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UP के किसानों की बदलेगी किस्मत, रूस-मलेशिया समेत कई देशों में बढ़ेगी पहुंच, भाव गिरा तो सरकार देगी सहारा

UP News: आगरा में आयोजित आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा हुई है. सरकार ने आलू के बाजार भाव में गिरावट आने पर किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना लागू की है. इससे किसानों को सीधे लाभ मिलेगा और निर्यात की नई संभावनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है.

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RBI ने Tata Sons का NBFC लाइसेंस लौटाने का आवेदन खारिज किया, शेयर बाजार में लिस्टिंग की राह खुली

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने टाटा संस के गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) का लाइसेंस लौटाने के आवेदन को खारिज कर दिया है। इससे टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी की शेयर बाजार में सूचीबद्धता लगभग तय हो गई है। मामले से जुड़े सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने कहा कि कंपनी सचिव और मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) को शनिवार को मिले आरबीआई के पत्र में कहा गया कि टाटा संस लाइसेंस लौटाने के लिए जरूरी मानदंडों को पूरा नहीं करती है। इसके साथ मार्च, 2024 में दिए गए पंजीकरण रद्द करने के आवेदन को खारिज कर दिया गया। टाटा संस को ‘अपर लेयर’ एनबीएफसी के रूप में वर्गीकृत किया गया है और इस श्रेणी की कंपनियों के लिए शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना अनिवार्य है।

करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्तियों वाली टाटा संस ने सूचीबद्धता से बचने के लिए कर्ज घटाने समेत कई कदम उठाए थे। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब टाटा संस में नेतृत्व और निदेशक मंडल को लेकर मतभेद की खबरें हैं। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अगले साल फरवरी में अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है।

शेयरधारकों के बीच भी सूचीबद्धता को लेकर मतभेद हैं। नोएल टाटा की अगुवाई वाले टाटा ट्रस्ट्स की विभिन्न गैर-लाभकारी संस्थाओं के पास टाटा संस की 65 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है और वे सूचीबद्धता के पक्ष में नहीं हैं। दूसरी ओर, टाटा संस के सबसे बड़े निजी शेयरधारक शापूरजी पालोनजी समूह के पास करीब 18 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वह सार्वजनिक रूप से सूचीबद्धता की मांग करता रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सूचीबद्धता से टाटा संस के कामकाज, खासकर पूंजी आवंटन, में अधिक पारदर्शिता आएगी। साथ ही निवेशकों के दबाव से वित्तीय रिटर्न पर अधिक जोर बढ़ेगा, जिससे लंबी अवधि के निवेश संबंधी फैसले मुश्किल हो सकते हैं। ऐसी खबरें हैं कि टाटा संस की सूचीबद्धता का मुद्दा उन कारणों में भी शामिल था जिनकी वजह से नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के खिलाफ मतदान किया था।

रतन टाटा के सौतेले भाई और टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा टाटा संस के निदेशक मंडल के सदस्य भी हैं। चर्चा है कि वह चंद्रशेखरन से यह आश्वासन चाहते थे कि टाटा संस को सूचीबद्ध होने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। वहीं, चंद्रशेखरन ने कथित तौर पर कहा था कि किसी नियामकीय या कानूनी मामले के नतीजे को पहले से तय नहीं माना जा सकता।

नोएल टाटा ने समूह के कुछ अन्य कारोबार में हो रहे घाटे का मुद्दा भी उठाया था। इनमें टाटा डिजिटल और एयर इंडिया शामिल हैं, जिन्हें चंद्रशेखरन के करीब एक दशक के कार्यकाल में शुरू या अधिग्रहीत किया गया था। आरबीआई ने पहले 15 कंपनियों को ‘अपर लेयर’ एनबीएफसी के रूप में वर्गीकृत कर अक्टूबर, 2025 तक शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का निर्देश दिया था।

इस साल की शुरुआत में केंद्रीय बैंक ने सरकारी एनबीएफसी को भी इस सूची में डाल दिया था। साथ ही उसने कहा था कि एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्तियों वाली कोई भी एनबीएफसी अपने-आप ‘अपर लेयर’ एनबीएफसी की श्रेणी में आ जाएगी। हालांकि, टाटा संस के प्रमुख निवेश कंपनी वाली एनबीएफसी का लाइसेंस लौटाने के आवेदन पर फैसला लंबित रखा गया था और आरबीआई के शीर्ष अधिकारी कंपनी की सूचीबद्धता को लेकर स्पष्ट जवाब देने से बचते रहे थे।

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  Sports

 Women’s Asia Cup 2026: 8वीं बार चैंपियन बना भारत, मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार, टीम ने सेरेमनी से बनाई दूरी 

महिला एशिया कप 2026: दुबई में श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में शामिल नहीं हुई। फाइनल के बाद मंच पर एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी मौजूद थे। हालांकि, भारतीय खिलाड़ी मेडल और ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं पहुंचीं।

फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 183/5 रन बनाए। शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दी। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को 111 रन पर ऑलआउट कर दिया। भारत ने मुकाबला 72 रन से जीतकर महिला एशिया कप के इतिहास में अपना आठवां खिताब दर्ज किया।

हालांकि, खिताबी जीत के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी का दृश्य चर्चा का विषय बन गया। मंच पर श्रीलंकाई खिलाड़ियों को उपविजेता पदक और पुरस्कार दिए गए, जबकि भारतीय टीम सेरेमनी में नजर नहीं आई। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

भारतीय टीम के इस फैसले को 2025 पुरुष एशिया कप फाइनल की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। उस दौरान भी भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। मौजूदा मामले में भी नकवी की मौजूदगी और टीम के सेरेमनी से दूर रहने को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन सेरेमनी का यह दृश्य चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। हालांकि, भारतीय टीम के सेरेमनी में शामिल नहीं होने की आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में मोहसिन नकवी की मौजूदगी को इस फैसले का कारण मानने के बजाय इसे फिलहाल सामने आए घटनाक्रम और संदर्भ के तौर पर देखना उचित होगा।

भारत की ऐतिहासिक जीत के बीच ट्रॉफी सेरेमनी का यह दृश्य अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में है।

Mon, 14 Sep 2026 01:33:47 +0530

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