Price Hike: मिड साइज सेडान होंडा सिटी हुई महंगी, जानें पेट्रोल से हाइब्रिड तक नई प्राइस
Price Hike: भारतीय बाजार में होंडा कई सेगमेंट में अपनी कारों की बिक्री करती है। कंपनी की लोकप्रिय मिड-साइज सेडान होंडा सिटी भी लंबे समय से बाजार में मौजूद है। अब कंपनी ने इसकी कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। पेट्रोल और हाइब्रिड वेरिएंट की कीमतों में अलग-अलग बढ़ोतरी की गई है।
होंडा सिटी की कीमत बढ़ी
होंडा ने अपनी सिटी सेडान की कीमत में बढ़ोतरी की है। जानकारी के मुताबिक, कार की कीमत अब 35,900 रुपये तक महंगी हो गई है। इसके पेट्रोल वेरिएंट्स की कीमत में अधिकतम 20,800 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, सबसे ज्यादा कीमत बढ़ोतरी इसके हाइब्रिड वेरिएंट्स में हुई है।
इन वेरिएंट्स की कीमत बढ़ी
कंपनी ने होंडा सिटी के बेस वेरिएंट की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि, इसके अन्य सभी वेरिएंट्स अब पहले के मुकाबले महंगे हो गए हैं। अलग-अलग वेरिएंट के हिसाब से कीमत में 20,800 रुपये से लेकर 35,900 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
अब कितनी है कीमत?
कीमत में बढ़ोतरी के बाद भी होंडा सिटी की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 11.99 लाख रुपये है। इसके टॉप वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत अब 17.44 लाख रुपये हो गई है। वहीं, सिटी के हाइब्रिड वर्जन की एक्स-शोरूम कीमत 21.44 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
इन कारों से है मुकाबला
होंडा सिटी को भारतीय बाजार में मिड-साइज सेडान सेगमेंट में पेश किया जाता है। इस सेगमेंट में इसका मुकाबला हुंडई वर्ना, स्कोडा स्लाविया और फोक्सवैगन वर्टस जैसी कारों से होता है।
कीमत में बढ़ोतरी के बावजूद सिटी अपने सेगमेंट में एक प्रमुख विकल्प बनी हुई है। खासतौर पर इसका हाइब्रिड वर्जन बेहतर ईंधन दक्षता और प्रीमियम ड्राइविंग अनुभव के लिए जाना जाता है।
(मंजू कुमारी)
Pakistan में बाल हिंसा के 1914 मामले दर्ज, PPP नेता Sherry Rehman ने जताई चिंता
(सज्जाद हुसैन) इस्लामाबाद, 12 सितंबर पाकिस्तान में इस वर्ष के शुरुआती छह महीनों में बच्चों के खिलाफ हिंसा और दुर्व्यवहार के 1,900 से अधिक मामले सामने आए। पाकिस्तान की एक वरिष्ठ नेता ने यह जानकारी दी। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की उपाध्यक्ष एवं सांसद शेरी रहमान ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक बयान जारी कर इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए कहा, ‘‘इन मामलों का स्तर बेहद चिंताजनक है।’’ उन्होंने बताया कि जनवरी से जून 2026 के बीच बच्चों के खिलाफ हिंसा और दुर्व्यवहार के कुल 1,914 मामले दर्ज किए गए।
रहमान ने कहा, ‘‘बच्चों को निशाना बनाने वालों को किसी भी तरह की छूट नहीं दी जा सकती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम उन बच्चों की बात कर रहे हैं जिनकी सुरक्षा उनके परिवारों, समुदायों और सरकार को करनी चाहिए लेकिन इसके बजाय वे हिंसा और दुर्व्यवहार के शिकार हो रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इन घटनाओं से निपटने के लिए तत्काल और समन्वित कार्रवाई की जरूरत है।’’ पाकिस्तान की संसद के उच्च सदन सीनेट की सदस्य रहमान ने कहा कि कुल मामलों में से 80 प्रतिशत मामले पंजाब प्रांत से हैं और ये बच्चों की सुरक्षा के लिए मौजूदा तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इन आंकड़ों के मद्देनजर गंभीरता से इस बात की पड़ताल करने की जरूरत है कि क्या बच्चे दुर्व्यवहार की शिकायत सुरक्षित तरीके से कर पा रहे हैं, क्या उनकी सुरक्षा के लिए बने संस्थानों के पास पर्याप्त संसाधन हैं और क्या अपराधियों को प्रभावी ढंग से न्याय के दायरे में लाया जा रहा है।’’ रहमान ने एक अन्य चिंताजनक पहलू का उल्लेख करते हुए कहा कि 43 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़ितों के परिचित थे, जबकि करीब 45 प्रतिशत घटनाएं बच्चों के अपने घरों के भीतर हुईं। उन्होंने कहा, ‘‘घर को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है।
जब बंद दरवाजों के पीछे ही दुर्व्यवहार होता है तो हमें परिवारों और समुदायों के भीतर निगरानी, सुरक्षा उपायों और जवाबदेही को लेकर बेहद गंभीर सवाल पूछने होंगे।’’ रहमान ने जिन आंकड़ों का जिक्र किया है, उनके अनुसार 57 प्रतिशत मामले शहरी क्षेत्रों और 43 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों से सामने आए। रहमान ने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किसी एक वर्ग या इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की समस्या है। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि अब अधिक मामले पुलिस के संज्ञान में आ रहे हैं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में तेजी से सुनवाई की जानी चाहिए।
रहमान ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की।
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