iPhone 17 Pro On Down Payment: सिर्फ 20 हजार रुपये में iPhone 17 Pro? जानिए कैसे मिल रहा है इतना आसान खरीदारी का मौका
iPhone 17 Pro On Down Payment: iPhone 17 Pro की शुरुआती कीमत 1,34,900 रुपये है। हालांकि, पुराने फोन को एक्सचेंज करके, बैंक कार्ड पर मिलने वाले कैशबैक का फायदा उठाकर और जीरो डाउन पेमेंट के जरिए इसकी खरीदारी को काफी आसान बनाया जा सकता है। इससे महंगे iPhone की कीमत का बोझ कम हो सकता है।Gold ETF: गोल्ड ईटीएफ 1% से ज्यादा टूटा, सिल्वर ईटीएफ में 3% तक गिरावट; जानें क्यों बिकवाली
सोने-चांदी में हाल की तेजी के बाद अब मुनाफावसूली शुरू हो गई। शुक्रवार, 11 सितंबर को शेयर बाजार में सिल्वर ईटीएफ पर खासा दबाव दिखा। दोपहर 3 बजे प्रमुख सिल्वर ईटीएफ में करीब 3% या उससे ज्यादा की गिरावट आ चुकी थी। गोल्ड ईटीएफ भी नीचे रहे, लेकिन इनमें गिरावट अपेक्षाकृत कम रही।
सिल्वर ईटीएफ में मिराए एसेट सिल्वर ईटीएफ सबसे ज्यादा गिरा। यह 3.17% टूटकर 220.70 रुपए पर आ गया। एसबीआई सिल्वर ईटीएफ 3.11% गिरकर 222.02 रुपए और निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ 2.96% नीचे आकर 226.58 रुपए पर रहा। एचडीएफसी सिल्वर ईटीएफ में 3.09% और सिल्वर आईईटीएफ में 2.95% की गिरावट रही।
गोल्ड ईटीएफ में भी बिकवाली रही। चॉइस गोल्ड ईटीएफ 1.28% गिरकर 149.89 रुपए और 360 वन गोल्ड ईटीएफ 1.04% टूटकर 147.60 रुपए पर आ गया।
अचानक क्यों गोल्ड ईटीएफ में बढ़ी बिकवाली?
जानकारों के मुताबिक यह गिरावट सोने-चांदी की कहानी खत्म होने का संकेत नहीं है। हाल की तेज तेजी के बाद निवेशक मुनाफा निकाल रहे हैं। ब्याज दरों और डॉलर में अचानक मजबूती ने भी दबाव बढ़ाया है।
बोनांजा के वरिष्ठ शोध विश्लेषक निरपेंद्र यादव के मुताबिक, निचले स्तर पर खरीदे गए ईटीएफ में मुनाफा वसूली स्वाभाविक है। खासकर चांदी में हाल की तेजी सोने के मुकाबले ज्यादा तेज और सट्टेबाजी वाली रही है। इसलिए इसमें गिरावट भी ज्यादा तेज दिख रही है।
तेल से लेकर डॉलर तक, चार बड़े कारण
पहला बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमत है। मध्य-पूर्व, अमेरिका-ईरान और लाल सागर से जुड़ी आपूर्ति चिंताओं के बीच ब्रेंट कच्चा तेल 110 डॉलर प्रति बैरल की तरफ बढ़ा। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ी और ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें बदलीं।
दूसरा, अमेरिकी 10 साल की सरकारी बॉन्ड पर ब्याज करीब 5% पहुंच रहा है। ऐसे में बिना ब्याज देने वाली सोने की तुलना में ब्याज वाले निवेश ज्यादा आकर्षक लगने लगते हैं। तीसरा, डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर सूचकांक करीब 99 पर पहुंच गया, जो करीब एक सप्ताह का सबसे मजबूत स्तर है। मजबूत डॉलर से सोने-चांदी पर आमतौर पर दबाव बढ़ता है।
चौथा कारण चांदी की प्रकृति है। चांदी का इस्तेमाल निवेश के साथ औद्योगिक कामों में भी होता है। हाल की तेज तेजी के बाद इसमें मुनाफावसूली सोने से ज्यादा तेज हो सकती है। चांदी का बाजार छोटा और कम कारोबार वाला होने से कीमतों में उतार-चढ़ाव भी ज्यादा होता है।
इसलिए मौजूदा गिरावट को फिलहाल सोने-चांदी में लंबी अवधि की कहानी टूटने के बजाय हाल की तेजी के बाद आया तेज सुधार माना जा रहा है।
(प्रियंका कुमारी)
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