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अफगानिस्तान के खिलाफ T20I सीरीज के बीच टीम इंडिया को लगा बड़ा झटका, स्टार खिलाड़ी चोटिल होकर हुआ बाहर

Varun Chakaravarthy Injury: भारत और अफगानिस्तान के बीच जारी 3 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के दूसरे मुकाबले से पहले टीम इंडिया के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है. Cricbuzz के मुताबिक भारतीय टीम के स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती चोटिल हो गए हैं, जिसके कारण वो अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं. उनका बाहर होना टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. अब उनके एशियन गेम्स में भी खेलने पर भी संशय मंडरा रहा है.

वरुण चक्रवर्ती फिर हुए चोटिल

भारतीय टीम में वापसी करने वाले मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती एक बार फिर चोट का शिकार हो गए हैं. हाल ही में अपनी पुरानी इंजरी से उबरकर टीम में लौटे वरुण ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में सिर्फ 16 रन देकर 1 विकेट चटकाए थे. हालांकि, अब खबर सामने आ रही है कि चक्रवर्ती इसी मैच के दौरान दोबारा चोटिल हो गए, जिसका खुलासा अब जाकर हुआ है. Cricbuzz के मुताबिक वरुण चक्रवर्ती इंजरी की वजह से अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं. शानदार लय में लौटने के तुरंत बाद वरुण का इस तरह दोबारा चोटिल होना टीम इंडिया और उनके करियर के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है. 

एशियन गेम्स से भी बाहर हो सकते हैं वरुण चक्रवर्ती

वरुण चक्रवर्ती साइड स्ट्रेन (मांसपेशियों में खिंचाव) के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं. उनकी एमआरआई (MRI) रिपोर्ट में साइड स्ट्रेन का खुलासा हुआ है. बीसीसीआई के सूत्रों के मुताबिक, यह एक पूरी तरह से नई चोट है, जिसके चलते आगामी एशियन गेम्स में उनके खेलने पर भी गहरा संशय मंडरा रहा है. वरुण चक्रवर्ती अब तुरंत बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) जाएंगे, जहां उनके मेडिकल स्कैन की रिपोर्ट और डॉक्टरों के आकलन के बाद ही एशियन गेम्स में उनकी उपलब्धता पर आखिरी फैसला लिया जाएगा.

जुलाई में भी चोटिल हुए थे वरुण चक्रवर्ती

वरुण के चोटिल होने का यह सिलसिला नया नहीं है. जब जुलाई में भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर गई थी, तब भी वरुण टीम का हिस्सा थे, लेकिन वहां वे Grade 2 हैमस्ट्रिंग इंजरी का शिकार हो गए थे. इस गंभीर चोट के कारण उन्हें करीब 3 महीने तक मैदान से दूर रहना पड़ा. इस दौरान उन्होंने CoE में एक लंबा समय अपनी रिकवरी और रिहैब प्रक्रिया को पूरा करने में बिताया. हैरानी की बात यह है कि इतनी लंबी रिकवरी के बाद जब वे मैदान पर लौटे, तो सिर्फ एक मैच में खेलते ही दोबारा चोटिल होकर बाहर हो गए. सिर्फ एक स्पेल के बाद खिलाड़ी का दोबारा अनफिट होना कहीं न कहीं CoE के वर्कलोड मैनेजमेंट और फिटनेस क्लियरेंस की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाता है.

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खाद्य महंगाई बढ़ने से सीपीआई में हुई बढ़ोतरी, मौसम और तेल की कीमतों से आगे भी जोखिम की संभावना: इकोनॉमिस्ट्स

नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। केयरएज रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने सोमवार को कहा कि जुलाई में 4.5 प्रतिशत रहने वाली खुदरा महंगाई अगस्त में बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई। इसके पीछे मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं की ऊंची कीमतें हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि महंगाई का आउटलुक अभी भी मौसम संबंधी जोखिमों और बाहरी कारकों के प्रति संवेदनशील बना हुआ है।

