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नेपाल में बाढ़ से तबाही, ₹45 हजार करोड़ लगेंगे:यह देश की GDP का 11%; बाढ़ से 16 लाख लोग प्रभावित, 1377 की मौत

नेपाल में 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ से बड़े पैमाने पर तबाही हुई। टूटे घर, सड़कें, पुल और दूसरी सुविधाएं दोबारा बनाने के लिए 7,233 करोड़ नेपाली रुपए यानी करीब ₹45 हजार करोड़ की जरूरत का अनुमान है। यह नेपाल की GDP का करीब 11% है। बाढ़ और भूस्खलन से 16 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 1,377 लोगों की मौत और करीब 5,130 लोगों के लापता होने की खबर है। करीब 65% रिकवरी खर्च यानी ₹29 हजार करोड़ सड़क, पुल, बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाओं पर खर्च होंगे। बाढ़ में 7,570 घर, 48 सरकारी इमारतें, 18 स्कूल और 7 स्वास्थ्य केंद्र भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। नेपाल त्रासदी से जुड़ी 3 तस्वीरें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

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फैसलाबाद एयरपोर्ट पर रोके गए 104 सिख श्रद्धालु:अमृतसर-दिल्ली जाने को PAK से भारत आ रहे थे; वीजा वैलिड, महंगी टिकटें खरीदी थीं

पाकिस्तान से भारत स्थित सिख गुरुधामों के दर्शन के लिए आ रहे 104 श्रद्धालुओं को फैसलाबाद एयरपोर्ट पर करीब 12 घंटे से रोककर रखा गया है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि भारत के इस्लामाबाद स्थित दूतावास की ओर से उन्हें वीजा जारी किए गए थे। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी(FIA) ने उन्हें एयरपोर्ट से आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इमीग्रेशन अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से पाकिस्तान सरकार, गृह विभाग और विदेश विभाग की एनओसी पेश करने को कहा। श्रद्धालुओं के मुताबिक, पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर से भारत जाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद उन्होंने हवाई यात्रा का फैसला किया। इसके लिए महंगी टिकटें खरीदीं और समय पर फैसलाबाद एयरपोर्ट पहुंच गए। हालांकि, वहां पहुंचने के बाद उन्हें रोक दिया गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि अगर एनओसी जरूरी थी, तो उन्हें पहले ही इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई और टिकटें क्यों बेची गईं। वाघा बॉर्डर से रास्ता नहीं मिला, इसलिए हवाई सफर चुना श्रद्धालुओं का कहना है कि वे पहले वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत आने वाले थे, लेकिन उन्हें जमीनी रूट से जाने की अनुमति नहीं मिली। इस फैसले के बाद उन्होंने हवाई मार्ग से भारत पहुंचने की तैयारी की और महंगी टिकटें खरीदीं। इससे पहले भी पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को वाघा-अटारी के रास्ते भारत आने की अनुमति नहीं दिए जाने का मामला सामने आया था। इस फैसले पर पूर्व राज्यसभा सांसद और पद्म भूषण से सम्मानित तरलोचन सिंह ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त को पत्र लिखकर भूमि मार्ग खोलने की अपील की थी। रातभर एयरपोर्ट पर इंतजार श्रद्धालुओं के मुताबिक, उन्हें रात करीब 10 बजे से सुबह 7 बजे तक एयरपोर्ट पर परेशानी झेलनी पड़ी। यात्रा की अनुमति नहीं मिलने के बाद जत्थे के सदस्य एयरपोर्ट पर ही बैठकर पाठ और गुरु साहिब का जाप करते रहे। श्रद्धालुओं ने कहा कि टिकट खरीदने और यात्रा की तैयारी करने के बाद एयरपोर्ट पर रोक दिया जाना उनके लिए बेहद परेशान करने वाला है। उनका दावा है कि टिकट रद्द होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है। सिख युवक ने वीजा दिखाकर उठाए सवाल एयरपोर्ट पर मौजूद एक सिख युवक ने अपना वीजा दिखाते हुए इमीग्रेशन प्रक्रिया पर सवाल उठाया। उसका कहना था कि उनके पास भारत का वीजा मौजूद है और उन्हें अतिरिक्त NOC की जरूरत के बारे में पहले कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उसने कहा कि अगर कोई सरकारी अनुमति जरूरी थी तो यात्रियों को टिकट खरीदने से पहले इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। युवक ने राजनीतिक विवाद से धार्मिक यात्रा को अलग रखने की अपील भी की। हेमकुंड साहिब और गोल्डन टेंपल जाना था 104 श्रद्धालु भारत में श्री हेमकुंड साहिब, अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल), दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारों और पंजाब के अन्य प्रमुख गुरुधामों के दर्शन करने वाले थे। उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य धार्मिक दर्शन था। श्रद्धालुओं का कहना है कि इसी उद्देश्य से उन्होंने भारत का वीजा लिया और यात्रा की पूरी तैयारी की। जत्थे के नेताओं ने भारत के सिख नेताओं से हस्तक्षेप मांगा उन्होंने भारत में सिख नेताओं से पाकिस्तान सरकार के सामने मामला उठाने और श्रद्धालुओं को भारत आने की अनुमति दिलाने की अपील की। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका से हस्तक्षेप की मांग की। NOC पर पाकिस्तान के आधिकारिक जवाब का इंतजार मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत का वीजा होने के बावजूद पाकिस्तानी इमीग्रेशन ने इन श्रद्धालुओं से किस नियम के तहत NOC मांगी। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी अतिरिक्त अनुमति की जानकारी पहले नहीं दी गई। पाकिस्तान की ओर से इस विशेष मामले में NOC मांगने की विस्तृत वजह स्पष्ट नहीं की गई है। धामी बोले- सिख श्रद्धालुओं को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण इस पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं को रोके जाने की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत सरकार से वीजा प्राप्त कर चुके इन सिख श्रद्धालुओं को वाघा सीमा के रास्ते भारत आने की अनुमति दी जानी चाहिए थी। यदि किसी कारण से ऐसा नहीं हुआ, तो उन्हें हवाई मार्ग से भारत आने की अनुमति दी जानी चाहिए थी। श्रद्धालुओं को रोकना उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।

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  Sports

सचिन, गांगुली और द्रविड़ को बोर्ड में लाओ... सुनील गावस्कर की भारतीय क्रिकेट के लिए गुहार, कर दी ये खास मांग

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई से अपील की है कि सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे पूर्व क्रिकेटरों को CAC में शामिल किया जाए. उनका मानना है कि इन क्रिकेटरों के बोर्ड से जुड़ने पर भारतीय क्रिकेट के विकास में एक बड़ी मजबूती मिलेगी. इसके अलावा महिला क्रिकेट को लेकर भी अहम सुझाव दिया है. Tue, 15 Sep 2026 08:33:24 +0530

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