इंदौर: शहर में खुलेआम धारदार चाकू लहराते हुए घूम रहा था जिलाबदर बदमाश, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर में पुलिस अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस द्वारा बदमाशों की धरपकड़ कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। इसी बीच, खजराना थाना क्षेत्र में पुलिस ने जिलाबदर के आदेश का उल्लंघन कर इलाके में खुलेआम धारदार चाकू लहराते हुए घूम रहे एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है।
बता दें कि पुलिस ने बदमाश को पकड़ने के लिये घेराबंदी की लेकिन पुलिस को देख बदमाश ने भागने की कोशिश की लेकिन वह असंतुलित होकर सड़क पर गिर पड़ा, जिससे वह जख्मी हो गया। पुलिस ने आरोपी को दबोचा और उनका उपचार कराया।
पुलिस कमिश्नर ने 3 महीने के लिए किया था जिलाबदर
जानकारी अनुसार, बदमाश पूर्व में मारपीट, लूट, अड़ीबाजी और एनडीपीएस जैसे कई संगीन अपराधों में शामिल रहा है और पुलिस कमिश्नर द्वारा उसे 3 महीने के लिए इंदौर जिले की सीमाओं से बाहर जिलाबदर किया गया था। खजराना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और जिलाबदर उल्लंघन का नया मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
बता दें कि खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधव को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि पुलिस कमिश्नर के जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करते हुए क्षेत्र का सूचीबद्ध बदमाश फैजल उर्फ कालू तंजीम नगर इलाके में अवैध रूप से घूम रहा है और हाथ में धारदार चाकू लहराकर दहशत फैला रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई एवं एक विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर बदमाश को दबोचने के लिए घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही बदमाश ने भागने की कोशिश की
पुलिस टीम को सामने देखते ही शातिर आरोपी फैजल ने मौके से भागने का प्रयास किया लेकिन हड़बड़ाहट में दौड़ते समय संतुलन बिगड़ने से वह सड़क पर जा गिरा जिससे उसके पैर और शरीर में चोटें आईं। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया और उसकी तलाशी ली। पुलिस को आरोपी के पास से एक अवैध धारदार चाकू बरामद किया। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी फैजल इलाके का आदतन अपराधी है जिसके खिलाफ मारपीट, लूट, रंगदारी, अवैध हथियार रखने और एनडीपीएस एक्ट के 9 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।
इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट
KPK के सीएम सोहेल अफरीदी के चुनाव पर Pakistan Court ने जारी किया नोटिस
पाकिस्तान की संघीय संवैधानिक अदालत ने खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को उन्हें नोटिस जारी किया। पूर्व सांसद और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी से अलग हुए नेता शेर अफजल मरवत ने यह याचिका दायर की थी जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर को पद पर बहाल करने का अनुरोध किया गया था। प्रधान न्यायाधीश अमीनउद्दीन खान की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सोमवार को याचिका पर सुनवाई की।
अदालत ने अफरीदी और प्रांतीय सरकार को नोटिस जारी किए और मामले में देश के अटॉर्नी जनरल से सहायता मांगी। अदालत के सामने दलील देते हुए मरवत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री गंडापुर ने स्वेच्छा से इस्तीफा नहीं दिया था बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई के संस्थापक इमरान खान के कहने पर पद छोड़ा था। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार किसी सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति को स्वेच्छा से इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गंडापुर ने अपने इस्तीफे में कहा था कि वह खान के कहने पर ऐसा कर रहे हैं। मरवत ने तर्क दिया कि उच्चतम न्यायालय ने यह तय किया है कि कोई अयोग्य व्यक्ति किसी प्रतिनिधि के जरिए राज्य का कामकाज नहीं चला सकता। मरवत ने कहा कि चूंकि जब खान ने कथित तौर पर गंडापुर को इस्तीफा देने का निर्देश दिया था, उस समय वह अयोग्य घोषित किए जा चुके थे इसलिए किसी प्रतिनिधि के माध्यम से राज्य के अधिकारों का इस्तेमाल करना संविधान का उल्लंघन है।
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