पर्चा लिखकर भविष्य बताने वालों को पण्डोखर सरकार का 1.41 करोड़ रुपये का चैलेंज, 5 में से 4 जवाब भी सही तो मिलेगा इनाम
पर्चा लिखकर भविष्य बताने का दावा करने वालों को पण्डोखर सरकार ने खुली चुनौती दी है। पण्डोखर सरकार धाम के पीठाधीश्वर श्री गुरुशरण जी महाराज ने ऐलान किया है कि उनकी ओर से पूछे जाने वाले पांच प्रश्नों में से चार के भी हूबहू सही जवाब पहले से लिखकर बताने वाले को ₹1 करोड़ 41 लाख का पुरस्कार दिया जाएगा। यह प्रतियोगिता अप्रैल 2027 में पण्डोखर धाम में प्रस्तावित 5151 कुण्डीय अश्वमेध राजसूय महायज्ञ के दौरान होगी।
पण्डोखर सरकार धाम के व्यवस्थापक सचिन मिश्रा के मुताबिक, श्री गुरुशरण जी महाराज ने दिव्य दरबार में सत्संग के दौरान यह चुनौती दी। उन्होंने देशभर में पर्चा लिखकर भविष्य बताने का दावा करने वालों को इसमें शामिल होने के लिए कहा है।
पांच सवाल पूछेंगे, चार भी हूबहू सही तो ₹1.41 करोड़
घोषणा के मुताबिक प्रतियोगिता में श्री गुरुशरण जी महाराज की ओर से पांच प्रश्न लिखकर दिए जाएंगे। चुनौती यह होगी कि प्रतिभागी उन प्रश्नों के उत्तर पहले से हूबहू लिखकर बताए। पांचों जवाब सही होने पर तो पुरस्कार मिलेगा ही, पांच में से चार जवाब भी हूबहू सही निकले तो ₹1.41 करोड़ की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की गई है।
प्रतियोगिता के विस्तृत नियम अभी सामने नहीं आए हैं। पात्रता क्या होगी, रजिस्ट्रेशन कैसे होगा, जवाबों को जांचने और विजेता तय करने की प्रक्रिया क्या रहेगी—इन सभी की जानकारी आयोजन से पहले सार्वजनिक की जाएगी।
20 से 28 अप्रैल तक पण्डोखर धाम में महायज्ञ
पण्डोखर सरकार धाम में 20 से 28 अप्रैल 2027 तक 5151 कुण्डीय अश्वमेध राजसूय महायज्ञ आयोजित किया जाना है। इसी धार्मिक आयोजन के दौरान यह प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। धाम की ओर से कहा गया है कि इस चुनौती का उद्देश्य पर्चा लिखकर भविष्य बताने संबंधी दावों की वास्तविकता को प्रत्यक्ष रूप से सामने लाना है।
CM हेल्पलाइन पर प्राप्त जन शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए : मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जन शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है. शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद करने तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित होना चाहिए.
समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में जिस प्रकृति की शिकायतें सबसे अधिक प्राप्त हो रही हैं, संबंधित जिलाधिकारी उन शिकायतों की विभागवार समीक्षा कर उनका यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि एक ही प्रकृति की शिकायतें बार-बार आने के कारणों का भी विश्लेषण किया जाए और ऐसी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए.
समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह विशेष रूप से देखा जाए कि दाखिल-खारिज से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर हो रहा है या नहीं. भूमि धोखाधड़ी से संबंधित जन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और निर्धारित सेवाएं उन्हें समयबद्ध रूप से उपलब्ध हों.
समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को शीर्ष प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पेयजल से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पाइपलाइन एवं सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. पेयजल आपूर्ति में व्यवधान, लीकेज और अन्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए.
अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए. सचिव, विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी अपने स्तर पर नियमित रूप से लंबित शिकायतों की समीक्षा करें. जिन शिकायतों का निर्धारित समयावधि के भीतर निस्तारण नहीं किया जा रहा है, उनमें संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए.
मुख्यमंत्री ने लंबे समय से लंबित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए. बैठक में 180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति भी प्रस्तुत की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के पुराने प्रकरणों की विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उनके लंबित रहने के कारणों की भी समीक्षा की जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से ‘स्पेशल क्लोज’ अथवा ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए. शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि को विशेष महत्व दिया जाए. उन्होंने कहा कि किसी शिकायत को बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित स्तर पर समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई की गई है.
कार्रवाई की मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों पर फीडबैक की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए. शिकायतकर्ता से प्राप्त फीडबैक के आधार पर निस्तारण की गुणवत्ता का आकलन किया जाए. पोर्टल पर जनसामान्य से फीडबैक तथा विभिन्न विभागों और नोडल अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाए. वहीं शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए. उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का मूल उद्देश्य शासन और आमजन के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करते हुए नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक, समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है.
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता कर उनकी समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति की भी जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने अनुचित रूप से बंद की गई एक शिकायत के संबंध में संजय कुमार रावत से दूरभाष पर वार्ता की. श्री रावत ने बताया कि उनके दिवंगत पिता के उपचार से संबंधित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है. मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित प्रकरण में तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाए. भविष्य में इस प्रकार की शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल निवासी बेबी कोटनाला से दूरभाष पर वार्ता कर परित्यक्ता पेंशन से संबंधित समस्या की जानकारी ली. उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि लंबे समय से शिकायत दर्ज होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है. मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को प्रकरण में तत्काल उचित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने हरिद्वार निवासी श्रीमती गीता से भी दूरभाष पर वार्ता की. उन्होंने बताया कि उनके घर के समीप लगभग तीन माह पूर्व पानी की टंकी बन चुकी है, लेकिन उससे पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है. मुख्यमंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार को मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने और तत्काल पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
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