Bihar Floods Update | भागलपुर में तटबंध टूटने से बढ़ी मुश्किलें, बिहार के 15 जिलों में बाढ़ पीड़ितों के लिए 1194 सामुदायिक रसोई शुरू
बिहार में नदियों के उफान और मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 47.33 लाख से अधिक की आबादी बाढ़ की चपेट में आ चुकी है। गंगा सहित उसकी प्रमुख सहायक नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई स्थानों पर तटबंधों के टूटने और तीव्र कटाव की घटनाएँ सामने आ रही हैं। भागलपुर जिले में तटबंध टूटने की कम से कम चार घटनाओं की पुष्टि हुई है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से गोपालपुर प्रखंड के ब्रह्मोत्तर बांध के कटाव पर रातभर चले अभियान के बाद नियंत्रण पा लिया गया। वहीं, रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी बांध में तड़के करीब 20 फुट का कटाव होने से आसपास के इलाकों और सड़कों पर पानी फैल गया है, जहाँ फिलहाल अस्थायी सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार गोपालपुर प्रखंड स्थित ब्रह्मोत्तर बांध में हुए कटाव पर जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम और स्थानीय लोगों की मदद से रातभर चले अभियान के बाद नियंत्रण पा लिया गया। रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी बांध में शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े चार बजे करीब 20 फुट का कटाव हो जाने से सड़क के किनारे बाढ़ का पानी फैल गया। प्रशासन ने वहां अस्थायी सुरक्षा उपाय शुरू किए हैं। उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने गंगा, पुनपुन, गंडक तथा अन्य नदियों के किनारे स्थित तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। उन्होंने कहा कि पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 2016 के अब तक के सर्वाधिक रिकॉर्ड को पार कर चुका है और अब भी बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood से 15 जिलों में भारी तबाही, 46.88 लाख लोग प्रभावित
चौधरी ने कहा, जलस्तर में यह वृद्धि मुख्य रूप से सोन और घाघरा नदियों से अप्रत्याशित रूप से अधिक जल प्रवाह के कारण हुई है। सोन नदी का जलस्तर अब घट रहा है, जबकि घाघरा स्थिर हो गई है और अगले 24 घंटे में स्थिति में सुधार की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और अभियंताओं की टीम संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं तथा बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में प्रवेश न करे, इसके लिए हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं।
भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर सबसे अधिक प्रभावित जिल हैं। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, सितंबर में अब तक राज्य में 90.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है। आपदा प्रबंधन विभाग(डीएमडी) के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर शुक्रवार को सुबह छह बजे 36.62 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर में कमी आ रही है।इसे भी पढ़ें: बिहार में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 1,194 Community Kitchens शुरू, 46.88 लाख आबादी प्रभावित
बुलेटिन के अनुसार, गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी बलतरा और कुर्सेला में, बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया, गंगा दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद में तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 1,194 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविर संचालित हैं, जहां 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
BRICS Summit में PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच बातचीत से पहले चीन का 'अच्छे पड़ोसी' वाला संदेश
नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय बैठक से पहले चीन की ओर से सकारात्मक और नरम रुख देखने को मिला है। बीजिंग ने दोनों एशियाई महाशक्तियों के बीच "अच्छे पड़ोसी" वाले संबंधों पर बल देते हुए मतभेदों को परिपक्वता से सुलझाने की बात कही है। सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यह पहली भारत यात्रा है। वर्ष 2020 की गलवान घाटी की झड़प और सीमा विवाद के बाद से दोनों देश अपने राजनयिक एवं व्यापारिक संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में सतर्कता से कदम आगे बढ़ा रहे हैं। बैठक पर टिप्पणी करते हुए, भारत में चीन के राजदूत शू फीहोंग ने कहा कि बीजिंग दोनों देशों के बीच संबंधों को रणनीतिक रूप से बेहतर बनाने के लिए नई दिल्ली के साथ काम करेगा।इसे भी पढ़ें: Explained Story | दोस्त, दुश्मन और ट्रंप फैक्टर... भारत के लिए BRICS में संतुलन बनाने की बड़ी चुनौती | BRICS Summit 2026
बैठक से जुड़े मुख्य बिंदु:
शी जिनपिंग का भारत दौरा: वर्ष 2019 के ममलापुरम (चेन्नई) अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के बाद शी जिनपिंग की यह पहली भारत यात्रा है।
शीर्ष नेताओं की लगातार तीसरी मुलाकात: कज़ान और तियानजिन के बाद PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच यह लगातार तीसरे साल द्विपक्षीय वार्ता हो रही है।
समय सीमा: राष्ट्रपति शी का नई दिल्ली पहुँचने का समय दोपहर करीब 1 बजे निर्धारित है, जबकि PM मोदी के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक शाम 5:45 बजे प्रस्तावित है।
शू ने ट्वीट किया, "चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन पर अमल करने, रणनीतिक ऊंचाई और दीर्घकालिक नजरिए से द्विपक्षीय संबंधों को संभालने, बातचीत बढ़ाने, सहयोग बढ़ाने, मतभेदों को सही ढंग से सुलझाने और अच्छे पड़ोसी व एक-दूसरे की सफलता में मददगार साझेदार के तौर पर दोस्ती निभाने के लिए भारत के साथ काम करेगा।"
PM मोदी और शी के बीच यह द्विपक्षीय बैठक लगातार तीसरे साल होगी, इससे पहले वे कज़ान और तियानजिन में मिल चुके हैं। चीनी राष्ट्रपति के दोपहर करीब 1 बजे नई दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम है और PM मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक शाम 5.45 बजे होगी।
चीन ने बातचीत और सहयोग पर जोर दिया
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी शू की तरह "अच्छे पड़ोसी" होने पर जोर दिया। माओ ने यह भी कहा कि चीन बातचीत और बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाने और ईरान-अमेरिका संघर्ष व रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शांति और स्थिरता में योगदान देने के लिए BRICS देशों के साथ काम करने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि BRICS उभरते बाजारों और विकासशील देशों के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में उभरा है और "ग्लोबल साउथ में सबसे आगे रहने वाली एक वास्तविक ताकत" बन गया है। ब्रिक्स के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर, भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है।इसे भी पढ़ें: PM Modi on BRICS Business Forum: दुनिया में बढ़ रही ट्रेड की दीवारें, India बना रहा आर्थिक संबंधों के मजबूत Bridge
शी की भारत की पहली यात्रा सितंबर 2014 में हुई थी। इसके बाद, 2016 में गोवा में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए वे फिर भारत आए थे, और उनकी पिछली यात्रा 2019 में चेन्नई के पास ममलापुरम में पीएम मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए हुई थी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi







