Food Story: चंबल का पानी या मसालों का जादू? जानिए क्यों कोटा की मशहूर कचौरी के स्वाद की दुनिया दीवानी है
Kota Famous Kachori: कोटा की पहचान सिर्फ कोचिंग और चंबल से नहीं, बल्कि अपने खास जायके के लिए भी है. यहां की मशहूर कोटा कचौरी देश ही नहीं, विदेशों तक अपनी पहचान बना चुकी है. जोधपुर स्वीट्स के संचालक कमल पाठक के मुताबिक, कोटा की कचौरी के स्वाद में चंबल के पानी की तासीर की भी खास भूमिका मानी जाती है. इसे शुद्ध मूंगफली के तेल में तैयार किया जाता है और शुद्ध हींग, मसालों, गरम मसालों और काली मिर्च का खास मिश्रण इसका स्वाद अलग बनाता है. कोटा में कचौरी सिर्फ नाश्ता नहीं, बल्कि मेहमानों के स्वागत से लेकर शादी-ब्याह, पिकनिक और दूसरे आयोजनों का भी अहम हिस्सा है. इस जायके की कहानी वर्ष 1965 से जुड़ी है, जब स्व. कुंदन लाल पाठक ने कोटा में जोधपुर स्वीट्स की शुरुआत की थी. आज दूसरी और तीसरी पीढ़ी इस कारोबार को आगे बढ़ा रही है और कोटा के साथ जोधपुर में भी इसकी शाखाएं संचालित हो रही हैं.
आज का पंचांग 12 सितंबर 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त
आज की तिथि क्या है?: आज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अमावस्या तिथि है, जो सुबह 7 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
- वार: शनिवार
- नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 12:55 बजे तक, इसके बाद हस्त नक्षत्र
- योग: शुभ योग दोपहर 3:09 बजे तक
- करण: बव करण सुबह 7:46 बजे तक, इसके बाद बालव करण
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:39 बजे से 5:25 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 5:58 बजे से 7:33 बजे तक
- विजय मुहूर्त: सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक
राहुकाल
- राहुकाल: सुबह 9:17 बजे से 10:50 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 1:55 बजे से 3:27 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 6:12 बजे से 7:44 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 9:29 बजे से 10:19 बजे तक और दोपहर 2:26 बजे से 3:15 बजे तक
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 6:12 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:33 बजे
- चंद्रोदय: सुबह 7:11 बजे
- चंद्रास्त: शाम 7:09 बजे
आज के व्रत
चंद्र दर्शन व्रत
आज का पर्व
सामवेद उपाकर्म और चंद्र दर्शन आज के प्रमुख धार्मिक अवसर हैं। चंद्र दर्शन के अवसर पर चंद्रमा के दर्शन और पूजा की धार्मिक परंपरा मानी जाती है।
आज का धार्मिक महत्व
12 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की शुरुआत के कारण धार्मिक दृष्टि से दिन विशेष माना जाता है। प्रतिपदा तिथि के दौरान पूजा-पाठ, देव आराधना और शुभ संकल्प किए जा सकते हैं।
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