Gardening Tips: गमले के पौधे बार-बार हो रहे हैं पीले? इन चीजों से बनाएं देसी खाद, पौधे होंगे हरे-भरे
Gardening Tips: पौधों को हरा-भरा और स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ पानी देना ही काफी नहीं है। मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी होने पर पौधों की ग्रोथ रुक सकती है, पत्तियां पीली पड़ सकती हैं और पौधा कमजोर नजर आने लगता है। ऐसे में बाजार से महंगे फर्टिलाइजर खरीदने के बजाय घर में मौजूद कुछ चीजों से प्राकृतिक खाद तैयार की जा सकती है।
खास बात यह है कि इन देसी खाद को तैयार करने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत या किसी खास सामान की जरूरत नहीं पड़ती। किचन से निकलने वाले कुछ जैविक अवशेषों का सही तरीके से इस्तेमाल करके पौधों के लिए उपयोगी खाद तैयार की जा सकती है। हालांकि, खाद का इस्तेमाल पौधे की जरूरत और मिट्टी की स्थिति देखकर सीमित मात्रा में करना जरूरी है।
सब्जियों और फलों के छिलकों से बनाएं खाद
घर में निकलने वाले सब्जियों और फलों के छिलकों को सीधे फेंकने के बजाय कंपोस्ट बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर सूखी पत्तियों, मिट्टी और थोड़े जैविक कचरे के साथ एक डिब्बे या गमले में डालें।
इसे ढककर कुछ समय तक सड़ने दें और बीच-बीच में सामग्री को पलटते रहें। धीरे-धीरे यह सामग्री टूटकर कंपोस्ट में बदल जाएगी। तैयार कंपोस्ट को पौधे की मिट्टी में थोड़ी मात्रा में मिलाया जा सकता है।
सूखी पत्तियों से तैयार करें प्राकृतिक खाद
बगीचे में गिरने वाली सूखी पत्तियां भी बेकार नहीं हैं। इन्हें मिट्टी में मिलाकर या कंपोस्ट के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। सूखी पत्तियां धीरे-धीरे विघटित होकर मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाने में मदद करती हैं।
इन्हें छोटे टुकड़ों में करके गमले की मिट्टी में मिलाना बेहतर रहता है। इससे मिट्टी की संरचना और नमी बनाए रखने की क्षमता में भी मदद मिल सकती है।
वर्मी कंपोस्ट है पौधों के लिए अच्छा विकल्प
अगर आपके पास थोड़ी ज्यादा जगह है तो वर्मी कंपोस्ट भी तैयार किया जा सकता है। इसमें केंचुओं की मदद से जैविक कचरे को कंपोस्ट में बदला जाता है। इससे तैयार खाद पोषक तत्वों से भरपूर होती है और पौधों की मिट्टी के लिए उपयोगी हो सकती है।
हालांकि, वर्मी कंपोस्ट बनाते समय नमी, तापमान और जैविक सामग्री का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
खाद डालते समय रखें इन बातों का ध्यान
प्राकृतिक खाद होने का मतलब यह नहीं है कि इसे बहुत ज्यादा मात्रा में डाल दिया जाए। जरूरत से ज्यादा खाद पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए शुरुआत हमेशा कम मात्रा से करें।
ताजी रसोई की सामग्री सीधे गमले में डालने के बजाय उसे अच्छी तरह कंपोस्ट होने देना बेहतर है। साथ ही, फफूंद लगी, बदबूदार या ठीक से सड़ी हुई सामग्री को पौधे की मिट्टी में न डालें।
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लेखक: (कीर्ति)
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