हिमाचल हाईकोर्ट बोला- भारत-पाक शांति की इच्छा देशद्रोह नहीं:अभिषेक भारद्वाज को 7 माह बाद सशर्त जमानत, खालिस्तानी नारे-हथियारों की पोस्ट पर दिया फैसला
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार देहरा निवासी अभिषेक सिंह भारद्वाज को सशर्त जमानत दे दी है। जस्टिस राकेश कैंथला की बेंच ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता समाप्त करने और शांति बहाल करने की इच्छा को राजद्रोह नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल विचार व्यक्त करना या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग करना देशद्रोह नहीं है, जब तक उससे सार्वजनिक शांति भंग होने या हिंसा भड़काने की मंशा या प्रभाव सामने न आए। अभिषेक को करीब सात महीने बाद यह राहत मिली है। हाईकोर्ट के अनुसार, आरोपी ने एक व्यक्ति से बातचीत के दौरान भारत-पाक के बीच जारी तनाव की आलोचना की थी और कहा था कि धर्म से ऊपर मानवता है और युद्ध का कोई सार्थक उद्देश्य नहीं होता। हाईकोर्ट ने माना कि इस तरह की बातचीत से किसी प्रकार की हिंसा या सार्वजनिक अशांति को बढ़ावा देने का संकेत नहीं मिलता। सरकार के खिलाफ नफरत फैलाने का कोई ठोस आरोप नहीं हाईकोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि FIR में सरकार के खिलाफ नफरत या असंतोष फैलाने का कोई ठोस आरोप नहीं है। साथ ही आरोपी के पास से कोई प्रतिबंधित हथियार बरामद नहीं हुआ। अदालत ने पेन ड्राइव में मौजूद तस्वीरें, वीडियो, मोबाइल डेटा और चेट हिस्ट्री का भी अवलोकन किया। प्रतिबंधित हथियारों की तस्वीरें पोस्ट करना देशद्रोह नहीं जस्टिस कैंथला ने कहा कि केवल प्रतिबंधित हथियारों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करना, वह भी किसी व्यक्ति के नाम के साथ, अपने आप में देशद्रोह नहीं बनता, खासकर जब आरोपी के पास से कोई हथियार बरामद न हुआ हो। ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ नारे के आरोप पर हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी के मोबाइल डेटा में ऐसा कोई नारा नहीं मिला है। मान भी लिया जाए कि नारा लगाया गया हो, तब भी सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार केवल नारा लगाना अपने आप में अपराध नहीं है, जब तक उससे हिंसा या अशांति न फैले। इन शर्तों पर मिली जमानत हाईकोर्ट ने अभिषेक भारद्वाज को इस शर्त पर ज़मानत दी कि वह गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा। हर सुनवाई में उपस्थित रहेगा। बिना सूचना सात दिन से अधिक पता नहीं बदलेंगे। यदि पासपोर्ट हो तो जमा करना होगा। अपना मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया विवरण पुलिस-अदालत को देंगे और किसी भी बदलाव की जानकारी समय पर देंगे। सात महीने पहले हुई थी गिरफ्तारी बता दें कि, 28 मई 2025 को कांगड़ा पुलिस ने अभिषेक को पाकिस्तान के लिए जासूसी के संदेह में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उसने फेसबुक पर पाकिस्तान के झंडे और प्रतिबंधित हथियारों से जुड़ी तस्वीरें व वीडियो अपलोड किए थे और नियाज खान नामक व्यक्ति के साथ चेट में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को गलत बताते हुए खालिस्तान के समर्थन की बात कही थी। 20 वर्षीय अभिषेक भारद्वाज देहरा के सुखाहर गांव का निवासी है और कॉलेज ड्रॉपआउट है। उस पर ऑनलाइन माध्यमों से कथित देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए थे। उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो भी पोस्ट था, जिसमें कारतूसों से उसका नाम लिखा दिखाया गया था और आसपास हथियारों की तस्वीरें थीं।
ईरान में सुरक्षा बलों के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने उठाए हथियार, अशखानेह में सैन्य भवन को लगाई आग, ईरानशहर में चलती कार से कमांडर की हत्या
Iran Crisis : ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। प्रदर्शनकारी अब हथियार उठा रहे हैं और सुरक्षा बलों से भिड़ रहे हैं। अशखानेह में सरकारी इमारत जलाई गई। करज के गोलशहर में झड़पें हुईं। 7 जनवरी को ईरानशहर में पुलिस कमांडर महमूद हकीकत की ड्राइव-बाय शूटिंग में हत्या हुई, जिसकी जिम्मेदारी जईश अल-अदल ने ली।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
Republic Bharat
























