आकांक्षा चमोला ने गौरव खन्ना से मांगी 10 करोड़ की एलिमनी? तलाक की खबरों के बीच देश छोड़ने को लेकर कही ये बात
Akanksha Chamola 10 crore Alimony Truth: टीवी एक्टर गौरव खन्ना (Gaurav Khanna) की पत्नी आकांक्षा चमोला (Akanksha Chamola) ने जब से रियलिटी शो लॉक अप 2 में खुलासा किया है कि वह गौरव खन्ना से तलाक ले रही हैं. उसके बाद से आकांक्षा चर्चा में बनी हुई हैं. उन्होंने शो में गौरव से तलाक लेने का ऐलान किया था, उनके इस खुलासे के बाद होस्ट से लेकर फैंस तक सब हैरान रह गए थे क्योंकि किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि दोनों तलाक लेना चाहते हैं. तलाक के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोल किया जाता रहा है, कई लोगों को कहना है कि उन्होंने गौरव को धोखा दिया है. इसके साथ ही ये भी दावा किया जा रहा है कि उन्होंने गौरव से 10 करोड़ रुपये की एलिमनी मांगी है. अब इन दावों की उन्होंने सच्चाई बताई है. इसके साथ ही ये भी जानते हैं कि उन्होंने देश छोड़ने को लेकर क्या बात कही है.
एलिमनी के दावे पर दिया दो टूक जवाब
आकांक्षा चमोला वैसे तो आए दिन अपने तलाक के मुद्दे और गौरव को लेकर बात करती नजर आती है. हालांकि, उन्होंने इस बार 10 करोड़ की एलिमनी के दावों पर भी चुप्पी तोड़ी है. आपको बता दें कि एक्ट्रेस ने इंटव्यू के दौरान इस दावों लेकर दो टूक शब्दों में कहा कि यदि उन्हें सच में इतनी रकम मिली होती, तो वो यहां बैठकर इंटरव्यू न दे रही होतीं.
तलाक की खबरों के बीच देश छोड़ने को लेकर कही ये बात
'मैशेबल इंडिया' संग बातचीत में आकांक्षा ने गौरव से 10 करोड़ की एलिमनी मांगने के दावे को खारिज करते हए कहा, 'अगर मांगा होता और अगर मिल गया होता तो मैं यहां क्यों बैठी होती? इसके आगे उन्होंने देश छोड़ने को लेकर कहा कि अगर उनके पास इतने पैसे होते वह देश छोड़कर चली जाती है. उन्होंने कहा, 'अगर सच में मेरे पास इतने पैसे होते तो मैं कब का यह देश छोड़कर चली गई होती.' उनका कहना है कि वह उन पैसों से दुनिया घूमतीं और अलग-अलग जगहों पर ट्रैवल करतीं.
मां बनने को लेकर कही ये बात
इसके आगे उन्होंने मां बनने के सवाल को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोगों की शादी के बाद बच्चे की चाह होती है लेकिन वह मां नहीं बन पा रही हैं. उन्होंने कहा, '99% लोग इसलिए शादी करते हैं, क्योंकि वे बच्चे चाहते हैं और परिवार को आगे बढ़ाना चाहते हैं, वरना आप शादी क्यों करेंगे? वह अपनी जगह गलत नहीं हैं.फिर 'बिग बॉस' हुआ और मुझे एहसास हुआ कि उन्हें इसकी बहुत ज्यादा जरूरत है और मैं उन्हें यह नहीं दे पा रही हूं. मैं उन्हें ऐसी स्थिति में नहीं डालना चाहती.'
एलिमनी की चर्चा कैसे शुरू हुई
दरअसल, हाल में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरी ने आकांक्षा और गौरव के तलाक को लेकर कमेंट किया था. उनका कहना था कि उन्हें यकीन है कि आकंक्षा गौरव से तालक के बाद कुछ न कुछ जरूर लेंगी. ओरी के इस कमेंट के बाद सोशल मीडिया पर 10 करोड़ रुपये का दावा किया जाने लगा. बहरहाल,अब आकांक्षा ने साफ कर दिया कि उन्होंने गौरव से किसी तरह की एलिमनी नहीं मांगी है और 10 करोड़ रुपये मांगने वाली बात भी गलत है.
2016 में की थी दोनों ने शादी
आकांक्षा चमोला और गौरव खन्ना ने साल 2016 में शादी की थी, बताया जाता है कि दोनों की पहली बार मुलाकात एक ऑडिशन के दौरान हुई थी, जिसके बाद दोनों को पहली नजर में ही एक दूसरे प्यार हो गया था. मुलाकात के कुछ ही महीनों बाद गौरव ने 24 नवंबर 2016 अपने होमटाउन कानपुर में आकांक्षा संग सात फेरे लिए. अब शादी के करीब 10 साल बाद दोनों का यह रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच चुका है.
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FSSAI के Packaged Food लेबलिंग प्रस्ताव का Orkla India ने किया समर्थन
प्रमुख पैकेटबंद खाद्य कंपनी ओर्कला इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) संजय शर्मा ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर सामने की ओर लेबल लगाने के प्रस्ताव का समर्थन किया है। शर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं को खरीदे जाने वाले उत्पादों की पोषण संबंधी जानकारी जानने का पूरा अधिकार है। उन्होंने पीटीआई-से कहा कि उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ने के साथ उन्हें अपने द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले खाद्य उत्पादों के बारे में अधिक जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे सोच-समझकर निर्णय ले सकें।
शर्मा ने बताया कि खाद्य उद्योग इस दिशा में एफएसएसएआई की पहल के साथ है। उन्होंने कहा कि उद्योग के लिए लेबल लगाने का सिद्धांत विवाद का विषय नहीं है, बल्कि प्रस्तावित लेबल का प्रारूप और उसे लागू करने का तरीका महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस संबंध में उद्योग ने एफएसएसएआई के समक्ष कई सुझाव और प्रस्तुतियां दी हैं।
उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को पैकबंद खाद्य पदार्थों पर चरणबद्ध तरीके से सामने की ओर पोषण लेबल लगाने का प्रस्ताव रखने वाले एफएसएसएआई से चिंता वाले पोषक तत्वों, वसा, चीनी और नमक से संबंधित प्रस्तावित लेबल पर और स्पष्टीकरण देने को कहा था। शर्मा ने कहा कि यह मामला फिलहाल उच्चतम न्यायालय में लंबित है और एफएसएसएआई अपनी सिफारिशें दे चुका है। उन्होंने कहा कि वह शीर्ष अदालत के अंतिम निर्णय को लेकर अनुमान नहीं लगाना चाहते।
हालांकि, शर्मा ने कहा कि इस तरह के नियमन के लिए एफएसएसएआई की सामान्य नियामकीय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। ओर्कला इंडिया के सीईओ ने कहा कि सामान्य प्रक्रिया के तहत पहले मसौदा जारी किया जाना चाहिए, फिर उद्योग, उपभोक्ता संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श किया जाना चाहिए तथा विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को भी इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। इसके बाद इसे कानून के रूप में अधिसूचित किया जाना चाहिए।
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