BRICS सम्मेलन के चलते दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन, घर से निकलने से पहले जरूर पढ़ें एडवाइजरी
Delhi Traffic Advisory: भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सुरक्षा और सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. भारत मंडपम और लुटियंस दिल्ली समेत मध्य दिल्ली के प्रमुख हिस्सों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. शनिवार को सुबह 9:30 बजे से रात 9:30 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित और परिवर्तित किया गया है.
एडवाइजरी मैप से रास्तों की स्थिति
यात्रियों की आसानी के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा जारी नक्शे में अलग-अलग रंगों के माध्यम से सड़कों की स्थिति को दर्शाया गया है. नीले रंग से उन वैकल्पिक रास्तों को चिन्हित किया गया है जिनका उपयोग यात्री कर सकते हैं. नारंगी रंग कंट्रोल्ड सड़कों को दर्शाता है जहाँ सीमित आवाजाही होगी, जबकि बैंगनी रंग पूरी तरह से प्रतिबंधित क्षेत्रों को दिखाता है. इसके अलावा लाल स्टार के संकेतों से उन जगहों को चिन्हित किया गया है जहाँ से ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर मोड़ा जाएगा.
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प्रभावित मार्ग और प्रमुख कॉरिडोर
सुरक्षा प्रतिबंधों का सबसे ज्यादा असर प्रगति मैदान और भारत मंडपम के आसपास के इलाकों में देखने को मिलेगा. इसके अलावा उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम दिल्ली को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों पर भी यातायात नियमित रहेगा. लुटियंस दिल्ली के कई हिस्सों में आम गाड़ियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. जिन प्रमुख सड़कों पर यह प्रभाव पड़ेगा उनमें रिंग रोड, मथुरा रोड, भैरों मार्ग, तिलक मार्ग, इंडिया गेट सी-हेक्सागन, सरदार पटेल मार्ग, पटेल रोड, नेशनल हाईवे 48 और परेड रोड शामिल हैं.
BRICS Summit 2026
— Delhi Traffic Police (@dtptraffic) September 11, 2026
TRAFFIC ADVISORY
???? In view of the BRICS Summit on September 12, 2026, traffic diversions and regulated movement will be implemented on key routes across Delhi from 09:30 hrs to 21:00 hrs.
•Commuters are advised to plan their journeys in advance and allow… pic.twitter.com/GEnMwImyS9
सार्वजनिक परिवहन और जरूरी सेवाओं के निर्देश
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने का अनुरोध किया है. निजी वाहनों के बजाय मेट्रो सेवा का उपयोग करने की विशेष सलाह दी गई है ताकि सड़कों पर दबाव कम रहे. हालांकि, आपातकालीन वाहनों और आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को बिना किसी रुकावट के प्राथमिकता के आधार पर जाने की अनुमति रहेगी.
एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पहुंचने के विकल्प
नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के साथ-साथ एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं. हवाई सफर करने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे उड़ान के समय से काफी पहले निकलें और संभव हो तो मेट्रो का सहारा लें. इसके अलावा, दिल्ली से बाहर से आने वाले ऐसे कमर्शियल वाहन जिनका दिल्ली में कोई गंतव्य नहीं है, उनके प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है.
TMC सिंबल विवाद-EC ने बागी गुट से और दस्तावेज मांगे:ममता भी अड़ीं, 6 अक्टूबर को दो सीटों पर उपचुनाव, उससे पहले फैसला देने की मांग
पश्चिम बंगाल में TMC के चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद जारी है। शनिवार को रितब्रत बनर्जी गुट ने चुनाव आयोग के सामने मौखिक दलीलें दीं और सवालों के जवाब दिए। आयोग ने गुट से दिन खत्म होने से पहले अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने को कहा। चुनाव आयोग की यह सुनवाई इसलिए अहम है क्योंकि यह 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले हो रही है, और नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है। बागी गुट उससे पहले सिंबल पर फैसला चाहता है। उधर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के प्रतिनिधि भी शनिवार को चुनाव आयोग से मिल रहे हैं। उनके पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में डेरेक ओ'ब्रायन, कल्याण बनर्जी, सागरिका घोष, साकेत गोखले और वकील अभिनव सिंह शामिल हैं। बंगाल चुनाव में हार के बाद टूटी TMC, ऋतब्रत को नेता चुना 3 जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया। इसमें मांग की गई कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी। ममता के पास अब 22 विधायक और 17 सांसद बचे टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीती थीं। इसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं। दो तिहाई सदस्य होने पर मिलती है अलग दल की मान्यता बागी गुट के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 2 जुलाई को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर खुद को असली TMC के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। उन्होंने चुनाव आयोग को पार्टी में हुए संगठनात्मक बदलावों और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी (NWC) की जानकारी दी थी।
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