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BRICS में Xi Jinping ने रखा 5-सूत्रीय सहयोग प्रस्ताव, Global South की मजबूती पर दिया जोर

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रविवार को कहा कि ब्रिक्स को आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित रखने और एक बड़ा एकीकृत बाजार बनाने के लिए उभरते बाजारों और ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ अपने करीबी रिश्तों का लाभ उठाना चाहिए। चिनफिंग ने व्यापार, विनिर्माण, निवेश और प्राद्योगिकी में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए पांच-सूत्रीय पहल का प्रस्ताव भी रखा। चिनफिंग ने दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आखिरी सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ को अंतरराष्ट्रीय मामलों में कानून के शासन की मिलकर रक्षा करनी चाहिए, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी नियमों - जैसे संप्रभु समानता और आंतरिक मामलों में दखल न देना - को सुरक्षित रखना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की दिशा में काम करना चाहिए।

ब्रिक्स 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है जो दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी और 40 प्रतिशत वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का प्रतिनिधित्व करता है। सम्मेलन का समापन सभी प्रमुख सदस्य देशों द्वारा मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर वैश्विक शासन और व्यापार ढांचे के आह्वान के साथ हुआ। चीन अगले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

चिनफिंग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए संगठन के सदस्य देशों के नेताओं से ‘‘ग्लोबल साउथ के लिए एकता के जरिए मजबूती का एक नया अध्याय’’ लिखने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और रेखांकित किया कि ‘जिसकी लाठी उसी की भैंस’ वाली सोच को बहुत पहले ही त्याग दिया जाना चाहिए था। ‘ग्लोबल साउथ’ का संदर्भ विकासशील और अल्प विकसित देशों के संदर्भ में किया जाता है जिनमें से अधिकतर दक्षिणी गोलार्ध में अवस्थित हैं। चिनफिंग ने कहा, ‘‘बिना नियमों वाली दुनिया वैसी ही है जैसे बिना ट्रैफिक लाइट वाला चौराहा, जहां अफरा-तफरी और अव्यवस्था लगभग तय है।

निष्पक्षता और न्याय सार्वभौमिक अकांक्षा है, और अंतरराष्ट्रीय नियम सभी देशों को मिलकर बनाने चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय नियम सभी पर लागू हों। चीन के राष्ट्रपति ने कानून आधारित विश्व के संदर्भ में ‘दोहरे मापदंडों’ को छोड़ने की जरूरत बताया। उनकी इन टिप्पणियों को पश्चिमी ताकतों की ओर इशारा माना जा रहा है।

चिनफिंग ने कहा, ‘‘सभी देश, चाहे उनका आकार, ताकत या संपन्नता कुछ भी हो, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समान सदस्य हैं।’’ उन्होंने भू-राजनीतिक उथल-पुथल के कारण विकासशील देशों के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की। चिनफिंग ने कहा, ‘‘हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब दुनिया भर में ऐसी तब्दीलियां तेजी से हो रही हैं, जो पिछले एक सदी में नहीं देखी गईं। ‘ग्लोबल साउथ’ अपनी सामूहिक तरक्की के साथ दुनिया में बहुध्रुवीयता का एक अहम कारक बन गया है।’’ चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय माहौल ‘‘अस्थिर है और जोखिमों व चुनौतियों से भरा है’’।

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में स्थिरता लाने और इसे बेहतर जगह बनाने के लिए, ब्रिक्स देशों को ऐतिहासिक पहल करनी चाहिए, ‘ग्लोबल साउथ’ को एकजुट करना चाहिए, अंतरराष्ट्रीय मामलों में एक सक्रिय, स्थिरता लाने वाली और सकारात्मक ताकत बनना चाहिए, और पूरी मानवता की भलाई के लिए काम करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ग्लोबल साउथ के देशों को बहुपक्षवाद का झंडा बुलंद रखना चाहिए, संयुक्त राष्ट्र के अधिकार और भूमिका को बनाए रखना चाहिए, सुधार लाने और कार्यक्षमता बढ़ाने में बहुपक्षीय संस्थाओं का समर्थन करना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सभी देशों की समान भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।’’ चीन के राष्ट्रपति ने विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे में सुधार का भी आह्वान किया। चिनफिंग ने ब्रिक्स सहयोग को बढ़ाने के लिए पांच-सूत्रीय पहल का प्रस्ताव किया जो एक समावेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ढांचा बनाने, व्यापार और निवेश को सुलभ बनाने, डिजिटल उद्योग के संबंधों को मजबूत करने, ‘इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग’ को आगे बढ़ाने और विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के विकास के लिए एक संयुक्त पहल पर केंद्रित है। उन्होंने पहली पहल के बारे में कहा कि चीन ब्रिक्स-‘एआई ओपन सोर्स कम्युनिटी बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

इसका उद्देश्य ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल’ को विकसित करने और उनके इस्तेमाल में सहयोग को बढ़ावा देना, विशेषकर एआई संगोष्ठी और प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित करना और एक मुक्त एआई पारिस्थितिकी तैयार करना है। चिनफिंग ने व्यापार और निवेश को सुलभ बनाने की दूसरे पहल के संदर्भ में कहा कि चीन ब्रिक्स विशेष आर्थिक जोन साझेदारी स्थापित करने का प्रस्ताव करता है, जिसके तहत देश एक ‘इंटेलिजेंट पोर्टल’ बना सकते हैं, नीतियों में समन्वय बिठा सकते हैं और सभी के विकास के लिए एक नया रास्ता तैयार कर सकते हैं। चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि तीसरी पहल डिजिटल उद्योग के क्षेत्र में होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘चीन ब्रिक्स डिजिटल पारिस्थितिकी क्लाउड मंच बनाने पर जोर देगा और डिजिटल कौशल विकास प्रशिक्षण, तकनीकी आदान-प्रदान और औद्योगिक तालमेल जैसे काम करेगा, ताकि मिलकर डिजिटल अर्थव्यवस्था का विकास किया जा सके।’’ चिनफिंग ने कहा कि चौथा कदम उच्च प्रौद्योगिकी से युक्त विनिर्माण में सहयोग बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘चीन स्मार्ट कारखानें बनाने और मानक एवं नियम विकसित करने में ब्रिक्स के सदस्य देशों की मदद करने, और साथ मिलकर विनिर्माण में बदलाव और उसे बेहतर बनाने को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।’’ चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि पांचवीं पहल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में होगी। उन्होंने कहा, ‘‘चीन अभियंताओं के संयुक्त प्रशिक्षण और योग्यता मानकों की आपसी मान्यता के लिए एक ‘ब्रिक्स इंजीनियर प्रशिक्षण गठबंधन’ बनाने का प्रस्ताव रखता है।

