मध्य प्रदेश में 2 दिन तेज बारिश, आज 18 जिलों में ऑरेंज-येलो अलर्ट, धार-बड़वानी में सिस्टम का ज्यादा प्रभाव
मानसून की सक्रियता, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के असर से मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसका पश्चिमी हिस्से में ज्यादा असर रहेगा। आज, रविवार को 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
बड़वानी और धार में अति भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। इसके अलावा भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में रिमझिम का दौर बना रह सकता है। 15-16 सितंबर को बादल छाने के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।
रविवार को इन जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
बड़वानी, धार में अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट)
सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, अलीराजपुर, झाबुआ, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, मंदसौर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में भारी बारिश (येलो अलर्ट)
भोपाल-ग्वालियर और जबलपुर में कैसा रहेगा मौसम
भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, शाजापुर, आगर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर में झंझावात और वज्रपात, झोंकेदार हवाएं 30-40 किमी/घंटा चलने की संभावना है।
14 से 16 सितंबर तक ऐसा रहेगा मौसम
14 सितंबर, सोमवार
भारी बारिश: अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच
झंझावात और वज्रपात, झोंकेदार हवाएं 30-40 किमी/घंटा: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा
15-16 सितंबर (मंगलवार-बुधवार)
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। झंझावात और वज्रपात के साथ झोंकेदार हवाएं 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती है।
मध्य प्रदेश में अब भी कोटे से 7 % कम बारिश
1 जून से 12 सितंबर 2026 तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 7% बारिश कम हुई है। जून से अबतक पूर्वी मध्य प्रदेश में 1% और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 13% कम पानी गिरा है। इस सीजन में सबसे अधिक मऊगंज में 53 इंच और सबसे कम आलीराजपुर में सिर्फ 13.6 इंच बारिश हुई है।
अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। अन्य जिलों में औसत से भी कम पानी गिरा है।
क्या कहता है मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपल के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के इलाकों में एक मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा और दक्षिण छत्तीसगढ़ तथा विदर्भ (महाराष्ट्र) के ऊपर से होकर गुजरेगा। वर्तमान में मानसून की अक्षीय रेखा समुद्र तल पर जैसलमेर, राजगढ़, बैतुल से होते हुए दक्षिण छग के ऊपर बने निम्न दबाव के केंद्र से गुजर रही है। यहाँ से यह आगे गोपालपुर होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई करीब 1.5किमी तक दर्ज की गई है।
इसके अलावा दक्षिण कोंकण और उससे सटे पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर एक ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। यह समुद्र तल से 3.1 से 7.6 किमी की ऊंचाई के बीच सक्रिय है और दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है। उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर एक चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी की ऊंचाई पर बना हुआ है। इसके साथ ही मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं के स्तर पर एक ट्रफ बनी हुई है। इसके असर से 15-16 सितंबर तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
तीज के दिन गणपति की स्थापना! हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का अद्भुत संयोग
मध्य प्रदेश में 14 सितंबर को इस बार हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन मनाई जाएगी। तृतीया युक्त चतुर्थी का यह संयोग धार्मिक रूप से खास माना जा रहा है।
हरतालिका तीज पर महिलाएं व्रत और पूजा कर सुखी वैवाहिक जीवन, पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगी। वहीं, इसी दिन से 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत होगी। घरों और पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना के साथ अगले 10 दिनों तक पूजा-अर्चना का दौर चलेगा।
14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का संयोग
इस बार 14 सितंबर का दिन धार्मिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रहेगा। एक ही दिन हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी होने से सुबह से ही घरों में पूजा-पाठ का माहौल रहेगा। हरतालिका तीज मुख्य रूप से महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था।
गणेश चतुर्थी पर सुबह 11.30 बजे गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त
गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापना को विशेष महत्व दिया जाता है। 14 सितंबर को पार्थिव गणेश की स्थापना का शुभ समय सुबह 11.30 बजे रहेगा। इस दौरान मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना कर पूजा की जा सकती है। इस बार गणेश स्थापना ब्रह्म योग में होने की बात बताई गई है। धार्मिक मान्यता में ब्रह्म योग को शुभ माना जाता है।
गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन से क्यों बचते हैं?
गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखने से बचने की धार्मिक मान्यता भी है। इसके पीछे भगवान गणेश से जुड़ी एक पौराणिक कथा बताई जाती है। मान्यता के अनुसार, गणेशजी ने चंद्रमा को अहंकार के कारण शाप दिया था। इसी वजह से गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन को शुभ नहीं माना जाता।
10 दिनों में गणेशजी के 10 नामों की साधना
गणेशोत्सव के 10 दिनों को भगवान गणेश की साधना के लिए विशेष माना जाता है। धर्मशास्त्रीय मान्यता के अनुसार, इन दिनों गणेशजी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जा सकती है। भक्त प्रतिदिन भगवान गणेश को 21 दूर्वा और मोदक अर्पित करते हुए उनके 10 नामों का क्रम से जाप कर सकते हैं। इन नामों में गणाधिप, उमापुत्र, अघनाशन, विनायक, ईशपुत्र, सर्वसिद्धिप्रदायक, एकदंत, इभवक्र, मूषकवाहन और कुमारगुरु शामिल हैं।
Disclaimer: इस खबर में दिए गए शुभ मुहूर्त, धार्मिक मान्यताएं और पूजा से जुड़ी जानकारी विभिन्न धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता। पूजा या किसी धार्मिक अनुष्ठान से पहले संबंधित विशेषज्ञ या विद्वान से सलाह लें।
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