अगर आपका बजट करीब 5 लाख रुपये है और आप पहली कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो Maruti Alto K10 और Tata Tiago दो ऐसे विकल्प हैं जिन पर जरूर विचार किया जा सकता है। दोनों कारें बजट ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं, लेकिन इनका फोकस अलग-अलग जरूरतों पर दिखाई देता है। आइए जानते हैं कि कीमत, माइलेज, पावर, सेफ्टी और फीचर्स के लिहाज से कौन-सी कार आपके लिए बेहतर हो सकती है।
इंजन और पावर में Tiago का दबदबा
Alto K10 में 998cc का 1.0-लीटर K10C पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 68bhp की पावर और 89Nm टॉर्क पैदा करता है। दूसरी ओर, Tata Tiago में 1.2-लीटर Revotron पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 86bhp की पावर और 113Nm टॉर्क जनरेट करता है।
दोनों मॉडल में 5-स्पीड मैनुअल और AMT गियरबॉक्स के विकल्प मिलते हैं। CNG चाहने वाले ग्राहकों के लिए भी दोनों कारों में फैक्ट्री-फिटेड विकल्प उपलब्ध है। स्पष्ट रूप से ज्यादा ताकत के मामले में Tiago आगे निकलती है।
माइलेज में Alto K10 की बढ़त
अगर कार खरीदते समय आपका सबसे बड़ा फोकस माइलेज और रोजाना का कम खर्च है, तो Alto K10 आकर्षक विकल्प बनती है। इसका पेट्रोल मैनुअल मॉडल 24.39kmpl और AMT मॉडल 24.9kmpl तक ARAI-सर्टिफाइड माइलेज देता है। CNG वेरिएंट का दावा किया गया माइलेज 33.85km/kg है।
Tiago पेट्रोल करीब 19-20kmpl और CNG करीब 26.49km/kg तक का माइलेज देती है। इसलिए लंबी अवधि में ईंधन की बचत के लिहाज से Alto K10 ज्यादा किफायती साबित हो सकती है।
शहर में Alto, हाईवे पर Tiago
शहरी इलाकों में जहां ट्रैफिक, छोटी सड़कें और पार्किंग की समस्या आम है, Alto K10 अपने कॉम्पैक्ट आकार के कारण सुविधाजनक लगती है। हल्का वजन और छोटा टर्निंग एरिया इसे रोजमर्रा की ड्राइविंग के लिए आसान बनाते हैं।
Tiago का बड़ा इंजन हाईवे पर ज्यादा दम दिखाता है। तेज गति पर अतिरिक्त पावर और बेहतर रोड प्रेजेंस इसे लंबी दूरी की यात्राओं के लिए अधिक उपयुक्त बना सकती है।
सेफ्टी में Tiago ज्यादा मजबूत
सेफ्टी के मामले में Tata Tiago को बढ़त मिलती है। उपलब्ध Global NCAP क्रैश टेस्ट परिणामों में Tiago को 4-स्टार रेटिंग मिली है, जबकि Alto K10 को 2-स्टार रेटिंग मिली थी।
दोनों कारों में डुअल एयरबैग, ABS के साथ EBD और रियर पार्किंग सेंसर जैसे जरूरी सुरक्षा फीचर्स मिलते हैं। हालांकि, सुरक्षा प्राथमिकता रखने वाले खरीदारों के लिए Tiago ज्यादा भरोसेमंद विकल्प दिखाई देती है।
फीचर्स में भी Tiago का पैकेज आकर्षक
Alto K10 के ऊपरी वेरिएंट में 7-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, Android Auto, Apple CarPlay, डिजिटल स्पीडोमीटर और फ्रंट पावर विंडो जैसे फीचर्स मिलते हैं।
Tiago में 7-इंच टचस्क्रीन के साथ Harman साउंड सिस्टम, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल ORVM जैसे अतिरिक्त प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं।
कीमत में Alto K10 ज्यादा बजट-फ्रेंडली
Alto K10 की एक्स-शोरूम कीमत करीब 3.70 लाख रुपये से 5.45 लाख रुपये तक जाती है, जबकि Tata Tiago की कीमत करीब 4.70 लाख रुपये से 8.55 लाख रुपये तक बताई जाती है। इसलिए शुरुआती बजट सीमित होने पर Alto K10 ज्यादा आसान विकल्प है।
फैसला: आपकी जरूरत तय करेगी विजेता
कुल मिलाकर, कम कीमत, शानदार माइलेज और शहर में आसान ड्राइविंग चाहिए तो Alto K10 बेहतर चुनाव हो सकती है। वहीं ज्यादा पावर, हाईवे ड्राइविंग, प्रीमियम फीचर्स और बेहतर क्रैश-टेस्ट प्रदर्शन प्राथमिकता है तो Tata Tiago ज्यादा संतुलित पैकेज साबित होती है।
- डॉ. अनिमेष शर्मा
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हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के 66वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए घोषणा की है कि सरकार भारत NCAP (BNCAP) के दूसरे चरण की तैयारी कर रही है।
नया भारत NCAP 2.0 प्रोग्राम अक्टूबर 2027 से लागू होंगे। इसमें व्हीकल असेसमेंट प्रोग्राम का दायरा बढ़ाया जाएगा। नए चरण में केवल इस बात का ध्यान नहीं दिया जाएगा कि हादसे के समय गाड़ी के अंदर बैठे यात्री कितने सुरक्षित हैं, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा सहित अन्य बातों पर भी ध्यान दिया जाएगा। आइए आपको BNCAP 2.0 तहत प्रस्तावित नए निमयों क्रैश टेस्ट और 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग के पैमानों के बारे में बताते हैं।
पूरे क्रैश चेन की होगी जांच
गडकरी के अनुसार, BNCAP 2.0 में गाड़ियों का परीक्षण मुख्य रुप से तीन बड़े क्षेत्रों के आधार पर होगा।
- हादसे से बचना (Crash Avoidance)- दुर्घटना होने से रोकने वाली तकनीकों की जांच।
- पैदल यात्रियों की सुरक्षा (Pedestrian Protection)- दुर्घटना के दौरान सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुरक्षा।
- हादसे के बाद राहत कार्य (Post-Crash Evacuation and Care)- दुर्घटना के बाद गाड़ी से यात्रियों को निकलने और आपातकालीन सुरक्षा सहायता की सुविधा।
- सुझाव- नितिन गडकरी ने ऑटोमोबाइल कंपनियों को इस सुरक्षा कार्यक्रम को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव देने का आमंत्रण किया है।
100 पॉइंट्स का नया स्ट्रक्चर
- दरअसल, नवंबर 2025 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने AIS-197 (रिवीजन1) के जरिए भारत NCAP के अगले चरण के लिए नियमों का प्रस्ताव रखा था। इसका मुख्य उद्देश्य कार सेफ्टी टेस्टिंग प्रोग्राम को ज्यादा विस्तृत और सख्त बना दिया था। इस प्रस्तावित सिस्टम के जरिए कारों को 5 क्षेत्रों के आधार पर 100 में स अंक दिए जाएंगे।
- क्रैश प्रोटेक्शन के लिए 55 पॉइंट्स। पैदल यात्रियों और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए 20 पॉइंट। सेफ ड्राइविंग फीचर्स के लिए 10 पॉइंट्स। हादसे से बचाने वाले तकनीक के लिए 10 पॉइंट और हादसे के बाद की सुरक्षा के लिए 5 पॉइंट्स का प्रावधान है।
5 स्टार रेंटिंग पाना काफी मुश्किल
- 2027 से नियम: दरअसल, 2027 से किसी भी कार को 5-स्टार रेटिंग हासिल करने के लिए 100 में से कम से कम 70 अंक लाने अनिवार्य है।
- 2029 से नियम- वहीं 2029 से न्यूनतम स्कोर बढ़ाकर 80 अंक कर दिया जाएगा।
- अनिवार्य फीचर्स- कार को स्टार रेटिंग पाने योग्य बनने के लिए उसमें कर्टेन एयरबैग और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) स्टैंडर्ड के तौर पर यानी शुरुआती वेरिएंट से होने जरुरी है।
नए और कड़े क्रैश टेस्ट
- आपको बताते चले कि, 50 kph फुल-विड्थ फ्रंटल क्रैश टेस्ट पूरी चौड़ाई से समाने की टक्कर का टेस्ट है।
- तिरछे खंभे से टक्कर का टेस्ट 32 kph ओब्लिक पोल इम्पैक्ट टेस्ट है। इसकी स्पीड 29 kph से बढ़ाकर 32kph की गई है।
- 50 kph रियर-इम्पैक्ट टेस्ट, पीछे से होने वाली टक्कर का टेस्ट है।
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