Kia Carens CNG, Clavis CNG और Carnival Hybrid की प्री-बुकिंग शुरू, जानिए कितनी खास हैं ये MPV
Kia ने भारतीय ग्राहकों के लिए एक साथ तीन बड़ी MPV पेश कर दी हैं. Carens CNG और Carens Clavis CNG के साथ कंपनी अब फैक्ट्री-फिटेड CNG का विकल्प दे रही है, वहीं Carnival Limousine में पहली बार Hybrid पावरट्रेन मिलेगा. तीनों मॉडल की प्री-बुकिंग शुरू हो चुकी है, जबकि कीमतों का ऐलान जल्द होगा. कौन सी Kia MPV किस ग्राहक के लिए बेहतर है और इनमें क्या खास मिलेगा, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर.
NSE ने IPO का प्राइस बैंड ₹1700-1785 तय किया:17 से 21 सितंबर तक बोली लगा सकेंगे निवेशक; कंपनी इश्यू से ₹22,562 करोड़ जुटाएगी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE ने अपने IPO के प्राइस बैंड का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया। कंपनी का इस इश्यू से करीब ₹22,562 करोड़ जुटाने का प्लान है। अपर प्राइस बैंड पर कंपनी की कुल वैल्यूएशन ₹4.42 लाख करोड़ आंकी गई है। NSE का यह इनिशियल पब्लिक ऑफर 17 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और निवेशक इसमें 21 सितंबर तक बोली लगा सकेंगे। एंकर इन्वेस्टर्स यानी बड़े निवेशकों के लिए शेयरों का एलोकेशन 16 सितंबर को किया जाएगा। NSE के शेयरों की 24 सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को होगा। जिन्हें शेयर अलॉट नहीं होंगे, उन्हें 23 सितंबर को रिफंड प्रोसेस कर दिया जाएगा। इसी दिन जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए हैं, उनके डिमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 24 सितंबर को बीएसई पर लिस्ट होने की संभावना है। रिटेल इनवेस्टर्स मिनिमम और मैक्सिमम कितना पैसा लगा सकते हैं? इस IPO के लिए रिटेल निवेशक मिनिमम एक लॉट यानी 8 शेयर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं। यदि आप IPO के अपर प्राइज बैंड ₹1785 के हिसाब से 1 लॉट के लिए अप्लाय करते हैं, तो आपको ₹14,280 का इन्वेस्टमेंट करना होगा। वहीं रिटेल इनवेस्टर्स IPO के मैक्सिमम 14 लॉट यानी 112 शेयर्स के लिए बिडिंग कर सकते हैं। जिसके लिए इनवेस्टर्स को मैक्सिमम ₹1,99,920 का इन्वेस्टमेंट करना होगा। कंपनी के इश्यू का 35.35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व कंपनी के इश्यू का करीब 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा करीब 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स और लगभग 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए रिजर्व है। IPO पूरी तरह OFS, 12.64 करोड़ शेयर्स बेचे जाएंगे कंपनी के रेड हरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, आईपीओ के तहत बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या को 14.89 करोड़ से घटाकर 12.64 करोड़ कर दी गई है। यह ऑफर पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, यानी इसके तहत कोई भी नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। यह बिक्री कंपनी की कुल इक्विटी कैपिटल का लगभग 5.1% हिस्सा है, जिसे पहले 6% बेचने का प्रस्ताव था। सेबी ने 4 सितंबर को कंपनी के DRHP को मंजूरी दी थी नेट प्रोसीड्स यानी टैक्स व खर्चों के बाद बची रकम पूरी तरह से शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी। इस IPO का मुख्य उद्देश्य केवल लिस्टिंग और OFS को आसान बनाना है। कंपनी के जून 2026 में फाइल किए गए ड्राफ्ट रेड हरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुकाबले इश्यू साइज को करीब 15% घटाया है। मार्केट रेगुलेटर सेबी ने 4 सितंबर 2026 को इस DRHP को मंजूरी दी थी। इश्यू में SBI सबसे बड़ा सेलिंग शेयरहोल्डर, कुछ कंपनियों ने हिस्सा घटाया MUFG इंटाइम इंडिया इश्यू का रजिस्ट्रार है इस मेगा आईपीओ को संभालने के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल, मॉर्गन स्टेनली, सिटीग्रुप, एसबीआई कैपिटल और एचडीएफसी बैंक समेत कुल 20 मर्चेंट बैंकरों को नियुक्त किया गया है। MUFG इंटाइम इंडिया इश्यू का रजिस्ट्रार है। वित्तीय प्रदर्शन: FY26 में NSE का मुनाफा 15.5% घटा वित्त वर्ष 2026 में NSE का नेट प्रॉफिट 15.5% घटकर ₹10,302.1 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹12,187.7 करोड़ था। इस दौरान कंपनी की कुल आय भी 3.1% घटकर ₹16,601.3 करोड़ रह गई। हालांकि, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (जून 2026) में NSE का प्रदर्शन सुधरा है। तिमाही मुनाफा 6.7% बढ़कर ₹3,120.1 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू 13.1% बढ़कर ₹4,560.4 करोड़ पहुंच गया। क्या होता है ऑफर फॉर सेल (OFS)? IPO में ऑफर फॉर सेल का मतलब होता है कि कंपनी खुद नए शेयर जारी करके बाजार से नया फंड नहीं जुटा रही है, बल्कि कंपनी के पुराने या मौजूदा निवेशक जैसे- प्रमोटर्स या बड़े बैंक अपनी हिस्सेदारी का कुछ भाग आम जनता को बेच रहे हैं। इससे मिलने वाला सारा पैसा कंपनी के खाते में न जाकर सीधे उन शेयरधारकों के पास जाता है जो अपने शेयर बेच रहे होते हैं।
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