रजनी सिन्हा के अनुसार, कोर महंगाई अगस्त में बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 4.2 प्रतिशत थी। हालांकि कीमती धातुओं को छोड़कर कोर महंगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित रही और 3.3 प्रतिशत के स्तर पर बनी रही। मुख्य महंगाई दर में बढ़ोतरी का कारण चीनी, चावल, खाद्य तेल और प्याज जैसी कुछ सब्जियों की कीमतों में वृद्धि रही।

उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) द्वारा उद्धृत आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में सालाना आधार पर 4.82 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खाद्य महंगाई जुलाई के 5.52 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 5.66 प्रतिशत हो गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 6.13 प्रतिशत रही।

प्रमुख खाद्य वस्तुओं में अदरक, प्याज और लहसुन की कीमतों में क्रमशः 73.82 प्रतिशत, 48.27 प्रतिशत और 43.60 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि टमाटर और आलू की कीमतों में राहत देखने को मिली। अगस्त के दौरान टमाटर 31.09 प्रतिशत और आलू 13.14 प्रतिशत सस्ता हुआ।

सिन्हा ने कहा कि देर से आए मानसून के कारण प्याज की नई फसल की बुवाई प्रभावित हुई है, जिससे बाजार में नई फसल की आवक में देरी हुई और कीमतों पर दबाव बना। वहीं, गन्ने की अपेक्षा से कम पैदावार और एथेनॉल उत्पादन की ओर बढ़ते रुझान के कारण घरेलू उपलब्धता कम हुई है, जिससे चीनी की कीमतों पर असर पड़ा है।

खाद्य कीमतों में वृद्धि का असर खाद्य एवं पेय उद्योग की लागत पर भी पड़ रहा है। पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष राजीव जुनेजा ने कहा कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, रेस्तरां और अन्य संबंधित सेवाओं पर लागत का दबाव और बढ़ सकता है।

अगस्त में व्यक्तिगत देखभाल, सामाजिक सुरक्षा तथा विविध वस्तु एवं सेवा श्रेणी में भी महंगाई ऊंचे स्तर पर रही और यह 15.21 प्रतिशत दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण सोना और चांदी की वैश्विक कीमतों में तेजी के चलते आभूषणों के दाम बढ़ना रहा। इस दौरान चांदी के आभूषणों की कीमतों में 107.11 प्रतिशत और सोना, हीरा एवं प्लैटिनम आभूषणों की कीमतों में 35.53 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

वहीं, पीएचडीसीसीआई के महासचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रणजीत मेहता ने कहा कि कीमती धातुओं की लगातार ऊंची कीमतें आगामी त्योहारी और शादी-ब्याह के सीजन के दौरान मांग को प्रभावित कर सकती हैं।

केयरएज रेटिंग्स का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही में खुदरा महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंच सकती है और पूरे वित्त वर्ष में इसका औसत लगभग 5 प्रतिशत रह सकता है। मौद्रिक नीति के संबंध में रजनी सिन्हा ने कहा कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति आगे भी आंकड़ों के आधार पर फैसले लेगी और उसके निर्णय महंगाई तथा आर्थिक वृद्धि की बदलती परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे।

उन्होंने कहा, यदि महंगाई में लगातार बढ़ोतरी बनी रहती है तो आने वाले महीनों में ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना मजबूत हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि अक्टूबर में होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा पर बाजार की विशेष नजर रहेगी, क्योंकि दुनिया के कई प्रमुख केंद्रीय बैंक पहले ही सख्त मौद्रिक नीति की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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250 का स्ट्राइक रेट... 20 गेंद में ठोकी फिफ्टी, फिर भी सैमसन नहीं बने प्लेयर ऑफ द मैच, 23 साल का स्टार ले उड़ा अवॉर्ड

ind vs afg 2nd t20i player of the match: अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 में संजू सैमसन ने 22 गेंदों में 57 रन की पारी खेली. सैमसन ने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर का सबसे तेज अर्धशतक ठोका. हालांकि, प्लेयर ऑफ द मैच वो नहीं बने, बल्कि ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी को यह अवॉर्ड मिला. नीतीश रेड्डी ने पहली पारी में तीन विकेट चटकाए थे, जिससे अफगानिस्तान की टीम बड़ा स्कोर नहीं बना पाई. Tue, 15 Sep 2026 23:44:28 +0530

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