जसप्रीत बुमराह ने वापसी करते ही मचाया तहलका, T20 क्रिकेट में बनाया बड़ा कीर्तिमान
Jasprit Bumrah: भारतीय स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से टीम में वापसी हो रही है. वापसी करते ही बुमराह ने एक बड़ा कीर्तिमान बना दिया है. भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है. इस मैच में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने पारी के पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर रहमानुल्लाह गुरबाज का विकेट लेकर एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. बुमराह अब टी20 क्रिकेट में 350 या उससे अधिक विकेट लेने वाले सिर्फ तीसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं.
जसप्रीत बुमराह ने बनाया कीर्तिमान
जसप्रीत बुमराह की मैदान पर वापसी का फैंस को बड़ी बेसब्री से इंतजार था. पूरी तरह फिट होने के बाद उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच से इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की और आते ही तहलका मचा दिया. उन्होंने अफगानिस्तान की पारी की दूसरी ही गेंद पर ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज को जीरो पर आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया. गुरबाज का कैच स्लिप में खड़े अभिषेक शर्मा ने लपका.
A ????????????????-???????????? comeback to T20I cricket ????♂️@Jaspritbumrah93 strikes in the opening over courtesy of a fine catch by @OfficialAbhi04 ????
— BCCI (@BCCI) September 13, 2026
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टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तीसरे भारतीय बने जसप्रीत बुमराह
इस शानदार विकेट के साथ ही बुमराह ने टी20 क्रिकेट में बड़ा कीर्तिमान बना दिया है. बुमराह का यह ओवरऑल टी20 करियर का 350वां विकेट था. इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचते ही वह युजवेंद्र चहल और भुवनेश्वर कुमार के बाद टी20 क्रिकेट में 350 विकेट चटकाने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं.
JASPRIT BUMRAH COMPLETE 350 WICKETS IN T20s ????????????
— Johns. (@CricCrazyJohns) September 13, 2026
- He achieved the milestone with an Economy Rate under 7, Unreal in shorter format, Greatest ever. pic.twitter.com/0lvkG4Wjg7
टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों की लिस्ट में लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल टॉप पर काबिज हैं. युजी ने टी20 क्रिकेट में कुल 396 विकेट हासिल किए हैं. उनके बाद अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का नाम आता है. भुवी ने 353 विकेट लेकर दूसरे स्थान पर हैं. जबकि अब जसप्रीत बुमराह 350 विकेटों के साथ अब तीसरे पायदान पर पहुंच गए हैं. वहीं इस लिस्ट में पूर्व स्पिनर पीयूष चावला 329 विकेट के साथ चौथे और रविचंद्रन अश्विन 322 विकेट चटकाकर पांचवें स्थान पर मौजूद हैं.
THE GOAT DOING GOAT THINGS ????????
— SAHIL NAGPAL (@Pavilionpulse) September 13, 2026
Jasprit Bumrah with a wicket in the very first over.
The legend is simply doing what he’s known for. Greatest of the Decade. ????????????#Jaspritbumrah #INDvsAFG #INDvsSL #Asiacup #T20cricket pic.twitter.com/geOhu7FTrB
टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने वाले भारतीय खिलाड़ी
युजवेंद्र चहल - 396 विकेट
भुवनेश्वर कुमार - 353 विकेट
जसप्रीत बुमराह - 350 विकेट
पीयूष चावला - 329 विकेट
रविचंद्रन अश्विन - 322 विकेट
अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जा रही इस टी20 सीरीज में स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. इसके पीछे की बड़ी वजह टीम इंडिया का आगामी व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल है, जिसमें बुमराह की मौजूदगी भारतीय टीम के लिए बेहद जरूरी है. खासकर इस साल के आखिर में होने वाले न्यूजीलैंड दौरे को देखते हुए बुमराह का पूरी तरह फिट रहना सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वहां की परिस्थितियों में वह टीम के सबसे बड़े मैच विनर साबित हो सकते हैं.
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ग्रेटर ब्रिक्स का मास्टर प्लान लेकर आए चिनफिंग, अमेरिका और यूरोप को खरी-खरी सुनाकर किए 5 बड़े एलान
BRICS Summit 2026: वैश्विक मंच पर शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है और विकासशील देश अब अपनी आवाज खुलकर उठाने लगे हैं. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मंच से चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दुनिया की पुरानी व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अब मनमानी और ताकत के दम पर नियम थोपने का दौर पूरी तरह समाप्त हो चुका है. पश्चिमी देशों की नीतियों की ओर सीधा इशारा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में किसी भी देश को छोटा या कमजोर समझकर दबाया नहीं जा सकता है. चिनफिंग ने दुनिया के सामने ग्रेटर ब्रिक्स का नया विचार रखा, जिसका मकसद विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक मजबूत मंच प्रदान करना है.
