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Balaghat में 30 से अधिक बच्चों की मौत पर कॉजपा प्रमुख Abhijeet Deepke ने ‘छद्म इस्तीफे’ से साधा निशाना

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर रविवार को मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार पर तंज कसा। दीपके ने ‘एक्स’ पर एक व्यंग्यात्मक पत्र साझा किया जिसमें उन्होंने ‘मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री’ पद से अपने ‘‘इस्तीफे’’ की घोषणा की। मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल को 13 अगस्त को लिखे पत्र में दीपके ने कहा है कि वह इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि बालाघाट में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत के बाद ‘‘मेरी अंतरात्मा मुझे इस कुर्सी पर बने रहने की अनुमति नहीं देती।’’ दीपके ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘‘मध्यप्रदेश के लोगों की सेवा करने का अवसर’’ देने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह एक ऐसा अवसर था जिसका अधिकतम लाभ उठाने में वह ‘‘स्पष्ट रूप से विफल’’ रहे हैं।

व्यंग्यात्मक पत्र में बालाघाट के मामलों से निपटने के सरकार के तरीके पर निशाना साधा गया है, विशेष रूप से पीड़ित परिवारों के लिए घोषित मुआवजे पर। दीपके ने यह भी सवाल किया कि अगर ये मंत्रियों या विधायकों के बच्चे होते तो क्या 24 लाख रुपये का मुआवजा पर्याप्त था। बालाघाट के अतिरिक्त जिलाधिकारी डीपी बर्मन के मुताबिक, 24 मृत बच्चों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये दिए गए हैं, जबकि अन्य को सहायता देने की प्रक्रिया जारी है।

पत्र में दीपके ने कहा कि बच्चों की मौत उच्चतम स्तर पर जवाबदेही की मांग करती है। उन्होंने पत्र के जरिए नल से जल आपूर्ति योजना, शिक्षा और आदिवासी कल्याण पर सरकार के दावों को लेकर भी निशाना साधा है। दीपके ने कहा कि बालाघाट में कुछ आदिवासी परिवार अभी भी नदी के पानी पर निर्भर हैं और कई गांवों में कथित स्कूलों की स्थिति पशु आश्रयों से भी बदतर है।

उन्होंने राज्य में भाजपा नीत सरकार की विफलताओं को रेखांकित करने के लिए बिजली के बिना आदिवासी परिवारों, अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराधों और बच्चों में कुपोषण के सरकारी आंकड़ों का भी हवाला दिया। अपने ‘छद्म’ इस्तीफे के अंत में दीपके ने कहा कि उन्होंने ‘‘न केवल बालाघाट बल्कि पूरे राज्य के आदिवासियों को निराश किया है और इतने सारे मासूम बच्चों की मौत के बाद उन्हें विश्वास नहीं है कि उन्हें इस पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार है।’’ यह पोस्ट दीपके के बालाघाट में बीमारी प्रभावित गांवों के दौरे के एक दिन बाद आया है, जहां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के एक समूह के साथ टकराव के कारण परिवारों के साथ उनकी बातचीत बाधित हुई थी। इस सप्ताह की शुरुआत में, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ ने बालाघाट जिले में कथित रूप से संक्रामक रोगों के कारण 30 से अधिक बच्चों की मौत पर राज्य सरकार से जवाब मांगा था।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बालाघाट जिलाधिकारी और अन्य को नोटिस जारी किए। जनहित याचिका में बच्चों के लिए अपर्याप्त उपचार का आरोप लगाया गया और दावा किया गया कि 50 बिस्तरों की क्षमता वाले अस्पताल में लगभग 400 बच्चों का इलाज किया जा रहा है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में चापाकल से पीले रंग का पानी आ रहा है और बच्चों और महिलाओं को कई महीनों से समय पर पौष्टिक भोजन नहीं मिला है।

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PM Modi और Xi Jinping की Bilateral Meeting के बाद Congress हमलावर, Jairam Ramesh ने पूछे 4 गंभीर सवाल

कांग्रेस ने रविवार को चीन के बारे में मोदी सरकार के फैसलों और नीतियों की कड़ी आलोचना की। पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पड़ोसी देश पर "खतरनाक हद तक आर्थिक निर्भरता" बनने दी और "सोच-समझकर घुटने टेकने" जैसी स्थिति पैदा की। पार्टी नेता जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई सवाल पूछे। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की; शी जिनपिंग भारत की मेज़बानी में हुए ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने आए थे।

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राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक खत्म हो चुकी है, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चार सवाल हैं जिनके जवाब भारत लगातार जानना चाहता है। जयराम रमेश ने पूछा, उन्होंने सीमा पर घुसपैठ और 'ऑपरेशन सिंदूर' में चीन की भूमिका पर हमारी स्थिति को क्यों कमजोर किया, जबकि आर्थिक निर्भरता को खतरनाक स्तर तक बढ़ने दिया? उन्होंने आरोप लगाया कि गलवान झड़प के बाद तनाव के बीच जून 2020 में सीमा पर घुसपैठ के मामले में पीएम मोदी ने चीन को क्लीन चिट दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्वी लद्दाख के बड़े इलाकों में भारत के "पारंपरिक गश्त और पशु चराने के अधिकारों को चुपचाप लेकिन निश्चित रूप से छोड़ दिया गया है।

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रमेश ने अपने बयान में कहा इस बीच, अरुणाचल प्रदेश में चीन के अतिक्रमण की खबरें आई हैं, जिनमें भारत की पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक पहुंच खत्म होना और नए सिरे से तनाव पैदा होना शामिल है। अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन का रुख और सख्त हो गया है: वह कस्बों के नाम बदल रहा है, जिसे वह 'दक्षिण तिब्बत' कहता है उस पर अपना दावा फिर से जता रहा है, और ब्रह्मपुत्र के 'ग्रेट बेंड' पर 60,000 मेगावाट के मेडोग मेगा-डैम प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहा है - एक ऐसा प्रोजेक्ट जो हमारे पूरे पूर्वोत्तर की जल सुरक्षा पर उसे मज़बूत पकड़ देता है।" उन्होंने आरोप लगाया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान "पाकिस्तान को चीन के समर्थन" के मामले में भारत के रुख में "नरमी" आई है।

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SA vs NAM: ओपनर्स की ताबड़तोड़ बैटिंग, 22वें ओवर में ही जिता दिया तीसरा वनडे, साउथ अफ्रीका ने नामीबिया का किया सूपड़ा साफ

south africa vs namibia odi series: पहले कप्तान ब्योर्न फोर्टुइन की घातक गेंदबाजी से साउथ अफ्रीका ने नामीबिया को 156 रन पर समेटा. इसके बाद जॉर्डन हरमन और कॉनर एस्टरहाइजेन ने 150 रन की ओपनिंग साझेदारी कर मुकाबला एकतरफा बना दिया. तीसरा वनडे जीतने के साथ ही साउथ अफ्रीका ने नामीबिया का सीरीज में क्लीन स्वीप भी कर दिया. Sun, 13 Sep 2026 23:40:05 +0530

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