EXPLAINER: एशिया कप जीत भी गई टीम इंडिया, फिर भी न मिलेगी ट्रॉफी न प्राइज मनी? जानिए क्या है इसके पीछे असली वजह
INDW VS SLW: दुबई में खेला जा रहा महिला एशिया कप 2026 रोमांचक अंदाज में आगे बढ़ते हुए फाइनल तक आ पहुंचा है. पहले सेमीफाइनल को जीतकर टीम इंडिया ने फाइनल में जगह बनाई, तो वहीं अब दूसरे फाइनल मैच में पाकिस्तान को धूल चटाकर श्रीलंका की टीम फाइनल में पहुंच गई है. अब 13 सितंबर को भारत-श्रीलंका के बीच फाइनल मैच खेला जाएगा. इस मैच में यकीनन एक बार फिर टीम इंडिया को जीत का फेवरेट माना जा रहा है. मगर, क्या आपको मालूम है कि इस टूर्नामेंट को अगर भारतीय टीम जीत भी लेती है, तो प्राइज मनी लेकर टीम घर नहीं लौटेगी और तो और ट्रॉफी भी मिलना मुश्किल ही है. अब आप सोच रहे होंगे कि चैंपियन बनने के बाद आखिर ऐसा क्यों होगा... तो आइए इस आर्टिकल में आपको इस बारे में बताते हैं...
महिला एशिया कप की प्राइज मनी कितनी है?
महिला एशिया कप 2026 को जीतने वाली टीम को प्राइज मनी के रूप में 16 लाख रुपये मिलने वाले हैं. जबकि रनरअप टीम को 10 लाख रुपये के करीब प्राइज मनी दी जाएगी. हालांकि, इस रकम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स की मानें, तो टीमों को इतनी रकम मिलने वाली है.
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— BCCI Women (@BCCIWomen) September 11, 2026
???? @TheShafaliVerma and @Deepti_Sharma06 sum up a dominant semi-final win for #TeamIndia ???? - By @mihirlee_58 #WomensAsiaCup | #INDvBAN pic.twitter.com/7QMsuvfDDJ
प्राइज मनी का क्या करती है BCCI?
अब आप सोच रहे होंगे कि जब एसीसी ने प्राइज मनी निर्धारित की है, तो फिर टीम इंडिया के जीतने पर उसे प्राइज मनी क्यों नहीं मिलेगी? दरअसल, अगर टीम इंडिया महिला एशिया कप जीत गई तो उसके हाथ ना जीत की रकम आएगी. बात ऐसी है कि, बीसीसीआई एशिया कप की जीती हुई रकम नहीं लेती है. उसका पैसा वो एशिया के अन्य विकासशील क्रिकेट बोर्ड्स की बेहतरी के लिए दे देता है.
खबरों की मानें, तो एशिया कप के इतिहास में शुरुआत से ही बीसीसीआई ने कभी भी इस टूर्नामेंट से मिलने वाले अपने वित्तीय हिस्से पर अधिकार नहीं जताया है और न ही उस पैसे को अपने उपयोग में लिया है. दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड होने के नाते बीसीसीआई इस प्राइज मनी को एशिया के अन्य विकासशील क्रिकेट बोर्ड्स की बेहतरी के लिए दे देता है, ताकि उनके लिए चीजें सुचारू रूप से चलती रहें.
ट्रॉफी भी भारत नहीं लाएगा भारत?
बात प्राइज मनी की तो हो गई, अब सवाल उठता है कि आखिर टीम इंडिया अगर जीतेगी, तो ट्रॉफी लेकर घर क्यों नहीं लौटेगी? दरअसल, रिपोर्ट्स के हवाले से खबर सामने आ रही है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी इस ट्रॉफी को देने के लिए दुबई पहुंचने वाले हैं. मोहसिन नकवी के हाथों से पुरुष एशिया कप में भी टीम इंडिया ने ट्रॉफी नहीं ली थी. ऐसे में संभव है कि महिला टीम भी ऐसा कर सकती है. मोहसिन नकवी ने भारत को ट्रॉफी ही नहीं दी थी और महिला टीम के साथ भी ऐसा हो सकता है. हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है.
Marching into the Final! ????????
— BCCI Women (@BCCIWomen) September 10, 2026
A dominant display by #TeamIndia as they win by 4️⃣0️⃣ runs to seal their spot in the Final of the #WomensAsiaCup ????
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भारतीय महिला टीम ने कितनी बार फाइनल खेला?
महिला एशिया कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का दबदबा रहा है. 2026 संस्करण के फाइनल में पहुंचने के साथ भारत अब तक 10 बार फाइनल में पहुंच चुका है. जी हां, भारत सबसे अधिक बार फाइनल में पहुंचने वाली टीम है. ऐसे में अब श्रीलंका के खिलाफ महिला एशिया कप 2026 में टीम इंडिया महिला एशिया कप के इतिहास का 11वां फाइनल खेलने मैदान पर उतरेगी.
भारतीय महिला टीम ने कितनी ट्रॉफी उठाई?
भारतीय क्रिकेट टीम ने अब तक महिला एशिया कप के इतिहास में 10 बार फाइनल में जगह बनाई है, तो वहीं 9 बार खिताब अपने नाम किया है. भारत ने 2004, 2005-06, 2006, 2008, 2012, 2016, 2018, 2022, 2024 और 2026 में फाइनल खेला. इनमें भारत को सिर्फ 2018 के फाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ हार मिली थी, जबकि बाकी 9 फाइनल जीतकर टीम ने खिताब अपने नाम किया. 2026 में भारत के पास 10वीं बार एशिया कप ट्रॉफी जीतने का मौका है.
