Responsive Scrollable Menu

ब्रश करते वक्त मसूड़ों से खून आता है? हार्ट मरीज भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत कराएं डेंटल चेकअप

दिल की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना पड़ता है. इसी के साथ दांतों और मसूड़ों की सफाई को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. डेंटिस्ट डॉ. मोईन खान के अनुसार, हार्ट मरीजों को समय-समय पर डेंटल चेकअप कराना चाहिए और मसूड़ों से खून आने जैसे लक्षणों को सामान्य समझकर छोड़ना नहीं चाहिए.

Continue reading on the app

Uttarakhand Elections 2027: रुद्रप्रयाग जिले का सियासी गणित आसान भाषा में

देवभूमि उत्तराखंड की पावन धारा पर बसा रुद्रप्रयाग केवल अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों के पवित्र संगम, केदारनाथ धाम की असीम आस्था, और 'पंच केदार' की अलौकिक आध्यात्मिक धरोहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिला गढ़वाल मंडल की राजनीति का एक अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक शक्ति केंद्र माना जाता है. जहां चमोली अपने सामरिक महत्व और पौड़ी अपने प्रशासनिक व राजनीतिक मिज़ाज के लिए जाना जाता है, वहीं रुद्रप्रयाग अपने समृद्ध धार्मिक आभामंडल, केदारघाटी के जन-आंदोलनों और चारधाम यात्रा के मुख्य द्वार होने के कारण प्रदेश के राजनीतिक पटल पर बेहद असरदार भूमिका निभाता है. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गढ़वाल के इस रणनीतिक रूप से अहम पर्वतीय जिले में भी राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं.

रुद्रप्रयाग न केवल उत्तराखंड का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है, बल्कि तीर्थाटन, साहसिक पर्यटन और स्थानीय हस्तशिल्प इसकी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं. केदारनाथ के उत्तुंग शिखरों से लेकर गुप्तकाशी और उखीमठ के पौराणिक आंचल तक, और अगस्त्यमुनि के कृषि बेल्ट से लेकर जखोली व सोनप्रयाग के ग्रामीण क्षेत्रों तक, रुद्रप्रयाग की जनता का हर राजनीतिक फैसला देहरादून की विधानसभा की राजनीति को गहराई से प्रभावित करता है. 

‘कुर्सी का काउंटडाउन’ की इस सीरीज में आज बात रुद्रप्रयाग जिले की...

रुद्रप्रयाग की राजनीति का मिज़ाज राज्य के अन्य मैदानी व पर्वतीय क्षेत्रों से काफी अलग है. 2 विधानसभा सीटों वाला यह जिला (रुद्रप्रयाग और केदारनाथ) भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद प्रतिष्ठित है. यहां चुनावी वैतरणी पार करने के लिए ऑल वेदर रोड निर्माण, पर्वतीय पलायन, स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाएं, आपदा प्रबंधन, स्थानीय रोजगार और केदारनाथ पुनर्निर्माण के साथ-साथ तीर्थ पुरोहितों व स्थानीय व्यापारियों का विश्वास हासिल करना बेहद निर्णायक सिद्ध होता है.

ऐतिहासिक रूप से रुद्रप्रयाग की राजनीति राज्य के सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई बड़े चेहरों की कर्मभूमि रही है. यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के बीच सीधा और तीखा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलता है, जबकि निर्दलीय और क्षेत्रीय ताकतें भी समीकरण बिगाड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं. दुर्गम पर्वतीय जनसांख्यिकी और केदारघाटी की विशिष्ट पहचान के कारण यहां आपदा के बाद का पुनर्वास, चारधाम यात्रा प्रबंधन, स्थानीय स्वरोजगार और पर्वतीय अवसंरचना हमेशा से चुनावी नतीजों की दिशा तय करता आया है.

यहाँ के सियासी मैदान में मुख्य मुद्दे केदारनाथ यात्रा से जुड़े स्थानीय आजीविका के साधन, स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, सड़कों व भू-धंसाव की समस्याएं, भू-कानून, और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के इर्द-गिर्द घूमते हैं. आखिर रुद्रप्रयाग जिले की 2 विधानसभा सीटों का राजनीतिक इतिहास क्या कहता है? किन सीटों पर किस दिग्गज का पलड़ा भारी रहा है? और आगामी महामुकाबले में किसकी चुनावी रणनीति सटीक बैठेगी? आइये सिलसिलेवार ढंग से समझते हैं…

 2011 की जनगणना के अनुसार, रुद्रप्रयाग जिले की कुल आबादी और साक्षरता दर

श्रेणी विवरण आंकड़े
आबादी (जनसंख्या) कुल जनसंख्या 2,42,285
पुरुष जनसंख्या 1,14,590
महिला जनसंख्या 1,27,695
साक्षरता दर औसत साक्षरता दर 81.30%
पुरुष साक्षरता दर 93.90%
महिला साक्षरता दर 70.35%

रुद्रप्रयाग जिले की धार्मिक आबादी

धर्म जनसंख्या प्रतिशत
हिंदू (Hindu) 99.13%
मुस्लिम (Muslim) 0.61%
अन्य धर्म/अज्ञात 0.17%
ईसाई (Christian) 0.07%
सिख (Sikh) 0.02%

 2022 विधानसभा चुनाव परिणाम 

विधानसभा सीट उम्मीदवार राजनीतिक दल कुल मिले वोट
केदारनाथ (07) शैला रानी रावत BJP 21,886
कुलदीप सिंह रावत IND 13,423
मनोज रावत INC 12,557
रुद्रप्रयाग (08) भरत सिंह चौधरी BJP 29,660
प्रदीप प्रसाद थापलीयाल INC 19,858
मातवर सिंह कंडारी IND 4,838

जानें इन सीटों के बारे में...

केदारनाथ विधानसभा सीट: यह सामान्य श्रेणी की अनारक्षित सीट है, जिसके अंतर्गत प्रसिद्ध धार्मिक स्थल केदारनाथ धाम और ऊखीमठ तहसील का क्षेत्र शामिल है. भौगोलिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ यह सीट राजनीतिक रूप से भी गढ़वाल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का एक अहम हिस्सा मानी जाती है.  

रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट: यह भी एक सामान्य श्रेणी की सीट है, जिसमें रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय सहित संपूर्ण जखोली और अगस्त्यमुनि विकासखंड के कई क्षेत्र शामिल हैं. वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य बनने और परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई और वर्तमान में यह भी गढ़वाल संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है.

 

 

Continue reading on the app

  Sports

अलेक्जेंडर ज्वेरेव बने चैंपियन, बेन शेल्टन को हराकर जीता अपना पहला US ओपन खिताब

जून में रोलैंड गैरोस जीतने और विंबलडन फ़ाइनल तक पहुंचने के बाद, ज्वेरेव 'ओपन एरा' में एक ही साल में अपने पहले दो मेजर टूर्नामेंट जीतने वाले चौथे पुरुष खिलाड़ी बन गए. Mon, 14 Sep 2026 04:10:56 +0530

  Videos
See all

BRICS Summit 2026: World Order में बड़ा उलटफेर? PM Modi के साथ Putin-Xi-Iran ने क्या बदला #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-13T23:30:06+00:00

8th Pay Commission Updat: केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा! DA Hike | Top News | DA Increase #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-13T23:30:16+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers