Mihir Sen ने 12 सितंबर 1966 को Dardanelles जलडमरूमध्य तैरकर पार कर बनाया था विश्व रिकॉर्ड
इतिहास में 12 सितंबर का दिन देश के महान तैराक मिहिर सेन की उपलब्धियों से जुड़ा है। डारडेनेल्स जलडमरूमध्य को पार करने वाले वह विश्व के प्रथम व्यक्ति बने। इंग्लिश चैनल को तैरकर पार करने से लंबी दूरी की तैराकी के अपने अभियान की शुरुआत करने वाले मिहिर सेन ने हिम्मत और दृढ़ निश्चय से महासागरों को पार करने में सफलता हासिल की और 12 सितंबर 1966 को डारडेनेल्स जलडमरूमध्य को तैरकर पार किया।
पांच महाद्वीपों के सातों समुद्रों को तैरकर पार करने वाले मिहिर सेन विश्व के प्रथम व्यक्ति रहे। देश-दुनिया के इतिहास में 12 सितंबर की तारीख में दर्ज कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- 1786 : लार्ड कॉर्नवालिस ने गवर्नर जनरल और कमांडर इन चीफ का पदभार संभाला। 1873 : पहले टाइपराइटर की बिक्री शुरू।
1928 : फ्लोरिडा में भीषण तूफान से 6000 लोगों की मौत। 1944 : अमेरिकी सेना ने पहली बार जर्मनी में प्रवेश किया। 1959 : तत्कालीन सोवियत संघ का रॉकेट ‘लूना 2’ चांद पर पहुंचा।
1966 : भारतीय तैराक मिहिर सेन ने डारडेनेल्स जलडमरूमध्य को तैरकर पार किया। 1968 : अल्बानिया ने वारसा संधि से अलग होने का ऐलान किया। 1990 : पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी के एकीकरण के लिए अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, सोवियत संघ, पूर्व और पश्चिमी जर्मनी ने समझौते पर हस्ताक्षर किये।
1991 : अंतरिक्ष शटल एसटीएस 48 अंतरिक्ष में छोड़ा गया। 2001 : अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ जंग का ऐलान किया। 2004: उत्तर कोरिया ने अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखने का निर्णय लिया।
2006 : सीरिया की राजधानी दमिश्क स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला। 2012 : ऐप्पल ने आई फोन 5 और आईओएस 6 लॉन्च किया। 2015: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में अवैध खनन डेटोनेटरों में सिलसिलेवार विस्फोट होने से कम से कम 105 लोगों की मौत हुई और 150 से अधिक लोग घायल हो गए।
2021: साइबेरिया में हल्का विमान कजाचिंस्कॉय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ देर बाद दुर्घटनाग्रस्त होने से चार लोगों की मौत। 2023: भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को हराकर रिकॉर्ड 11वीं बार एशिया कप के फाइनल में जगह बनाई। 2024: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी का 72 वर्ष की उम्र में निधन।
2025: सी पी राधाकृष्णन ने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली।
Jammu Court ने आतंकी Hafiz Saeed के खिलाफ जारी किया गैर-जमानती वारंट, NIA ने बताया वह पाक में है
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने जम्मू की एक विशेष अदालत को बताया है कि लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का संस्थापक और भारत का सर्वाधिक वांछित आतंकवादी हाफिज सईद पाकिस्तान में है। इसके बाद अदालत ने जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी समूहों को हथियार एवं धन मुहैया कराने और उन्हें निर्देश देने से जुड़े एक मामले में सईद के खिलाफ दो महीने में दूसरा गैर-जमानती वारंट जारी किया। अदालत ने एनआईए की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान यह वारंट जारी किया जिसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 75 के तहत घोषित आतंकवादी एवं लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने का अनुरोध किया गया था।
याचिका में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा निवासी सईद को ‘‘फरार आरोपी’’ बताया गया है। यह मामला इस साल की शुरुआत में श्रीनगर के बाहरी इलाके में जांच के दौरान मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी से जुड़ा है। बाटपोरा निवासी भट के पास से चीन निर्मित एक हथगोला और 15 कारतूस बरामद किए गए थे।
भट के खिलाफ जकूरा थाने में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), आयुध अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद की गई जांच में एक आतंकवादी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ और लश्कर-ए-तैयबा एवं उसके सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) से जुड़े कई अन्य आतंकवादियों तथा दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। एनआईए ने कहा कि जांच के दौरान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के ‘‘अमीर/प्रमुख/संस्थापक’’ सईद की संलिप्तता सामने आई और गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी आतंकवादियों के भी कथित तौर पर उससे जुड़े होने का पता चला।
एजेंसी ने अदालत से कहा, ‘‘सईद पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां चला रहा है और कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकवादियों को हथियार एवं धन मुहैया करा रहा है तथा उन्हें निर्देश दे रहा है। जानकारी मिली है कि वह फिलहाल पाकिस्तान में है।’’ विशेष न्यायाधीश प्रेम सागर ने एजेंसी की दलीलें सुनने के बाद आठ सितंबर को कहा कि जांच के दौरान सईद की संलिप्तता सामने आई है और वह ‘‘कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल’’ है। अदालत ने कहा कि सईद फरार है और जांच एजेंसी सामान्य प्रक्रिया के तहत उसकी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं कर सकी है।
इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सईद के खिलाफ दो महीने में दूसरी बार गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के सिलसिले में सईद के खिलाफ इस साल आठ जुलाई को पहला गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
इस आतंकवादी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई थी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi




