इसरो में 10वीं पास को नौकरी पाने का मौका, इतने पदों पर निकली भर्ती; 15 सितंबर से आवेदन शुरू
इस भर्ती अभियान के तहत कुल 22 पदों पर भर्तियां होनी हैं। आईपीआरसी ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान की शुरुआत यानी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू हो जाएगी। ऐसे में योग्य उम्मीदवार आवेदन प्रक्रिया को पूरा करके भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।
Hartalika Teej 2026: 14 सितंबर को तीज और गणेश चतुर्थी का महासंयोग, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत पारण का समय
Hartalika Teej 2026: इस साल 14 सितंबर का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास होने वाला है। इस दिन हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही तारीख पर मनाई जाएगी। एक ओर महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करेंगी, तो दूसरी ओर घरों में गणपति बप्पा की स्थापना कर विघ्नहर्ता की आराधना की जाएगी। दोनों पर्व एक साथ पड़ने से व्रत, पूजा और पारण के समय को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। आइए जानते हैं 14 सितंबर को किस समय कौन-सी पूजा करनी होगी और व्रत कब खोला जाएगा।
14 सितंबर 2026 को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का संयोग बन रहा है। दोनों पर्व एक ही दिन पड़ने के कारण इस बार पूजा की तैयारियों को लेकर विशेष ध्यान रखना होगा।
पंचांग के अनुसार, 14 सितंबर की सुबह 7:06 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। ऐसे में हरतालिका तीज की मुख्य पूजा तृतीया तिथि के दौरान करना शुभ माना जाता है।
सुबह करें हरतालिका तीज की पूजा
हरतालिका तीज को कठिन व्रतों में शामिल माना जाता है। कई महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और पूरे दिन अन्न और जल ग्रहण नहीं करतीं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है।
14 सितंबर को हरतालिका तीज पूजा का शुभ समय सुबह 6:05 बजे से 7:06 बजे तक बताया गया है। इस दौरान स्नान के बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा स्थल तैयार करें। इसके बाद मिट्टी या रेत से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाकर पूजा की जा सकती है।
माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करें और भगवान शिव को बेलपत्र, फूल व फल चढ़ाएं। पूजा के बाद हरतालिका तीज की कथा का पाठ या श्रवण करें और शिव-पार्वती से सुखी दांपत्य जीवन की कामना करें।
दोपहर में होगी गणपति स्थापना
हरतालिका तीज की सुबह की पूजा के बाद दोपहर में गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी। 14 सितंबर को गणपति स्थापना के लिए सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक शुभ समय बताया गया है।
इस दौरान घर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करें। गणपति बप्पा को दूर्वा, लाल फूल, मोदक और फल अर्पित किए जा सकते हैं। इसके बाद गणेश चतुर्थी की कथा का पाठ या श्रवण करें।
शाम को भी होगी शिव-पार्वती की पूजा
हरतालिका तीज की पूजा सुबह के बाद शाम को भी की जाती है। 14 सितंबर को शाम 6:28 बजे से 7:37 बजे तक शिव-पार्वती की पूजा का शुभ समय बताया गया है।
इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें और व्रत कथा सुनें। हरतालिका तीज पर रात में जागरण करने की भी परंपरा है। हालांकि, पूजा-विधि और मुहूर्त के लिए अपने क्षेत्र के पंचांग को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।
क्या दोनों व्रत अलग-अलग रखने होंगे?
14 सितंबर को दोनों पर्व एक ही दिन पड़ रहे हैं। ऐसे में जो महिलाएं हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखती हैं, उनके लिए उसी दिन गणेश चतुर्थी का व्रत भी साथ माना जा सकता है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार दोनों पर्व का संकल्प ले सकते हैं।
15 सितंबर को होगा व्रत का पारण
हरतालिका तीज का व्रत तृतीया तिथि समाप्त होते ही खोलने की परंपरा नहीं है। दिए गए पंचांग के अनुसार 15 सितंबर 2026 को सूर्योदय के बाद व्रत का पारण किया जाएगा। इसी के साथ गणेश चतुर्थी के व्रत का पारण भी किया जा सकता है।
इस तरह 14 सितंबर को तीज और गणेश चतुर्थी दोनों पर्व मनाए जाएंगे, जबकि व्रत रखने वाले श्रद्धालु अगले दिन यानी 15 सितंबर को सूर्योदय के बाद पारण करेंगे। स्थानीय पंचांग और परिवार की परंपरा के अनुसार समय में अंतर हो सकता है, इसलिए अपने शहर के पंचांग से अंतिम मुहूर्त जरूर मिला लें।
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