The support that kept us going ????
— BCCI Women (@BCCIWomen) September 11, 2026
Time to paint the stadium blue one more time ????????????#TeamIndia | #WomensAsiaCup pic.twitter.com/wwgKZdA1qZ
महिला एशिया कप का इतिहास
महिला एशिया कप की शुरुआत 2004 में श्रीलंका में हुई थी. इस टूर्नामेंट का आयोजन एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) की ओर से किया जाता है. पहला सीजन वनडे फॉर्मेट में खेला गया था और इसमें सिर्फ भारत और श्रीलंका ने हिस्सा लिया था. दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की सीरीज हुई, जिसमें भारत ने सभी पांच मुकाबले जीतकर पहली बार महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम किया.
इसके बाद 2005-06 में पाकिस्तान पहली बार टूर्नामेंट का हिस्सा बना. शुरुआती चार संस्करण वनडे फॉर्मेट में खेले गए, जबकि 2012 में महिला एशिया कप पहली बार टी20 फॉर्मेट में आयोजित हुआ. भारत ने 2012 और 2016 में भी खिताब जीता. 2018 में बांग्लादेश ने भारत को हराकर पहली बार ट्रॉफी जीती. 2022 में भारत ने फिर खिताब अपने नाम किया, जबकि 2024 में श्रीलंका ने भारत को हराकर अपना पहला महिला एशिया कप जीता.
रविवार को होगा महिला एशिया कप 2026 का फाइनल
महिला एशिया कप 2026 का फाइनल मैच भारत और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा. ये मुकाबला 13 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसे जीतने वाली टीम ट्रॉफी उठाएगी, तो वहीं हारने वाली टीम रनरअप बनकर टूर्नामेंट खत्म करेगी. ये मैच रात 8 बजे शुरू होगा और इसके टॉस के लिए दोनों कप्तान 7.30 बजे मैदान पर आएंगे.
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भारत डिजिटल वित्तीय यात्रा के अगले अध्याय को दे रहा आकार : आरबीआई
नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शनिवार को कहा कि भारत ने ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ में कई महत्वपूर्ण फिनटेक नवाचारों और पहलों को पेश किया है। इससे अधिक भरोसेमंद, कनेक्टेड, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार वित्तीय व्यवस्था के निर्माण के भारत के दृष्टिकोण को मजबूती मिली है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरबीआई ने कहा कि ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट’ का आयोजन असर डालने की क्षमता रखने वाले एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम — समावेशी वित्त के लिए भरोसेमंद, कनेक्टेड और ग्लोबल सिस्टम” थीम पर किया गया। इस दौरान आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कई इनोवेशन को लॉन्च किया।
आरबीआई ने कहा कि इस फिनटेक फेस्ट ने वित्त के भविष्य को आकार देने की दिशा में एक और कदम के रूप में कई नई पहलों को लॉन्च करने के लिए मंच प्रदान किया। इन नवाचारों से अधिक स्मार्ट डिजिटल अनुभव उपलब्ध होंगे और जिम्मेदार फिनटेक नवाचार की बुनियाद मजबूत होगी।
इससे पहले आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि फिनटेक कंपनियां भारत के वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भागीदार बनकर उभरी हैं और देशभर में वित्तीय समावेशन बढ़ाने में उनकी भूमिका आगे और महत्वपूर्ण होगी।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 के दौरान आईएएनएस से विशेष बातचीत में मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक फिनटेक कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि वित्तीय सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके, डिजिटल धोखाधड़ी को कम किया जा सके और बैंकिंग तथा वित्तीय सेवाओं की लागत घटाई जा सके।
उन्होंने कहा, “वित्तीय समावेशन, ग्राहक-केंद्रितता और एक सुरक्षित डिजिटल वित्तीय प्रणाली का विकास आरबीआई की प्रमुख प्राथमिकताएं बनी हुई हैं।”
उन्होंने कहा, “तकनीक पारंपरिक बैंकिंग चैनलों से आगे वित्तीय सेवाओं को पहुंचाने और उन्हें गांवों तथा घर-परिवारों के और करीब लाने में मदद कर सकती है।”
मल्होत्रा ने कहा, “फिनटेक हमारे लिए एक बहुत महत्वपूर्ण भागीदार है।” उन्होंने व्यापक वित्तीय समावेशन हासिल करने और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं को मजबूत करने के लिए फिनटेक कंपनियों तथा वित्तीय क्षेत्र के संस्थानों के बीच अधिक सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में भारत के पहले टोकनाइज्ड कॉरपोरेट बॉन्ड पायलट की शुरुआत की गई। यह प्रतिभूतियों और परिसंपत्तियों के निपटान में ब्लॉकचेन और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) के इस्तेमाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
फेस्ट में इंस्टेंट रुपे कार्ड और मर्चेंट यूपीआई क्यूआर जारी करने के लिए ओपन-सोर्स (एंड्रॉइड) एटीएम, चुनिंदा सरकार समर्थित क्रेडिट योजनाओं के लिए ‘क्रेडिट लाइन ऑन यूपीआई’ की सुविधा और आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) थ्री-पार्टी कैश डिपॉजिट की भी शुरुआत की गई।
--आईएएनएस
एबीएस
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