8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 3.83 हुआ तो ₹18 हजार की बेसिक सैलरी बढ़कर ₹68,940? जानें पूरा गणित
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें वेतन आयोग से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है. वेतन आयोग की ओर से अलग-अलग स्थानों पर बैठकें की जा रही हैं. चेन्नई और पुडुचेरी में बैठकों के बाद अब 16 से 18 सितंबर तक चंडीगढ़ में बैठकें प्रस्तावित हैं. इन बैठकों में केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांगों पर चर्चा की जा रही है.
इन मांगों में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है. कई कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन चाहते हैं कि आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.83 किया जाए. अगर सरकार इस मांग को स्वीकार करती है, तो इसका असर केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन पर पड़ सकता है.
2.57 से 3.83 करने की मांग
फिलहाल सातवें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर 2.57 है. इसी के आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हुई थी. अब कर्मचारी संगठनों की मांग है कि आठवें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 3.83 किया जाए. अगर 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये का नया वेतन करीब 68,940 रुपये हो सकता है. यानी मौजूदा बेसिक सैलरी की तुलना में करीब 50,940 रुपये की बढ़ोतरी का दावा किया जा रहा है. हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 3.83 फिटमेंट फैक्टर अभी कर्मचारी संगठनों की मांग है. सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी है। इसलिए 68,940 रुपये की बेसिक सैलरी को संभावित गणना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.
कई संगठनों ने रखी 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग
फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग सिर्फ एक संगठन तक सीमित नहीं है. अखिल भारतीय पेंशन भोगी संघ के अलावा NCJCM, AIDEF और ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लाइज फेडरेशन समेत कई कर्मचारी संगठनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है. अगर भविष्य में इस मांग को स्वीकार किया जाता है, तो अलग-अलग पे लेवल के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.
पूरा मामला समझने के लिए देखिए वीडियो...
ICC ने पाकिस्तान को सुनाई दोहरी सजा, WTC प्वॉइंट्स टेबल से काटे अंक, पैसे भी काटे, जानिए क्या है पूरा मामला
ICC Gave Punishment To Pakistan Cricket Team: पाकिस्तान का इंग्लैंड दौरा बेहद निराशाजनक रहा. बाबर आजम की कप्तानी वाली पाक टीम को 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा. मगर, क्लीन स्वीप होने के बाद अब पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है. इंग्लैंड के साथ खेले गए बर्मिंघम टेस्ट मैच में पाकिस्तान से एक ऐसी गलती हुई, जिसके चलते आईसीसी ने उनपर सख्त एक्शन लिया है और दोहरी सजा सुनाई है.
पाकिस्तान को क्यों मिली सजा?
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला बर्मिंघम में खेला गया था, जिसमें मेहमान टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा. उस टेस्ट मैच में समय की छूट को ध्यान में रखने के बाद भी पाकिस्तान की टीम तय लक्ष्य से 11 ओवर पीछे रही. इस गलती का आकलन करने के बाद अब आईसीसी ने पाकिस्तान की टीम को दोहरी सजा सुनाई है. न केवल उनपर जुर्माना ठोका गया है बल्कि आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भी उन्हें नुकसान झेलना पड़ा है.
A look at the #WTC27 standings following Pakistan’s latest sanction.
— ICC (@ICC) September 14, 2026
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ICC ने क्या सजा दी?
बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तीसरे और आखिरी मैच के दौरान धीमी ओवर-रेट बनाए रखने के लिए पाकिस्तान पर दो तरह की पेनल्टी लगाई गई हैं. एजबेस्टन टेस्ट, जिसे इंग्लैंड ने आठ विकेट से जीता था, में समय की छूट को ध्यान में रखने के बाद भी पाकिस्तान की टीम तय लक्ष्य से 11 ओवर पीछे रही. इसकी वजह से पाकिस्तान टीम पर उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और चल रहे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकल में उनके 11 पॉइंट काट लिए गए.
एमिरेट्स ICC एलीट पैनल के मैच रेफरी रंजन मदुगले ने यह सज़ा तब सुनाई, जब ऑन-फील्ड अंपायर पॉल राइफेल और क्रिस गैफनी, थर्ड अंपायर अल्लाहउद्दीन पालेकर और चौथे अंपायर रसेल वॉरेन ने यह आरोप लगाया. खिलाड़ियों और खिलाड़ियों के सपोर्ट स्टाफ के लिए ICC कोड ऑफ़ कंडक्ट के आर्टिकल 2.22 के तहत, जो कम ओवर-रेट से जुड़े अपराधों के बारे में है, अगर कोई टीम तय समय में अपने ओवर पूरे नहीं कर पाती है, तो हर ओवर के लिए खिलाड़ियों पर उनकी मैच फ़ीस का 5% जुर्माना लगाया जाता है. यह जुर्माना ज्यादा से ज्यादा मैच फीस के 50% तक हो सकता है.
WTC प्वॉइंट्स टेबल में भी हुआ नुकसान
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भी पाकिस्तान को नुकसान झेलना पड़ा है. ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के खेलने के नियमों के आर्टिकल 16.11.2 के अनुसार, कम ओवर फेंकने पर टीम का एक पॉइंट काट लिया जाता है. इसी वजह से, पाकिस्तान के कुल पॉइंट्स में से 11 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पॉइंट्स काट लिए गए हैं.
इसका मतलब है कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की स्टैंडिंग में पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो गई है और टीम अब 4.63 पॉइंट्स प्रतिशत के साथ नौवें स्थान पर है. बताते चलें, पाकिस्तान को अपनी अगली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप सीरीज नवंबर में खेलनी है, जिसमें वे रावलपिंडी और लाहौर में श्रीलंका के साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ की मेज़बानी करेंगे.
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