शी के भारत दौरे से पहले चीन का बड़ा कदम, दिल्ली-ग्वांगझोउ सीधी उड़ान फिर होगी शुरू
नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। चीन की प्रमुख एयरलाइन चाइना साउदर्न एयरलाइंस 21 सितंबर से नई दिल्ली और ग्वांगझोउ के बीच सीधी यात्री उड़ानें फिर शुरू करने जा रही है। यह सेवा करीब छह साल के अंतराल के बाद बहाल होगी।
चाइना साउदर्न के अनुसार, दिल्ली-ग्वांगझोउ मार्ग की बहाली के साथ दक्षिण एशिया में उसकी सेवाएं आठ राउंड-ट्रिप मार्गों पर सप्ताह में 100 से अधिक उड़ानों तक पहुंच जाएंगी। ग्वांगझोउ चीन का एक प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक केंद्र है और दक्षिणी चीन के साथ भारत के व्यापारिक संपर्क के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है।
एयर इंडिया ने इसी साल फरवरी में अपनी नई दिल्ली-चीन सर्विस फिर से शुरू की थी।
वहीं, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने 18 अप्रैल को अपना कुनमिंग-कोलकाता रूट फिर से शुरू किया। एयर चाइना ने अप्रैल में अपनी बीजिंग-दिल्ली सर्विस फिर से शुरू की थी।
इंडिगो ने भी 30 मार्च को कोलकाता और शंघाई के बीच रोजाना नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू कीं। पिछले साल, इंडिगो ने 10 नवंबर से नई दिल्ली और चीन के ग्वांगझोउ के बीच नई रोजाना सीधी उड़ानें शुरू की थीं।
चाइना साउदर्न की ओर से यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत पहुंचे हैं। यह 2020 के गलवान संघर्ष के बाद शी जिनपिंग का पहला भारत दौरा है और दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से जारी राजनयिक सुधार की प्रक्रिया के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ग्वांगझोउ-दिल्ली हवाई सेवा को दोबारा शुरू करने का फैसला भारत और चीन के बीच सीधी कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। कोरोना महामारी के बाद दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान सेवाएं लंबे समय तक बाधित रही थीं। चाइना साउदर्न की दिल्ली-ग्वांगझोउ सेवा भी इसी दौरान बंद हुई थी और अब करीब छह साल बाद इसकी वापसी हो रही है।
भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, वीजा और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े कई क्षेत्रों में भी असर पड़ा।
हालांकि, अक्टूबर 2024 में सीमा पर सैन्य गतिरोध कम करने को लेकर हुए समझौते के बाद दोनों देशों के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई देने लगे। इसके बाद सीधी उड़ानों की बहाली, कारोबारियों के लिए वीजा प्रक्रिया में सुधार और व्यापारिक संपर्क बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए।
--आईएएनएस
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नहीं होते ये 3 खिलाड़ी, तो बर्मिंघम में पाकिस्तान की बेइज्जती थी तय, शर्मनाक हार के साथ लौटना पड़ता घर
ENG VS PAK: इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में खेला जा रहा है. इस मुकाबले में एक वक्त आ गया था, जब पाकिस्तान की टीम शर्मनाक हार के काफी नजदीक आ गई थी. मगर, तभी पाकिस्तान के 3 खिलाड़ियों ने दम दिखाया और अपनी टीम को शर्मनाक हार से बचा लिया. दरअसल, बर्मिंघम में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी के आधार पर ही 320 रनों की बढ़त बना ली थी.
वहीं, जब पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने के लिए आई, तो उसे शुरुआत अच्छी नहीं मिल सकी. टीम ने शुरुआती 2 विकेट तो बिना खाता खोले शून्य पर ही गंवा दिए थे. उस वक्त ऐसा लगने लगा था कि अब बर्मिंघम टेस्ट मैच तीसरे ही दिन खत्म हो जाएगा और पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ेगा. मगर, पाकिस्तान के 3 खिलाड़ियों का बल्ला चल गया, जिसने उनकी टीम को शर्मनाक हार से बचा लिया. तो आइए इस आर्टिकल में आपको उन 3 खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं...
शान मसूद ने मुश्किल वक्त में खेली शानदार पारी
पाकिस्तान की टीम को शुरुआती 2 झटके लगे, लेकिन फिर पूर्व कप्तान शान मसूद ने अजान अवैस के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 125 रनों की साझेदारी बनाई, जिसने इस मैच में जान फूंक दी. अजान तो 84 गेंद पर 59 रन की पारी खेलकर आउट हो गए. मगर, शान मसूद डटे रहे और अपनी टीम के लिए अहम पारी खेली. हालांकि, बदकिस्मती से जब शान मसूद 95 पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तभी वह अपना विकेट गंवा बैठे और शतक से चूक गए. मसूद 148 गेंदों 12 चौकों की मदद से 95 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. इस तरह शान मसूद ने पाकिस्तान की डूबती नईय्या को सहारा दिया.
बाबर आजम ने भी दिखाया दम
अगर बार बर्मिंघम टेस्ट में पाकिस्तान की इज्जत बचाने वाले क्रिकेटर्स की हो रही है, तो उसमें कप्तान बाबर आजम का नाम भी आता है. नंबर-5 पर बल्लेबाजी करने आए बाबर आजम ने भी मुश्किल वक्त में अपनी टीम के लिए अहम पारी खेली. शान मसूद के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए बाबर आजम ने 89 रनों की पार्टनरशिप बनाई, जिसने उनकी टीम को मजबूती से वापसी करने की ताकत दी. बाबर शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन जब वह 76 के स्कोर पर थे, तभी जोश टंग की गेंद पर वह अपना विकेट गंवा बैठे और 103 गेंदों पर 11 चौके और 1 छक्के की मदद से 76 रनों की पारी खेली.
रज़ाउल्लाह ने तेज पारी खेलकर बढ़ाया स्कोरबोर्ड को आगे
बर्मिंघम टेस्ट में पाकिस्तान की इज्जत बचाने और पारी से हारने से बचाने में रजाउल्लाह का भी अहम योगदान रहा. इस खिलाड़ी ने 9वें नंबर पर आकर दम दिखाया और अपनी टीम के लिए एक तेज पारी खेली. रजाउल्लाह ने 63 गेंदों पर 81 रनों की पारी खेली, जिसमें 4 चौके भी लगाए. उनकी इस पारी ने टीम के स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया और पाकिस्तान को लीड लेने में मदद की.
A spirited lower-order fightback sees Pakistan take the lead in Edgbaston ????
— ICC (@ICC) September 11, 2026
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इंग्लैंड को दिया 130 रनों का लक्ष्य
बताते चलें, बर्मिंघम टेस्ट मैच में टॉस जीतकर इंग्लैंड ने गेंदबाजी करने का फैसला किया था. नतीजन, पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम 133 के स्कोर पर ही ऑलआउट हो गई थी. वहीं, इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में 453 रन बोर्ड पर लगाए. पहली पारी के आधार पर ही इंग्लैंड ने 360 रनों की बढ़त बना ली थी. हालांकि, दूसरी पारी में पाकिस्तान की टीम 449 के स्कोर पर ऑलआउट हुई और पाकिस्तान ने अब इंग्लैंड के सामने 130 रनों का लक्ष्य खड़ा किया है.
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