15 सितंबर को Doordarshan की हुई थी स्थापना, जानें आज के इतिहास से जुड़ी प्रमुख घटनाएं
सरकारी प्रसारक के तौर पर दूरदर्शन की स्थापना 1959 में 15 सितंबर को हुई थी। छोटे से पर्दे पर चलती-बोलती तस्वीरें दिखाने वाला और बिजली से चलने वाला यह डिब्बा लोगों के लिए कौतूहल का विषय था। जिसके घर में टेलीविजन होता था, लोग उसे दूर-दूर से देखने आते थे।
छत पर लगा टेलीविजन का एंटीना मानो प्रतिष्ठा का प्रतीक हुआ करता था और देश की कला और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम इस सरकारी प्रसारण सेवा का अभिन्न अंग थे। दूरदर्शन की शुरुआत के समय इसमें कुछ देर के लिए ही कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाता था। नियमित दैनिक प्रसारण की शुरुआत 1965 में ऑल इंडिया रेडियो के एक अंग के रूप में हुई।
देश-दुनिया के इतिहास में 15 सितंबर की तारीख पर दर्ज ऐसी ही कई महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- 1812 : नेपोलियन के नेतृत्व में फ्रांसीसी सेना मास्को के क्रेमलिन पहुंची। 1876 : उपन्यासकार शरत चंद्र चट्टोपाध्याय का जन्म। 1909 : द्रविड़ मुनेत्र कषगम के संस्थापकों में से एक सी एन अन्नादुरई का जन्म।
1927 : प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का जन्म। 1948 : स्वतंत्र भारत का पहला पोत ‘आईएनएस दिल्ली’ बंबई (अब मुंबई) के बंदरगाह पर पहुंचा। 1959 : भारत की राष्ट्रीय प्रसारण सेवा दूरदर्शन की शुरुआत।
1971 : दुनिया को हरा भरा और शांति पूर्ण बनाने के संकल्प के साथ ग्रीन पीस की स्थापना। 1978 : आर्मेनिया की अरैरट एरेवन ने पहली विदेशी टीम के तौर पर मोहन बागान के साथ संयुक्त रूप से आई.एफ.ए. शील्ड जीती। 1981 : वानुआतु संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य बना।
1982 : लेबनान के निर्वाचित राष्ट्रपति बशीर गेमायेल की पदासीन होने से पहले ही बम विस्फोट में हत्या। 2001 : अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति को अफगानिस्तान पर सैन्य कार्यवाही की मंजूरी दी। 2012: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांचवें सरसंघचालक के एस सुदर्शन का निधन।
2022: स्विट्जरलैंड के टेनिस स्टार रोजर फेडरर, भारत की अनुभवी हाकी खिलाड़ी नमिता टोप्पो और ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज और उपकप्तान राचेल हेंस ने अंतरराष्ट्रीय खेलों से संन्यास की घोषणा की। 2023: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक अमेरिकी, दो रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने उड़ान भरी। 2024: अंतरिक्ष की सैर करके धरती पर लौटे अरबपति जेरेड आइजैकमैन।
2025: अमेरिका और चीन के बीच टिकटॉक पर मसौदा समझौता हुआ।
TMC के 20 बागी सांसदों में से 17 दुर्गा पूजा से पहलेजॉइन करेंगे बीजेपी? सामिक भट्टाचार्य ने दावों को नकारा
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी नेता और कूचबिहार के सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने सोमवार को कहा कि नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (NCPI) के बीस लोकसभा सदस्यों में से सत्रह सदस्य दुर्गा पूजा से पहले या बाद में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो जाएंगे। हालांकि, BJP की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख सामिक भट्टाचार्य ने इस बयान से खुद को अलग कर लिया है और कहा है कि भगवा पार्टी किसी को भी सिर्फ़ इसलिए शामिल नहीं होने देगी क्योंकि वे ऐसा चाहते हैं। हालांकि, बसुनिया ने कहा कि BJP में शामिल होने के लिए 17 NCPI सांसदों ने सभी योजनाएं पक्की कर ली हैं और उनकी संख्या इतनी है कि वे दलबदल विरोधी कानून से बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाकी तीन सांसद -- अबू ताहिर खान, खलीलुुर रहमान और यूसुफ पठान BJP के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) को बाहर से समर्थन देंगे।
उन्होंने पत्रकारों से कहा हम 17 सांसद हैं जो एक साथ BJP में जा रहे हैं। चूंकि 20 सदस्यों में से दो-तिहाई से ज़्यादा सदस्य पार्टी बदल रहे हैं, इसलिए हम पर दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होगा। अगर 17 NCPI सांसद सच में BJP में शामिल हो जाते हैं, तो लोकसभा में भगवा पार्टी की संख्या बढ़कर 257 हो जाएगी। BJP ने 2024 के लोकसभा चुनावों में 240 सीटें जीती थीं।
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NCPI नेताओं और BJP ने खुद को अलग किया
हालांकि, शताब्दी रॉय ने बसुनिया के बयान से TMC के दूसरे बागी नेताओं को अलग रखा और कहा कि कूचबिहार के सांसद ने यह बयान अपनी निजी हैसियत से दिया है। वहीं, ताहिर खान ने कहा कि उन्होंने, रहमान और पठान के साथ मिलकर, NDA का समर्थन करने का कोई फ़ैसला नहीं किया है।
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ताहिर ने कहा हम BJP में नहीं जाएंगे। हम NDA में नहीं जाएंगे। यह साफ़ है। भट्टाचार्य समेत BJP नेताओं ने भी बसुनिया के बयान से खुद को अलग कर लिया और कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। BJP प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा, "जहां तक मुझे पता है, TMC या NCPI का कोई भी सदस्य BJP में शामिल नहीं हो रहा है। राज्य के लोग TMC के शासनकाल में इन नेताओं और सांसदों द्वारा किए गए अत्याचारों को भूले नहीं हैं। इस साल की शुरुआत में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद TMC में बगावत शुरू हो गई थी, जिसमें 20 लोकसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़कर कम जानी-मानी NCPI का दामन थाम लिया और NDA को अपना समर्थन दिया। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि यह बगावत BJP ने कराई थी और उनकी पार्टी ने बागी नेताओं को अयोग्य घोषित करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। शीर्ष अदालत ने अब इन 20 बागी नेताओं को नोटिस जारी किया है।
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