India-UK Defence Ties | भारत-यूके रक्षा संबंधों में नया अध्याय! ब्रिटिश फाइटर पायलटों को निखारेंगे भारतीय वायु सेना के 3 फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर
अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग और सामरिक साझेदारी के क्षेत्र में भारत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारतीय वायु सेना (IAF) के तीन अत्यंत अनुभवी क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) यूके की रॉयल एयर फ़ोर्स (RAF) में शामिल हुए हैं। ये भारतीय सैन्य पायलट ब्रिटेन के वेल्स स्थित प्रतिष्ठित RAF वैली एयरबेस पर ब्रिटिश फास्ट-जेट पायलटों को उन्नत उड़ान प्रशिक्षण देंगे। द्विपक्षीय सैन्य इतिहास में यह पहला अवसर है जब भारतीय वायु सेना के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टरों को ब्रिटेन में इतनी महत्वपूर्ण प्रशिक्षण जिम्मेदारी सौंपकर तैनात किया गया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा करते हुए भारतीय वायु सेना के मीडिया कोऑर्डिनेशन सेंटर ने X पर एक पोस्ट में कहा, "भारत-UK रक्षा सहयोग में यह पहली बार हुआ है। भारतीय वायु सेना के तीन क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) रॉयल एयर फ़ोर्स के पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए RAF वैली, वेल्स में शामिल हुए हैं — यह UK में भारतीय QFI की पहली तैनाती है।"
IAF ने QFI की तैनाती को 'साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम' बताया
इसके अलावा, IAF ने QFI की तैनाती की सराहना करते हुए इसे "पेशेवर उत्कृष्टता, इंटरऑपरेबिलिटी और भारत-UK के बीच मजबूत संबंधों के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम" बताया।
यह घटनाक्रम अप्रैल में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और UK के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन निकोलस पॉवेल के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा घटनाक्रमों पर हुई बातचीत के बाद सामने आया है। बैठक के दौरान, सिंह और पॉवेल दोनों ने भारत-UK रक्षा सहयोग के मौजूदा फ्रेमवर्क की प्रगति की समीक्षा की।
जयशंकर ने पॉवेल के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत की
इसके अलावा, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी पॉवेल के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत की, जबकि पॉवेल और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच चर्चा सालाना भारत-UK रणनीतिक वार्ता पर केंद्रित रही। इससे पहले, UK के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत का आधिकारिक दौरा किया था।
PM मोदी और स्टारमर द्विपक्षीय आदान-प्रदान को बढ़ाने पर सहमत हुए
बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों नेता संयुक्त अभ्यास, ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण के माध्यम से भारत और UK की सशस्त्र सेनाओं के बीच द्विपक्षीय आदान-प्रदान को बढ़ाने पर सहमत हुए।
बैठक के दौरान, PM मोदी ने UK के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के पोर्ट कॉल और भारतीय नौसेना के साथ रॉयल नेवी के कोंकण (KONKAN) अभ्यास का स्वागत किया। इस संबंध में, दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मजबूत समुद्री सुरक्षा सहयोग के लिए प्रतिबद्धता जताई, जिसमें इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) के तहत रीजनल मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (RMSCE) की स्थापना भी शामिल है। ट्रेनिंग में सहयोग के लिए, दोनों देशों ने एक ऐसी व्यवस्था में हुई प्रगति का स्वागत किया जिसके तहत भारतीय वायु सेना के क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर UK रॉयल एयर फोर्स की ट्रेनिंग में शामिल होंगे; साथ ही, एक ऐसे समझौते का भी स्वागत किया गया जो "हमारे मज़बूत ट्रेनिंग और शिक्षा संबंधों" को बढ़ावा देगा।
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???????????????????? A historic first in India–UK defence cooperation.
Three Indian Air Force Qualified Flying Instructors (QFIs) have joined RAF Valley, Wales, to instruct Royal Air Force pilots — marking the first deployment of Indian QFIs to the UK.
