Delhi में 500 आधुनिक शौचालय ब्लॉक बनाने के लिए 266.26 करोड़ रुपये मंजूर
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नीत सरकार राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में 266 करोड़ रुपये की लागत से 500 आधुनिक शौचालय ब्लॉक का निर्माण कराएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोमवार को एक बयान में बताया कि शहरवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और राजधानी की पर्यटन छवि को मजबूत करने के लिए इन शौचालयों के निर्माण का निर्णय लिया गया है। इस बीच मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार और नगर निगम अगले एक साल में एक-एक हजार शौचालय ब्लॉक का निर्माण करेंगे।
सीएमओ ने बताया कि इनका निर्माण दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग के माध्यम से किया जाएगा और पहले चरण के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद शेष 500 सार्वजनिक शौचालय ब्लॉक दूसरे चरण में बनाए जाएंगे। निर्माण कार्य को 14 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बयान में कहा गया है कि इस योजना के लिए सरकार की व्यय वित्त समिति (ईएफसी) ने 266.26 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं।
इसके मुताबिक, इन शौचालय ब्लॉक का निर्माण राजधानी के प्रमुख पर्यटन स्थलों, विरासत क्षेत्रों, बाजारों, प्रमुख मार्गों और पर्यटकों के आवागमन वाले क्षेत्रों में किया जाएगा। इनमें पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय ब्लॉक के साथ दिव्यांगजनों सहित सभी लोगों के सुगम उपयोग के लिए रैंप की व्यवस्था होगी। बयान के अनुसार, प्रत्येक शौचालय ब्लॉक में रखरखावकर्ता कक्ष और चौकीदार के लिए भी स्थान होगा।
नागरिकों और पर्यटकों की दैनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक दुकान का प्रावधान किया गया है, जहां स्नैक्स, पेय पदार्थ और दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुएं उपलब्ध होंगी। इसमें कहा गया है कि महिलाओं की सुविधा के लिए सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और इस्तेमाल किए गए सैनिटरी पैड के उचित निपटान के लिए भी मशीन की व्यवस्था होगी। बयान के मुताबिक, प्रस्तावित शौचालय ब्लॉक में सौर ऊर्जा, सीसीटीवी जैसी सुविधाएं भी होंगी।
नागरिकों और पर्यटकों को सूचना उपलब्ध कराने के लिए ‘आउटडोर-टाइप वीडियो वॉल डिस्प्ले बोर्ड’ लगाया जाएगा। इस बीच मुख्यमंत्री गुप्ता ने सोमवार को शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र के सिंगलपुर गांव स्थित लेबर चौक पर नवनिर्मित आधुनिक शौचालय ब्लॉक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी के लोगों को बेहतर और आधुनिक जनसुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि इसी दिशा में दिल्ली में अगले एक वर्ष के भीतर 2,000 आधुनिक शौचालय बनाए जाएंगे। गुप्ता ने बताया कि दिल्ली नगर निगम और पर्यटन विभाग 1,000-1,000 शौचालयों का निर्माण करेंगे और नगर निगम द्वारा बनाए जाने वाले 1,000 शौचालयों के लिए पूरा धन मुख्यमंत्री विकास कोष (सीएमडीएफ) से उपलब्ध कराया जाएगा।
Bihar Flood: 15 जिलों में 49 लाख से अधिक आबादी प्रभावित, कई नदियां उफान पर
बिहार और पड़ोसी देश नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में में पिछले चार-पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों के 49.36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि राज्य और पड़ोसी नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य की कई नदियों और जलधाराओं का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में सितंबर में अब तक 112.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग छह प्रतिशत अधिक है। बुलेटिन के अनुसार, बलतारा और कुरसेला में कोसी नदी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी, दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा नदी, श्रीपालपुर में पुनपुन नदी, बेनीबाद में बागमती नदी तथा दरौली में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
डीएमडी ने बताया कि बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और अररिया शामिल हैं। सोमवार शाम छह बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा 36.19 मीटर के जलस्तर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 1.69 मीटर ऊपर था। अधिकारियों के मुताबिक कोसी नदी बलतारा और कुर्सेला में, बूढ़ी गंडक खगड़िया में, गंगा दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन श्रीपालपुर में, बागमती बेनीबाद में और घाघरा दरौली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा 1,260 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं तथा 13 राहत शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में लगभग 11,060 लोगों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, सोमवार शाम चार बजे वाल्मीकिनगर स्थित गंडक नदी के बराज से 1,09,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि जलप्रवाह बढ़ने की परिपाटी बनी हुई है।
संभावित बाढ़ और राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीम तैनात की गई हैं। वहीं, वीरपुर स्थित कोसी बराज से पानी का बहाव 1,63,315 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसकी तुलना में इस वर्ष 20 जुलाई को यह अधिकतम 2,55,425 क्यूसेक था।
इस बीच, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को केंद्र सरकार पर बाढ़ राहत के मामले में बिहार के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि गुजरात में मामूली बाढ़ आने पर भी उदार सहायता दी जाती है, जबकि बिहार में 50 से अधिक लोगों की मौत, पशुधन की क्षति, हजारों करोड़ रुपये का नुकसान और लगभग 45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित होने के बावजूद न तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और न ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसी राहत पैकेज की घोषणा की है।
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