BRICS 2026: 'मतभेदों को विवाद न बनने दें...', जिनपिंग के सामने पीएम मोदी ने रखी भारत की स्पष्ट नीति
PM Modi Xi Jinping bilateral meeting: दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने आपसी संबंधों, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और व्यापार से जुड़े तमाम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास के लिए सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
सीमा विवाद और समझौतों के पालन पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति के साथ चर्चा के दौरान इस बात को रेखांकित किया कि दोनों पक्षों को सीमा से जुड़े मुद्दों पर हुए 'मौजूदा समझौतों और समझ' का कड़ाई से पालन करना चाहिए। दोनों नेताओं ने यह भी प्रतिबद्धता जताई कि द्विपक्षीय संबंधों के समग्र राजनीतिक दृष्टिकोण और दोनों देशों के नागरिकों के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए सीमा विवाद का एक 'निष्पक्ष, तर्कसंगत और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान' निकाला जाना चाहिए। इसके अलावा, नेताओं ने माना कि दोनों देशों को क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों और चुनौतियों का सामना करने के लिए आपसी सहयोग के दायरे को लगातार बढ़ाना चाहिए।
व्यापारिक असंतुलन और बाजार पहुंच पर चर्चा
आर्थिक मोर्चे पर बात करते हुए पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने एक-दूसरे की चिंताओं को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसमें विशेष रूप से संरचनात्मक व्यापार असंतुलन (Structural trade imbalance), आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े मुद्दों का समाधान और दोनों देशों के बीच सार्थक एवं अनुमानित बाजार पहुंच (Predictable market access) को सुगम बनाना शामिल रहा।
विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई अपनी पिछली मुलाकात के बाद से भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हुई निरंतर प्रगति का स्वागत किया। साथ ही, इस बात पर भी जोर दिया गया कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखना चाहिए तथा आपसी मतभेदों को विवादों में नहीं बदलने देना चाहिए।
चीनी राष्ट्रपति का दिल्ली आगमन और उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दोपहर 12:25 बजे नई दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर उतरे। आधिकारिक चीनी मीडिया के अनुसार, उनके साथ पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य काई क्यू, विदेश मंत्री वांग यी और अधिकारियों, राजनयिकों, सुरक्षा तथा चिकित्सा कर्मचारियों समेत 67 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत की यात्रा की है।
हालांकि, चीनी सरकार द्वारा पुष्टि न की गई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन का कुल प्रतिनिधिमंडल 400 सदस्यों का था, जो साल 2019 में महाबलीपुरम में हुई मोदी-शी द्विपक्षीय शिखर वार्ता के समय आए प्रतिनिधिमंडल से दोगुना है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 'एक्स' पर पोस्ट कर चीनी राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया और बताया कि हवाई अड्डे पर राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उनकी अगवानी की।
दोनों देशों के बीच सुधरते कूटनीतिक और आवागमन के संबंध
ब्रिक्स के संयुक्त घोषणापत्र के जारी होने के बाद शिखर सम्मेलन के इतर यह द्विपक्षीय वार्ता बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। अधिकारियों का कहना था कि शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले उठाए गए सद्भावना कदमों के मद्देनजर ऐसी सकारात्मक बातचीत की उम्मीद पहले से ही थी। इससे पहले, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता के दौरान आठ सूत्रीय आम सहमति बनी थी। उल्लेखनीय है कि इसी कड़ी में साल 2025 में कैलाश मानसरोवर यात्रा को पुनर्जीवित किया गया था, और हाल ही में चीन साउदर्न एयरलाइंस ने 21 सितंबर से गुआंगज़ौ-नई दिल्ली रूट पर सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने की घोषणा की है।
US News: कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की महिला की गोली मारकर हत्या, महीनों से कर रहा था पीछा; आरोपी ने भी दी जान
Indian-origin woman killed California: अमेरिका के कैलिफोर्निया (California) के सेक्रामेंटो (Sacramento) में भारतीय मूल की 38 वर्षीय महिला शालिनी ठाकुर की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग (DHS) के अनुसार, यह सनसनीखेज घटना 8 सितंबर को सेक्रामेंटो के एक शॉपिंग सेंटर में स्थित एक रेस्टोरेंट के बाहर हुई।
आरोपी की पहचान भारत के ही रहने वाले 22 वर्षीय रोहित के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर पिछले कई महीनों से मृतका का पीछा (स्टॉकिंग) कर रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस के साथ हुई घेराबंदी के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
कार के पास घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग
डीएचएस (DHS) की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के वक्त रोहित ने सेक्रामेंटो में शालिनी ठाकुर को उनकी कार के पास घेर लिया। जब शालिनी ने वहां से भागने की कोशिश की, तो आरोपी ने कथित तौर पर उनका पीछा किया, हथियार निकाला और उन पर कई राउंड गोलियां चला दीं। गोली लगने के बाद शालिनी जमीन पर गिर गईं, जिसके बाद आरोपी ने बेहद करीब से उनके सिर में एक और गोली मार दी और अपनी गाड़ी से मौके से फरार हो गया।
चश्मदीदों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने तुरंत वाहन की तलाश शुरू की और ईस्टबाउंड हाईवे 50 के पास वॉट एवेन्यू के नजदीक आरोपी रोहित को घेर लिया। पुलिस के रोकने पर उसने नेशनल हाईवे पर ही गाड़ी रोक दी, जिससे घंटों तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। बाद में जब पुलिस ने कार्रवाई की, तो रोहित अपनी कार की ड्राइवर सीट पर मृत पाया गया। जांच में सामने आया कि उसने पुलिस कार्रवाई के डर से खुद को ही गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
जनवरी से कर रहा था परेशान, एयरटैग लगाकर रखी थी नजर
अधिकारियों और डीएचएस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी रोहित लंबे समय से शालिनी ठाकुर को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। यह सिलसिला कम से कम जनवरी 2026 से चल रहा था, जब शालिनी को अपनी कार के हुड के नीचे एक एप्पल एयरटैग (Apple AirTag) मिला था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने उनकी कार के टायर की हवा निकाल दी थी और अक्सर उनके काम पर पीछा करते हुए पहुंच जाता था ताकि वह ऐसा दिखा सके कि वह मदद करने आया है।
इसके अलावा, आरोपी ने कथित तौर पर शालिनी के अपार्टमेंट की चाबी की डुप्लीकेट कॉपी हासिल कर ली थी और उनके सोने के दौरान उनके घर में भी घुसपैठ की थी।
रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर भी नहीं आया काम, मई में हुई थी कानूनी शिकायत
इस मामले में मई महीने में एक रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर (Restraining Order) भी जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद आरोपी की हरकतों पर रोक नहीं लगी। सेक्रामेंटो काउंटी शेरिफ कार्यालय के अनुसार, मार्च में इस मामले की पहली शिकायत सामने आई थी, लेकिन तब शालिनी ने कोई आपराधिक मामला दर्ज कराने या रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर लेने से इनकार कर दिया था। हालांकि, मई में पुलिस के जोर देने पर उन्होंने कोर्ट में इसके लिए अर्जी दी थी।
कोर्ट की याचिका में शालिनी ने बताया था कि वह रोहित को एक डोरडैश (DoorDash) डिलीवरी ड्राइवर के रूप में जानती थीं, जो उनके घर के बाहर घंटों गाड़ी खड़ी रखता था और रोजाना बातचीत करने की कोशिश करता था। शेरिफ कार्यालय के प्रवक्ता सार्जेंट अमर गांधी ने बताया कि दोनों अलग-अलग नियोक्ताओं के लिए काम करते थे और पिछले दो वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे।
उन्होंने बताया कि जनवरी तक रोहित का व्यवहार बेहद चिंताजनक हो चुका था और उसे शालिनी को लेकर एक खतरनाक सनक सवार हो गई थी।
घटना से एक घंटे पहले मां से हुई थी बात
शालिनी ठाकुर की मां सुदेश कुमारी ने दुखद घटना को याद करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बेटी से 8 सितंबर को दोपहर करीब 2 बजे फोन पर बात की थी, जो गोलीबारी की घटना से महज एक घंटा पहले का समय था। मां के मुताबिक, शालिनी ने कहा था कि वह 15 मिनट बाद दोबारा कॉल करेंगी, लेकिन वह आखिरी बातचीत साबित हुई और उनकी तरफ से दोबारा कोई फोन नहीं आया। इसके बाद सेक्रामेंटो के शॉपिंग सेंटर में यह खौफनाक वारदात सामने आई, जहां आरोपी ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया।
अमेरिकी बॉर्डर पार कर 2023 में अमेरिका आया था आरोपी
अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग (DHS) के एक प्रवक्ता ने खुलासा किया कि आरोपी रोहित एक undocumented immigrant (अवैध अप्रवासी) था, जो साल 2023 में एरिज़ोना के रास्ते अमेरिका में दाखिल हुआ था। प्रवक्ता के अनुसार, उसे अमेरिकी सीमा गश्ती दल (Border Patrol) द्वारा पकड़ा गया था और बाद में जो बाइडेन प्रशासन के कार्यकाल के दौरान उसे रिहा कर दिया गया था। हालांकि, उसके कानूनी निवास की स्थिति से जुड़े सटीक विवरण तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
इस बीच, डोरडैश कंपनी ने कहा है कि वह शेरिफ कार्यालय की जांच में पूरा सहयोग कर रही है। कंपनी के प्रवक्ता ने इस पूरी घटना को एक भीषण त्रासदी करार देते हुए शालिनी ठाकुर के परिवार और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। फिलहाल हत्या, स्टॉकिंग के आरोपों और रोहित की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच अभी भी जारी है।
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