A landmark step in strengthening our… pic.twitter.com/9v9jdUXoB3— Indian Air Force (@IAF_MCC) September 11, 2026
EV Maintenance: बैटरी की वारंटी खत्म होने के बाद कितना आएगा खर्च? जानें पूरी डिटेल
EV Maintenance: इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते समय ग्राहकों के मन में बैटरी की लाइफ को लेकर कई सवाल रहते हैं। सबसे आम सवाल यह है कि क्या बैटरी की वारंटी खत्म होते ही EV चलना बंद कर देती है? ऐसा आमतौर पर नहीं होता। नए जमाने की लिथियम-आयन बैटरियां वारंटी अवधि के बाद भी कई वर्षों तक इस्तेमाल की जा सकती हैं। समय के साथ बैटरी की क्षमता धीरे-धीरे कम होती है, जिससे वाहन की ड्राइविंग रेंज प्रभावित होती है।
बैटरी वारंटी में क्या मिलता है?
भारत में ज्यादातर EV निर्माता बैटरी पर करीब 8 साल या 1.60 लाख किलोमीटर तक की वारंटी देते हैं। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों और मॉडलों के अनुसार इसकी अवधि और शर्तें अलग हो सकती हैं। वारंटी में आमतौर पर मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट, बैटरी फेलियर और तय सीमा से अधिक बैटरी डिग्रेडेशन शामिल होता है। कई कंपनियां बैटरी हेल्थ 70 प्रतिशत से नीचे जाने पर भी वारंटी कवरेज देती हैं।
वारंटी खत्म होने का मतलब बैटरी की उम्र खत्म होना नहीं है। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि इसके बाद बैटरी से जुड़ी खराबी की मरम्मत या बदलाव का खर्च ग्राहक को उठाना पड़ सकता है।
बैटरी पुरानी होने पर क्या होता है?
बैटरी अचानक खराब होने के बजाय धीरे-धीरे अपनी क्षमता खोती है। उदाहरण के लिए, करीब 400 किलोमीटर की रेंज वाली EV कई वर्षों के इस्तेमाल के बाद कम रेंज दे सकती है। वास्तविक गिरावट ड्राइविंग शैली, मौसम, चार्जिंग की आदत और बैटरी के रखरखाव पर निर्भर करती है।
बैटरी पुरानी होने पर ड्राइविंग रेंज में कमी, चार्जिंग में थोड़ा अधिक समय और बैटरी प्रतिशत के तेजी से कम होने जैसे बदलाव दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, सामान्य स्थिति में कार की रोजमर्रा की उपयोगिता और एक्सेलरेशन पर बड़ा असर नहीं पड़ता।
बैटरी खराब होने पर क्या करें?
आधुनिक EV बैटरियां कई मॉड्यूल से बनी होती हैं। खराबी किसी एक मॉड्यूल में होने पर कुछ मामलों में केवल प्रभावित हिस्से को बदला जा सकता है। हालांकि, गंभीर खराबी में पूरा बैटरी पैक बदलना पड़ सकता है, जिसकी लागत वाहन के अनुसार कई लाख रुपये तक हो सकती है।
बैटरी की उम्र कैसे बढ़ाएं?
बैटरी को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रखने के लिए रोजाना AC होम चार्जिंग को प्राथमिकता दें और DC फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करें। बैटरी को लंबे समय तक पूरी तरह चार्ज या डिस्चार्ज स्थिति में न रखें। गर्म मौसम में वाहन को छाया में पार्क करना और समय पर सर्विस करवाना भी फायदेमंद है।
इसलिए केवल बैटरी वारंटी खत्म होने के डर से EV खरीदने से बचने की जरूरत नहीं है। पुरानी EV खरीदते समय वारंटी के साथ बैटरी हेल्थ, सर्विस रिकॉर्ड और चार्जिंग इतिहास की जांच करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।|
(मंजू कुमारी)
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