ट्रंप ने धमकाया, भारत तुरंत हरकत में आया, ईरान में लिया बड़ा एक्शन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले वेनेजुएला में तबाही मचाते हैं। उसके बाद दूसरे देशों को धमकी देते हैं। ट्रंप की धमकी की सूची में ईरान भी टॉप पर है और ईरान को बर्बाद करने की धमकी लगातार ट्रंप दे रहे हैं। ईरान को लेकर अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हम ईरान को बहुत बुरा मारेंगे। इसके पहले भी प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार के कथित आरोप को लेकर अमेरिका ने कहा था कि हम पूरी तरह से तैयार और लोडेड बैठे हैं। कभी भी भारी हमला करेंगे। इसको लेकर लगातार अब कई तरह के बवाल होने लगे हैं। वहीं भारत भी इस तरह की धमकी के बाद एक्शन में आ गया है।
इसे भी पढ़ें: वेनेजुएला के बाद ईरान में घुसने वाला है अमेरिका? भारत ने जारी की क्या एडवाइजरी
ईरान में सुप्रीम लीडर आया खमनई के खिलाफ जो जारी विरोध प्रदर्शन है वो लगातार हिंसक होता जा रहा है। बताया जा रहा है कि झड़पों में अब तक कई मौतें हो चुकी हैं। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए ईरान को लेकर कई तरह के बयान जारी किए हैं। जिसमें काफी अहम एडवाइज़री है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वह अगले आदेश तक ईरान की गैर जरूरी यात्रा से बचें। मंत्रालय ने कहा है कि जो भारतीय नागरिक और पीओआई पहले से ईरान में मौजूद हैं, वह पूरी सावधानी बरतें। विरोध प्रदर्शन या भीड़ वाले इलाके से दूर रहें और स्थानीय हालात पर नजर बनाए रखें।
इसे भी पढ़ें: अब इन 5 देशों पर टूट पड़ेगा अमेरिका, ट्रंप का प्लान आउट हो गया!
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों और पीआईओ (भारतीय मूल के व्यक्तियों) को उचित सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए और समाचारों के साथ-साथ तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट तथा सोशल मीडिया पर भी बारीकी से नजर रखनी चाहिए।’’ विदेश मंत्रालय ने ईरान में निवास वीजा पर रह रहे भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि अगर उन्होंने दूतावास में पहले से पंजीकरण नहीं करवाया है तो वे अब इस काम को पूरा कर लें। बिगड़ती आर्थिक स्थिति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगभग नौ दिन पहले तेहरान में शुरू हुए थे। अब तक 31 में से लगभग 25 प्रांतों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं जिनमें 10 से अधिक लोग मारे गए हैं।
इसे भी पढ़ें: ईरान के जेन-जेड प्रदर्शनकारियों से अमेरिकी सहानुभूति के वैश्विक मायने
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी मुद्रा, रियाल के मूल्य में आई भारी गिरावट के कारण विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। पिछले सप्ताह, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने के खिलाफ चेतावनी दी थी। हाल के घटनाक्रम को देखते हुए, भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
Nicolas Maduro ने पहली कोर्ट पेशी जो कहा.. सबके होश उड़े!
वेनेजुला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस माधुर और उनकी पत्नी सिली अफ्लोरिस को न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेशी के लिए जाते समय माधुरों की फिर से ओपन परहेड करवाई गई। कोर्ट में जज के सामने माधुर ने बयान दे दिया है कि मैं निर्दोष हूं। मैं दोषी नहीं हूं। मैं एक नेक दिल इंसान हूं और प्रदेश का राष्ट्रपति हूं मैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका अपहरण किया गया है। वहीं इस मामले की अगली सुनवाई अब 17 मार्च को होगी। दरअसल, पद से हटाए गए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरी को अमेरिकी अदालत में पहली बार पेशी के लिए लाया गया। उन पर नार्को आतंकवाद के आरोप लगाए गए है।
इसे भी पढ़ें: Nicolas Maduro का भारत कनेक्शन! सत्य साईं बाबा के भक्त कैसे बने वेनेजुएला के राष्ट्रपति?
मादुरो और उनकी पत्नी तड़के ब्रकलिन जेल से सशस्त्र सुरक्षा में मैनहटन की अदालत ले जाया गया। यात्रा तेज रही। सुबह करीब 7:15 बजे मादुरो को लेकर मोटरकेट नेल से निकला और पास के एक खेल मैदान तक पहुंच, नहीं वह धीरे-धीरे हेलिकॉप्टर तक गए। हेलिकॉप्टर न्यू यॉर्क हार्बर पार कर मैनहटन के हेलिपोर्ट पर उतरा। चहां से मादुरो को एक बख्तरबंद गाड़ी में बैठाया गया। वह लंगड़ाते हुए चल रहे थे। इसके कुछ ही मिनट बाद कानून प्रवर्तन गाड़ियों का काफिला अदालत परिसर के में पहुंचा। मादुरो ने अमेरिकी अदालत में खुद को अपने देश का राष्ट्रपति बताते हुए गिरफ्तारी का विरोध किया। जब जज ने उनसे आरोपों पर नवाब मांगा, तो मादुरो ने कहा, 'मैं निदर्दोष हूं। मैंने कोई अपराध नहीं किच। मैं एक सभ्य व्यक्ति हूं अपने देश का राष्ट्रपति हूं। मुझे पकड़ा गया है। मादुरो और उनकी पत्नी को न्यू यॉर्क की बुकलिन जेल में रखा गया है।
वेनेजुएला में 80 की जान गई
क्यूबा की सरकार ने रविवार को पहली बार आधिकारिक तौर पर माना कि कि वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान उसके 32 अधिकारी मारे गए है। न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद वेनेजुएला में 80 लोगों की मौत हुई। क्यूबा के सरकारी टेलीविजन पर रविवार रात जारी एक बयान के अनुसार देश के सैन्य और पुलिस अधिकारी एक अभियान पर थे और यह अभियान वेनेजुएला की सरकार के अनुरोध पर अंजाम दिया जा रहा था। हालांकि, बयान में यह साफ नहीं किया गया है कि क्यूबाई अधिकारी वेनेजुएला में किस अभियान में थे। क्यूबा, वेनेजुएला का सहयोगी देश है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi




