चीन वैज्ञानिक और तकनीकी नवोन्मेष के लिए एक ‘ब्रिक्स युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम’ भी शुरू करेगा, ताकि उच्च क्षमता वाले और मेधावियों को तैयार किया जा सके।

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इंदौर में Rahul Gandhi के कार्यक्रम को जगह नहीं मिली तो सड़क पर होगा: Jitu Patwari

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को ‘गैर राजनीतिक आयोजन’ बताते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को कहा कि अगर प्रस्तावित मैदान पर इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई, तो यह आयोजन सड़क पर किया जाएगा। पटवारी ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘छात्रों की गूंज एक गैर राजनीतिक कार्यक्रम है। इसे किसी भी दृष्टि से राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन, पुलिस या अन्य किसी भी विभाग से अनुमति लेनी होगी, तो कांग्रेस नियमानुसार यह मंजूरी लेगी।

पटवारी ने कहा, ‘‘यदि हमें अनुमति नहीं दी गई, तो हम यह कार्यक्रम सड़क पर करेंगे।’’ कांग्रेस ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए शहर के रीजनल पार्क के सामने करीब 12,000 वर्ग मीटर में फैले मैदान के तीन दिन के अस्थायी पट्टे के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के खाते में 10.08 लाख रुपये जमा कराए हैं। फिलहाल प्रमुख विपक्षी दल को इस आयोजन की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है और इसकी सरकारी प्रक्रिया जारी है। पटवारी ने कहा, ‘‘अगर हमसे इस आयोजन के लिए 10 करोड़ रुपये भी मांगे जाते, तो हमारे कार्यकर्ता किसी भी तरह यह राशि जुटाते क्योंकि शिक्षा की सुरक्षा का संघर्ष देश की आजादी की लड़ाई की तरह है।’’ उन्होंने दावा किया कि जब अटल बिहारी वाजपेयी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष थे, तब प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार इंदौर में उनके कार्यक्रमों को निशुल्क अनुमति देती थी।

पटवारी ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम के प्रति सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सोच अगर अनुचित है, तो यह स्थिति देश की राजनीति के लिए ठीक नहीं है। कांग्रेस ने शुरुआत में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के आयोजन के लिए शहर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम की अनुमति मांगी थी, लेकिन मंजूरी नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम की तारीख 12 सितंबर से बदलकर 19 सितंबर कर दी गई। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के एक पुराने आदेश के तहत यह स्टेडियम सिर्फ खेलकूद या राज्यस्तरीय शासकीय आयोजनों के लिए ही दिया जा सकता है।

‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस का विद्यार्थी-संवाद अभियान है जिसके जरिये राहुल गांधी प्रश्नपत्र लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठा रहे हैं। इस अभियान के तहत अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। पटवारी ने आगाह किया कि भोपाल और इंदौर के विकास का ‘मास्टर प्लान’ अगर तीन महीने में घोषित नहीं किया गया, तो कांग्रेस 50,000 कार्यकर्ताओं के साथ इंदौर से भोपाल कूच करेगी और मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के लिए उनके घर पहुंचेगी।

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  Sports

 Women’s Asia Cup 2026: 8वीं बार चैंपियन बना भारत, मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार, टीम ने सेरेमनी से बनाई दूरी 

महिला एशिया कप 2026: दुबई में श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में शामिल नहीं हुई। फाइनल के बाद मंच पर एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी मौजूद थे। हालांकि, भारतीय खिलाड़ी मेडल और ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं पहुंचीं।

फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 183/5 रन बनाए। शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दी। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को 111 रन पर ऑलआउट कर दिया। भारत ने मुकाबला 72 रन से जीतकर महिला एशिया कप के इतिहास में अपना आठवां खिताब दर्ज किया।

हालांकि, खिताबी जीत के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी का दृश्य चर्चा का विषय बन गया। मंच पर श्रीलंकाई खिलाड़ियों को उपविजेता पदक और पुरस्कार दिए गए, जबकि भारतीय टीम सेरेमनी में नजर नहीं आई। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

भारतीय टीम के इस फैसले को 2025 पुरुष एशिया कप फाइनल की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। उस दौरान भी भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। मौजूदा मामले में भी नकवी की मौजूदगी और टीम के सेरेमनी से दूर रहने को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन सेरेमनी का यह दृश्य चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। हालांकि, भारतीय टीम के सेरेमनी में शामिल नहीं होने की आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में मोहसिन नकवी की मौजूदगी को इस फैसले का कारण मानने के बजाय इसे फिलहाल सामने आए घटनाक्रम और संदर्भ के तौर पर देखना उचित होगा।

भारत की ऐतिहासिक जीत के बीच ट्रॉफी सेरेमनी का यह दृश्य अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में है।

Mon, 14 Sep 2026 01:33:47 +0530

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