नोएडा : मौसमी बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू का खतरा बरकरार, 24 घंटे में 48 नए मरीज मिले, कुल संख्या 365 पहुंची
नोएडा, 12 सितंबर (आईएएनएस)। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच जिले में स्वाइन फ्लू का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। तापमान में उतार-चढ़ाव और बदलते मौसम के बीच स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में जिले में स्वाइन फ्लू के 48 नए मरीज सामने आए हैं। नए मामलों के सामने आने के बाद जिले में अब तक स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 365 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान में जिले में 99 मरीज सक्रिय हैं। इन सभी मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में रखते हुए आइसोलेशन में इलाज किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था की जा रही है। स्वाइन फ्लू के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बदलते मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण तेजी से फैल सकता है। ऐसे में सर्दी, खांसी, गले में खराश, बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षणों को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
खासतौर पर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकने तथा हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर उसके संपर्क में आने से बचने और चिकित्सकीय सलाह लेने पर भी जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि स्वाइन फ्लू के मरीजों की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी है। सक्रिय मरीजों को आइसोलेशन में रखकर उपचार दिया जा रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी संदिग्ध मरीजों पर नजर रखने तथा लक्षण मिलने पर आवश्यक जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले कुछ दिनों में लगातार नए मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है।
हालांकि मरीजों के उपचार और निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घबराने के बजाय सावधानी बरतें और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते डॉक्टर से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक 365 मरीज स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए जा चुके हैं, जबकि इनमें से 99 मरीज फिलहाल सक्रिय हैं और आइसोलेशन में उपचार करा रहे हैं।
--आईएएनएस
पीकेटी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सेबी जल्द सीएएस फ्रेमवर्क पर जारी कर सकता है कंसल्टेशन पेपर: रिपोर्ट
मुंबई, 12 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) शनिवार को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) पर एक कंसल्टेशन पेपर जारी कर सकता है। इसमें नियामक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट प्राइस तय करने की मौजूदा प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव रख सकता है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव पर 24 सितंबर को होने वाली सेबी बोर्ड की बैठक में चर्चा होने की संभावना है। इसमें बाजार प्रतिभागियों द्वारा उठाई गई उन चिंताओं को संबोधित किया जाएगा, जो नए सीएएस मैकेनिज्म के तहत एक्सपायरी वाले दिन डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट प्राइस की गणना को लेकर हैं।
सेबी की योजना सीएएस को वापस लेने की नहीं है, बल्कि एक्सपायरी वाले दिनों में ऑक्शन मैकेनिज्म के तहत सेटलमेंट प्राइस की गणना की प्रक्रिया को बेहतर बनाने की है।
सेबी के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने पहले स्पष्ट किया था कि “सीएएस फ्रेमवर्क बाजार में बना रहेगा” और बाजार नियामक बाजार प्रतिभागियों द्वारा उठाई गई चिंताओं की जांच कर उन्हें दूर करने की कोशिश कर रहा है।
3 अगस्त से लागू सीएएस के तहत फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) के लिए पात्र शेयरों में लगातार ट्रेडिंग दोपहर 3:15 बजे समाप्त हो जाती है। इसके बाद इन सिक्योरिटीज को करीब 20 मिनट के ऑक्शन में भेजा जाता है, जहां खरीद और बिक्री के ऑर्डर का मिलान करके आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस तय किया जाता है।
वहीं, गैर-एफएंडओ शेयरों में ट्रेडिंग शाम 3:30 बजे तक जारी रहती है, जबकि स्टॉक और इंडेक्स डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग 3:40 बजे तक होती है।
नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान भारतीय शेयर बाजार में खासकर डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी वाले दिनों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
पिछले सप्ताह के एक सेशन के दौरान सेंसेक्स का इंडिकेटिव क्लोज कुछ समय के लिए 2.5 प्रतिशत गिर गया, जिसके कारण क्लोजिंग ऑक्शन के दौरान उसके पुट ऑप्शंस के प्रीमियम में 400-500 प्रतिशत तक उछाल आया। इसी तरह, मंगलवार को भी एक्सपायरी वाले दिन ट्रेडिंग के दौरान निफ्टी के पुट ऑप्शंस में कई गुना तेजी देखी गई।
विश्लेषकों का कहना है कि सीएएस ने एक्सपायरी वाले दिन सिस्टमेटिक ऑप्शंस स्ट्रैटेजी के लिए ट्रेडिंग को कम अनुमानित बना दिया है। उनका कहना है कि ऑक्शन में सीमित भागीदारी के कारण कुछ ही ऑर्डर क्लोजिंग प्राइस में बड़ा बदलाव कर सकते हैं।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation







