'मैं सुसाइड करने जा रहा हूं', एक्टर ने फेसबुक पर की हिला देने वाली पोस्ट, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
Vikas Samudre Facebook Post: मराठी फिल्म इंडस्ट्री से कान खड़े करने वाली खबर सामने आई है. एक्टर विकास समुद्रे (Actor Vikas Samudre) ने अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज से सुसाइड करने को लेकर पोस्ट कर दी. जब उनकी ये पोस्ट लोगों की नजरों में आई तो सब शॉक्ड रह गए और सोशल मीडिया पर उनकी ये पोस्ट तेजी से वायरल हो गई है. जिसके बाद लोगों को उनकी जान की परवाह होने लगी की, कहीं ये अपनी जान ना ले लें. लेकिन बाद में जब इस मामले की जानकारी मुंबई साइबर पुलिस तक पहुंची तो विभाग में भी हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने तुरंत इसकी जांच शुरू कर दी. लेकिन अंत में मामला कुछ और ही निकला. आइए पूरा बात समझते हैं.
'मैं सुसाइड करने जा रहा हूं'
दरअसल, विकास समुद्रे मराठी इंडस्ट्री में काम करते हैं, वह इस इंडस्ट्री में जाना-माना चेहरा है. शुक्रवार रात को उनकी फेसबुक आईडी से एक पोस्ट की गई है. जिसमें अंग्रेजी में साफ-साफ शब्दों में लिखा हुआ था, 'मैं सुसाइड करने जा रहा हूं'. जिसके बाद ये पोस्ट सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो गया. जब इस मामले की मुंबई साइबर पुलिस ने जांच की तो वह एक टाइपिंग मिस्टेक निकली. बताया जा रहा है कि मुंबई पुलिस कमिश्नर ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे.
एक घंटे बाद आई सच्चाई सामने
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को इस मामले की जानकारी शुक्रवार रात 11 बजे मिली थी. जिसके बाद साइबर लैब, पांच साइबर पुलिसकर्मियों और कंट्रोल रूम की टीम ने विकास को ट्रेस करना शुरू किया. करीब एक घंटे की कोशिश के बाद रात 12 बजे पुलिस ने उनकी लोकेशन का पता लगा लिया. जिसके बाद पुलिस ने अपने बयान में पुष्टि की कि विकास समुद्रे पूरी तरह सुरक्षित हैं. वहीं, एक्टर ने भी इस मामले में अपनी सफाई दी. उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि जो उन्होंने पोस्ट किया था, उसका मतलब वैसा नहीं था, जो लोगों ने समझ लिया था. उन्होंने कहा कि उनकी वह पोस्ट एक प्ले से जुड़े प्रोजेक्ट के सिलसिले में किया गया था और टाइपिंग की गलती की वजह से उसका मतलब कुछ और निकल गया.
विकास समुद्रे का वर्क फ्रंट जानिए
विकास समुद्रे के वर्क फ्रंट की बात करें तो वह मराठी इंडस्ट्री और थिएटर के एक जाने-माने एक्टर और शानदार कॉमेडियन हैं. उन्होंने साल 2004 में आई सुपरहिट फिल्म 'नवरा माझा नवसाचा' से अपनी एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में उनके 'चिपळूणकर बस यात्री' के किरदार को लोगों ने खूब पसंद किया था. इसके अलावा, उन्होंने 'अदला बदली' (2008), 'अगड्बम' (2010), 'ज़कास' (2011), 'पिपानी' (2012) और 'छंद प्रितिचा' (2017) जैसी कई बेहतरीन मराठी फिल्मों में काम कर रखा है.
इतना ही नहीं उन्होंने 'पैचान कौन' जैसे पॉपुलर प्ले में अपनी कॉमिक टाइमिंग से लोगों को खूब हंसाया है. उन्होंने छोटे पर्दे पर भी काम किया है. जिसमें 'फु बाई फु' और 'कॉमेडी एक्सप्रेस' जैसे रियिलटी शो शामिल हैं, इससे उन्हें घर-घर में पहचान मिली थी. साल 2017-18 उनके लिए बेहद खराब रहा क्योंकि उन्हें गंभीर ब्रेन हैमरेज का सामना करना पड़ा था. लेकिन उन्होंने इससे उबरने के बाद दोबारा काम करना शुरू कर दिया था.
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यूपी सरकार ने परिषदीय स्कूलों में निगरानी और चाइल्ड ट्रैकिंग को दी रफ्तार, 6.55 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में बच्चों से जुड़ी सूचनाओं की निगरानी, विद्यालयी प्रबंधन और शैक्षिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. इस क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए एमआईएस (यू-डायस प्लस) और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के प्रभावी संचालन एवं उपयोग को लेकर 6.55 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को धनराशि के उपयोग और निगरानी के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.
स्कूल प्रबंधन अधिक जवाबदेह होगा
ज्ञात हो कि इस व्यवस्था के माध्यम से योगी सरकार विद्यालयी आंकड़ों को अधिक व्यवस्थित, बच्चों की शैक्षिक प्रगति की निगरानी को अधिक प्रभावी तथा स्कूल प्रबंधन को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में डिजिटल प्रणालियों के उपयोग को मजबूत कर रही है. निर्देशों के अनुसार कुल 655.01 लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है. इसमें एमआईएस (यू-डायस प्लस) के लिए 262.00 लाख रुपये तथा चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के लिए 393.01 लाख रुपये शामिल हैं.
व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
यह धनराशि विद्यालय स्तर पर एसएमसी के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों पर व्यय की जाएगी. निर्देशों में यू-डायस प्लस पर विद्यालयों एवं विद्यार्थियों से संबंधित आंकड़ों के संकलन और उनके उपयोग को महत्वपूर्ण माना गया है. साथ ही चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से बच्चों की शैक्षिक स्थिति पर नजर रखने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है. पत्र में अपार आईडी और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी की विशिष्ट पहचान के साथ उसकी शैक्षिक जानकारी को व्यवस्थित रूप से ट्रैक किया जा सके.
निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश
निर्देशों में जिला स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक धनराशि के उपयोग की निगरानी के लिए जिम्मेदारियां तय की गई हैं. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को एसएमसी स्तर पर हुए व्यय की प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्धारित पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार विद्यालयी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के साथ हर बच्चे की शैक्षिक प्रगति पर प्रभावी नजर सुनिश्चित कर रही है. एमआईएस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच्चों से जुड़ी जानकारी के बेहतर उपयोग को नई मजबूती मिलेगी.
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि एमआईएस, यू-डायस प्लस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए. अपार आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों की जानकारी को व्यवस्थित रूप से जोड़ते हुए एसएमसी स्तर पर स्वीकृत धनराशि का निर्धारित मद में पारदर्शी उपयोग और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो.
स्रोत: आईएएनएस
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