Maharashtra: Devendra Fadnavis से मिले Prince Rahim Aga Khan, विकास परियोजनाओं में सहयोग पर बनी सहमति
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को यहां प्रिंस रहीम आगा खान से मुलाकात की और उनके फाउंडेशन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आदिवासी कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में किये जा कार्यों के लिए सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। फडणवीस ने आगा खान पंचम के तौर पर राज्य की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर आए प्रिंस रहीम का स्वागत करते हुए आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (एकेडीएन) के साथ सार्वजनिक-निजी साझेदारी को बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र की तैयारी रेखांकित की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों में जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने के लिए नेटवर्क के प्रयासों की सराहना की और कहा कि जल संकट वाले क्षेत्रों में उनके कामों के उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य इन परियोजनाओं को बड़े इलाकों में लागू करने के लिए संगठन के साथ साझेदारी का इच्छुक है। फडणवीस ने कहा कि सरकार सार्वजनिक-निजी साझेदारी के जरिए जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने वाली पहलों को पूरा समर्थन देगी। यहां जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, बैठक में राज्य सरकार और एकेडीएन के बीच बातचीत के लिए एक संस्थागत व्यवस्था बनाने पर भी चर्चा हुई।
दोनों पक्ष इस व्यवस्था के जरिए अलग-अलग परियोजनाओं की समीक्षा करने और उनके विस्तार की संभावनाओं पर विचार करने के लिए सहमत हुए। विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में शहरी गर्मी को कम करने के लिए किए गए एक अध्ययन के बारे में फडणवीस को जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के शहरों के लिए हरित क्षेत्र में विस्तार, पर्यावरण के अनुकूल योजना बनाने और जलवायु से जुड़े कदमों को बढ़ावा देने वाली पहल लाभकारी होंगी।
विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्यमंत्री और प्रिंस रहीम के बीच हुई बैठक में बच्चों के लिए प्रस्तावित अस्पताल, बुज़ुर्गों के लिए विशेष अस्पताल, पुनर्वास केंद्र, और कौशल-आधारित स्वास्थ्य सेवा प्रशिक्षण व अनुसंधान सुविधाओं पर भी चर्चा की गई। विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रिंस रहीम ने राज्य में विकास की विभिन्न पहलों में सहयोग के अवसर देने के लिए फडणवीस का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह नेटवर्क राज्य सरकार के साथ मिलकर स्वास्थ्य, पर्यावरण, कौशल विकास और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर परियोजनाओं को लागू करने के लिए तैयार है।
Bihar Flood: 15 जिलों में 48 लाख से अधिक लोग प्रभावित, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बिहार में रविवार को 48 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित रहे, हालांकि अधिकतर नदियों का जलस्तर घटना शुरू हो गया है। हालांकि नदियों का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 48.35 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के अनुसार, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और अररिया सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि बिहार में सितंबर में अब तक 108.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 20 प्रतिशत अधिक है।
डीएमडी ने बताया कि कोसी नदी बलताड़ और कुरसेला में, बूढ़ी गंडक खगड़िया में, गंगा दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन श्रीपालपुर में, बागमती बेनीबाद में तथा घाघरा दरौली और गंगपुर सिसवन में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। विभाग ने बताया कि प्रशासन 1,251 सामुदायिक रसोई संचालित कर रहा है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में 13 राहत शिविर बनाए गए हैं। उसने बताया कि इन शिविरों में करीब 12,260 लोगों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की गई है।
उसने बताया कि लोगों को निकालने और उनके आवागमन के लिए करीब 1,790 नौकाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 27 टीम विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं।
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