UPSSSC Lekhpal Mains Result 2026: लेखपाल मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक
UPSSSC Lekhpal Mains Result 2026: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने लेखपाल मुख्य परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह अहम अपडेट है।
जिन उम्मीदवारों ने UPSSSC Lekhpal Mains Exam में हिस्सा लिया था, वे अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख और डाउनलोड कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि से देख सकेंगे रिजल्ट
लेखपाल मुख्य परीक्षा का परिणाम चेक करने के लिए अभ्यर्थियों को अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की जरूरत होगी। उम्मीदवार वेबसाइट पर रिजल्ट लिंक खोलकर मांगी गई जानकारी दर्ज करने के बाद अपना परिणाम स्क्रीन पर देख सकते हैं। रिजल्ट डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवार भविष्य की जरूरत के लिए इसकी कॉपी सुरक्षित रख लें।
UPSSSC Lekhpal Mains Result 2026 ऐसे करें चेक
स्टेप 1: सबसे पहले UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाएं।
स्टेप 2: होम पेज पर लेखपाल मुख्य परीक्षा परिणाम से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 3: अब अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें।
स्टेप 4: मांगी गई जानकारी सबमिट करें।
स्टेप 5: आपका लेखपाल मुख्य परीक्षा का रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
स्टेप 6: रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए इसका प्रिंटआउट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखें।
यहां मिलेगा रिजल्ट
उम्मीदवार अपना UPSSSC Lekhpal Mains Result 2026 आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर चेक कर सकते हैं। रिजल्ट जारी होने के बाद वेबसाइट पर उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने के कारण कभी-कभी साइट धीमी भी हो सकती है। ऐसे में कुछ समय बाद दोबारा प्रयास किया जा सकता है।
Harish Rawat Resigns: पूर्व सीएम हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से दिया इस्तीफा, जानें क्यों उठाया ये कदम
उत्तराखंड की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस में अपने पदों से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। उनका यह फैसला उनके करीबी सहयोगी और PA चंदन सिंह जीना के ठिकाने पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के एक दिन बाद सामने आया है।
रावत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वह नहीं चाहते कि उनकी वजह से कांग्रेस के भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे संघर्ष की विश्वसनीयता पर कोई सवाल खड़ा हो। इसी वजह से उन्होंने प्रदेश कार्यकारिणी और कांग्रेस कार्यसमिति के पदों से अलग होने का फैसला लिया है।
PA के ठिकाने पर ED की छापेमारी के बाद लिया फैसला
दरअसल, ED ने 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देहरादून समेत कई स्थानों पर तलाशी ली थी। इनमें चंदन सिंह जीना का ठिकाना भी शामिल था।
ED के मुताबिक, तलाशी के दौरान जीना के ठिकाने से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां मिली हैं। एजेंसी ने जीना और उनके परिवार के बैंक खातों में मौजूद 52.16 लाख रुपये भी फ्रीज किए हैं। चंदन सिंह जीना पहले हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में OSD रह चुके हैं और फिलहाल उनके PA के तौर पर काम कर रहे हैं।
रावत बोले- जांच के बाद ही सामने आएगा सच
हरीश रावत ने कहा कि उनके सहयोगी के घर से नकदी और जेवर बरामद होने को लेकर जो दावे सामने आ रहे हैं, उनका वास्तविक सच जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
उन्होंने चंदन सिंह जीना को अपना पुराना सहयोगी बताते हुए कहा कि अगर भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े आरोप साबित होते हैं, तो यह उनके लिए शर्मिंदगी की बात होगी। हालांकि, रावत ने यह भी कहा कि उन्हें इन आरोपों पर विश्वास नहीं है।
रावत ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ने और एक नया नैरेटिव तैयार करने के लिए उनके बजाय उनके सहयोगी के ठिकाने पर कार्रवाई की गई है।
42 हजार से ज्यादा भर्तियों का भी किया जिक्र
अपने कार्यकाल का बचाव करते हुए हरीश रावत ने कहा कि उनके तीन साल के कार्यकाल में 42 हजार से ज्यादा सरकारी पदों पर भर्तियां निकाली गई थीं।
उन्होंने कहा कि नियुक्तियों की प्रक्रिया में अगर अनजाने में भी कोई चूक हुई है, तो वह इसके लिए राज्य के लोगों से माफी मांगते हैं। भर्ती आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर रावत ने कहा कि शिकायत सामने आने के बाद संबंधित अधिकारी को हटा दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि उस समय नियुक्ति पुराने सेवा रिकॉर्ड और मेरिट को ध्यान में रखकर की गई थी।
'किसी के भविष्य की गलती का पहले से अंदाजा नहीं'
रावत ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी की सलाह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खंडूरी खुद उनसे दो बार मिलने आए थे। रावत के मुताबिक, भविष्य में कोई व्यक्ति क्या गलती करेगा, इसका अंदाजा पहले से लगाना किसी के लिए संभव नहीं होता।
2016 ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा मामले में ED की जांच
ED की मौजूदा कार्रवाई 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में हो रही है। एजेंसी ने तत्कालीन UKSSSC चेयरमैन, सचिव, परीक्षा नियंत्रक, OMR शीट की प्रोसेसिंग करने वाली निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित बिचौलियों से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली है।
ED का आरोप है कि परीक्षा की OMR शीट में कथित तौर पर बदलाव किए गए थे और कुछ शीट की जानकारी निजी लोगों तक पहुंचाई गई थी। इसके बाद उत्तर वाले हिस्से में बदलाव किए जाने का आरोप है। एजेंसी इस मामले में नकदी के कथित लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी जांच कर रही है।
चंदन सिंह जीना का मोबाइल भी जब्त
जांच के दौरान ED ने चंदन सिंह जीना का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। एजेंसी इसकी फोरेंसिक जांच कराएगी। इसके अलावा जांच में सामने आए नकद खर्च और बरामद रकम के स्रोत को लेकर भी पूछताछ की जा रही है।
हरीश रावत की खुली चुनौती- सबूत हैं तो एजेंसियों को दें
अपने बयान के आखिर में हरीश रावत ने कहा कि अगर किसी के पास नियुक्तियों में उनके दखल से जुड़ा कोई सबूत है, तो उसे सीधे CBI, ED या पुलिस को सौंपा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर जाने-अनजाने में उनसे ऐसी कोई चूक हुई है, जिसका असर युवाओं के भविष्य पर पड़ा हो, तो वह इसके लिए माफी मांगने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई गलती साबित होती है, तो कानून जो भी सजा देगा, उसे भुगतने के लिए वह तैयार हैं।
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