ताकत के बल पर नियम थोपने की नीति का विरोध
अपने संबोधन के दौरान चीनी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अब ताकत ही सब कुछ है वाली पुरानी सोच की कोई जगह नहीं बची है. उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी बड़ी शक्तियों ने कमजोर देशों पर अपनी मर्जी थोपने की कोशिश की है, दुनिया में अशांति ही फैली है. अब समय आ गया है कि इस संकीर्ण मानसिकता को हमेशा के लिए त्याग दिया जाए. दुनिया का कोई भी देश चाहे क्षेत्रफल में कितना भी छोटा हो, उसकी सेना कितनी भी सीमित हो या उसकी अर्थव्यवस्था का आकार कुछ भी हो, वैश्विक बिरादरी में उसे पूरी संप्रभु समानता मिलनी ही चाहिए. किसी भी मुल्क के अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी बंद होनी चाहिए और सभी आपसी विवादों को केवल बातचीत के जरिए ही सुलझाया जाना चाहिए.
उभरती अर्थव्यवस्थाओं की ताकत और बदलता परिदृश्य
चिनफिंग ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को बेहद नाजुक, अस्थिर और अनिश्चितताओं से भरा हुआ करार दिया. उनका मानना है कि दुनिया इस समय बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है जहां पुराने नियम टूट रहे हैं और नए नियम गढ़े जा रहे हैं. ऐसे मुश्किल वक्त में ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों का उभार पूरी दुनिया को बहुध्रुवीय बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम साबित हो रहा है. उन्होंने ब्रिक्स देशों का आह्वान किया कि वे दुनिया में अमन, शांति और स्थिरता लाने के लिए आगे आएं. जब विकासशील देश कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे, तभी वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सकारात्मक बदलाव ला सकेंगे और पूरी मानव जाति के भले के लिए एक न्यायपूर्ण व्यवस्था का निर्माण कर पाएंगे.
दोहरे मापदंडों पर चलाए तीखे तीर
अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उपयोग को लेकर भी चीनी राष्ट्रपति ने पश्चिमी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि नियम कायदे सभी देशों पर एक समान रूप से लागू होने चाहिए. जब बात अपने हितों की आती है तो बड़े देश अलग रुख अपनाते हैं और दूसरों के लिए अलग पैमाना तय करते हैं. यह दोहरा मापदंड अब चलने वाला नहीं है. ग्लोबल साउथ के देशों को एकजुट होकर एक ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बनानी होगी जहां कानून का राज सबके लिए बराबर हो. अंतरराष्ट्रीय नियम किसी एक समूह या देश की जागीर नहीं हैं, बल्कि यह पूरी दुनिया की साझी संपत्ति हैं जिनका सम्मान हर हाल में किया जाना जरूरी है.
तकनीक और उद्योग के लिए पांच ऐतिहासिक पहल
ग्लोबल साउथ को केवल राजनीतिक रूप से ही नहीं बल्कि तकनीकी और आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनाने के लिए चिनफिंग ने पांच बड़ी पहलों का एलान किया. इन योजनाओं के जरिए ब्रिक्स देशों के बीच आपसी तालमेल को बिल्कुल नए स्तर पर ले जाने की तैयारी है. इसमें सबसे बड़ा कदम ब्रिक्स एआई ओपन-सोर्स कम्युनिटी की शुरुआत करना है, जिसकी अगुवाई चीन करेगा. इसके जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बड़े मॉडल्स के विकास और नई तकनीकों के प्रशिक्षण को सभी साझेदार देशों के लिए सुलभ बनाया जाएगा, जिससे आधुनिक तकनीक पर किसी एक देश का एकाधिकार खत्म हो सके.
डिजिटल कौशल और आधुनिक फैक्ट्रियों का निर्माण
इसके साथ ही व्यापार और उद्योग को नई गति देने के लिए ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी की शुरुआत की जा रही है. इस कदम से सदस्य देशों के बीच व्यापारिक बाधाएं दूर होंगी और नया निवेश आकर्षित करना आसान हो जाएगा. डिजिटल दुनिया में अपनी धाक जमाने के लिए ब्रिक्स डिजिटल इकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफॉर्म भी तैयार किया जाएगा, ताकि युवाओं के हुनर को निखारा जा सके. इसके अलावा पारंपरिक कारखानों को बदलकर स्मार्ट फैक्ट्रियों में बदलने और उद्योगों के आधुनिकीकरण में चीन सहयोग देगा. वहीं कुशल कामगारों के लिए ब्रिक्स इंजीनियर प्रशिक्षण गठबंधन बनेगा, जिससे सदस्य देशों के इंजीनियरों की योग्यता को दुनिया भर में सम्मान और नई पहचान मिल सकेगी. चिनफिंग का यह पूरा विजन ब्रिक्स को एक आर्थिक ताकत के साथ तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में बढ़ाया गया कदम है.
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