्यम ही थे।
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दिल्ली हाई कोर्ट ने जुलाई में PC एक्ट की धारा 2(b) और 2(c)(viii) को चुनौती देने वाली रामकृष्ण की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं। धारा 2(b) में "सार्वजनिक कर्तव्य" (public duty) को ऐसे कर्तव्य के तौर पर परिभाषित किया गया है, जिसके पालन में राज्य, जनता या व्यापक समुदाय की रुचि होती है। धारा 2(c)(viii) के तहत "लोक सेवक" (public servant) की परिभाषा में ऐसा व्यक्ति शामिल है जो किसी ऐसे पद पर है जिसके कारण उसे सार्वजनिक कर्तव्य निभाने का अधिकार या दायित्व प्राप्त है। हाई कोर्ट ने माना था कि NSE एक सार्वजनिक कर्तव्य का पालन करता है और रामकृष्ण, इसके MD और CEO के तौर पर, स्टॉक एक्सचेंज के उन कार्यों से पूरी तरह अलग नहीं हो सकतीं जिनमें आम जनता की रुचि होती है। कोर्ट ने PC एक्ट के तहत उन पर मुकदमा चलाने के लिए दी गई मंज़ूरी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका भी खारिज कर दी थी।
Gurugram hit-and-run: बाइक सवार Siya को टक्कर मारने वाले आरोपी पर हत्या के प्रयास का केस
गुरुग्राम में कार की टक्कर से घायल हुई बाइक सवार महिला ने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो जारी कर आरोपी कल्याण बैंसला पर गंभीर आरोप लगाए हैं जिसके खिलाफ अब हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। बैंसला ने दावा किया था कि यह महज एक दुर्घटना थी। शिवानी चौहान उर्फ सिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर डाले गए वीडियो में सवाल किया कि अगर बैंसला दुर्घटना को लेकर वास्तव में परेशान था तो टक्कर लगने के बाद वह घटनास्थल पर क्यों नहीं रुका।
गुरुग्राम पुलिस ने मामले में अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप दर्ज किया है जिसमें 10 साल तक के कारावास का प्रावधान है। गुरुग्राम पुलिस ने इससे पहले मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए सेक्टर-56 थाने में मामला दर्ज किया था। सहायक पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) अभिलक्ष जोशी के अनुसार, आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय बीएनएस की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) और धारा 125 (चोट पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सिया ने यह आरोप भी लगाया कि महिला बाइक सवार होने के कारण उसे निशाना बनाया गया और उसे रोकने की जानबूझकर कोशिश की गई। उसने दावा किया कि उसकी जान जा सकती थी और दुर्घटना के बाद आरोपी ने यह तक जानने की कोशिश नहीं की कि वह सुरक्षित है या नहीं। सिया ने कहा कि बैंसला ने अपनी कार से टक्कर मारने के बाद एक सेकंड के लिए भी गाड़ी नहीं रोकी।
उन्होंने कहा, मुझे ऐसे लोगों पर शर्म आती है। दिल्ली और गुरुग्राम की सड़कों पर महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। उसने कहा कि हिट-एंड-रन मामले से संबंधित सामने आए दोनों वीडियो पर्याप्त तौर पर इस मामले के सबूत हैं।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना पूरी तरह कैमरे में कैद हुई है, जिसमें कार को उनकी बाइक को टक्कर मारते और चालक को मौके से भागते हुए साफ देखा जा सकता है। सिया ने कहा कि ऐसे लोगों को गाड़ी चलाना सिखाया जाना चाहिए। इस बीच, पीछे से आ रहे एक अन्य बाइक सवार के कैमरे में रिकॉर्ड हुआ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
एक इंस्टाग्राम हैंडल से साझा किए गए वीडियो में कार चालक पहले सिया को रुकने का इशारा करता दिखाई देता है। जब उसने गाड़ी नहीं रोकी तो आरोपी ने कार उसकी स्पोर्ट्स बाइक की ओर मोड़ी और उसे साइड से टक्कर मार दी। इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता ने कहा कि अब उन्हें गुरुग्राम महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं लगता।
दिल्ली की रहने वाली सिया ने फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है और 2022 में कालकाजी से नगर निगम चुनाव भी लड़ा था। उसके पिता रोशन चौहान आम आदमी पार्टी के सदस्य हैं। सहायक पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) जोशी ने कहा, हमने आरोपी की पहचान कर ली है और उसे पकड़ने के लिए तीन विशेष टीम गठित की गई हैं।
इससे पहले सिया ने बताया था कि रविवार को घटना के समय वह बाइक सवारों के एक समूह के साथ गोल्फ कोर्स रोड पर अपनी अप्रिलिया आरएस 457 स्पोर्ट्स बाइक चला रही थी। उसने आरोप लगाया था कि कार में सवार लोग उसके पास आए और दुर्व्यवहार करने लगे। सिया ने यह भी दावा किया था कि कार में सवार लोग नशे में प्रतीत हो रहे थे।
बैंसला ने दुर्घटना के लिए अपनी गलती स्वीकार की है, लेकिन जानबूझकर सिया को टक्कर मारने से इनकार किया। उसने कहा कि एक यू-टर्न के पास उसकी कार का नियंत्रण खो गया था। बैंसला ने कहा, करीब 20 से 22 मोटरसाइकिल सवार मेरे पास से तेज गति से निकले।
मुझे पता नहीं था कि उनमें से एक बाइक एक युवती चला रही थी। मैंने उससे और उसके साथ मौजूद युवक से केवल बाइक धीमी करने को कहा था। मैंने उन्हें जानबूझकर टक्कर नहीं मारी।
उसने कहा, वह शीशे में पीछे देखे बिना मुड़ रही थी। तभी यू-टर्न के पास मैंने कार पर नियंत्रण खो दिया और टक्कर हो गई। यह मेरी गलती थी और मैं इसे स्वीकार करता हूं।
खुद को अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी बताने वाले जिम संचालक बैंसला ने कहा कि वह इस डर से घटनास्थल से भाग गया कि बाइक सवारों का समूह उसे और उसके परिवार को पीट देगा। विवाद के बाद उसने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी बंद कर दिया है। उसने मीडिया से कहा, मैं अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहा था।
मैंने युवती की ओर कोई इशारा नहीं किया था, मैंने केवल उससे बाइक धीरे चलाने को कहा था। मैं स्वीकार करता हूं कि टक्कर हुई थी। अगर मैं उसी समय रुक जाता तो वे लोग हमें पीट देते।
बैंसला ने बताया कि वह अपनी बहन और दो अन्य रिश्तेदारों के साथ यात्रा कर रहा था।
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