ADR रिपोर्ट- 5 राज्यों में 1405 दागियों ने लड़ा चुनाव:सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पार्टियां बता नहीं पाईं- 191 दागियों को टिकट क्यों दिया
हाल ही में 5 राज्यों असम, केरलम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के चुनाव में सियासी दलों ने दागी उम्मीदवारों को टिकट देने के कारणों का खुलासा नहीं किया। 11 सितंबर को ऐसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, इन विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों ने क्रिमिनल केस वाले उम्मीदवारों को टिकट देने के कारण बताने में नियमों का पालन नहीं किया। इन चुनावों में कुल 8,848 उम्मीदवार मैदान में थे। 1,214 उम्मीदवारों के लिए पार्टियों ने जरूरी C-7 खुलासा पब्लिश किया, जबकि 191 उम्मीदवारों के मामले में यह जानकारी उपलब्ध ही नहीं थी। सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार तमिलनाडु से रहे, जिनके अपराध के बारे में जानकारी ही नहीं मिली। इसके बाद पश्चिम बंगाल के 55, केरलम के 27, पुडुचेरी में 12 और असम में 10 उम्मीदवार रहे। C-7 फॉर्म से पता चलता है, पार्टी ने टिकट के लिए क्यों चुना C-7 फॉर्म में सिर्फ यह बताना जरूरी नहीं होत कि उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है। इसमें पार्टी को यह भी बताना होता है कि उसने उस उम्मीदवार को क्यों चुना। उसे यह कारण भी बताना होता है कि क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले उम्मीदवार की जगह किसी ऐसे व्यक्ति को क्यों नहीं चुना गया, जिस पर कोई केस न हो। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद जानकारी अधूरी रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में राजनीतिक पार्टियों को क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले उम्मीदवारों के चयन का कारण 72 घंटे के भीतर सार्वजनिक करने का निर्देश दिया था। इनका आधार उम्मीदवार की योग्यता, उपलब्धियां और मेरिट होना चाहिए। केवल उम्मीदवार के चुनाव जीतने की संभावना को आधार नहीं बनाया जा सकता। इसके बाद चुनाव आयोग ने पार्टियों को यह जानकारी अपनी वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट और अखबारों में प्रकाशित करने का निर्देश दिया था। गड़बड़ कहां- उम्मीदवार कई, कारण एक जैसे ADR की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि दागी उम्मीदवारों को चुनने के कारण अक्सर एक जैसे या दोहराए गए थे। कई मामलों में उम्मीदवारों के लिए बिल्कुल एक ही भाषा का इस्तेमाल किया गया। पार्टियों ने आमतौर पर उम्मीदवार की सार्वजनिक छवि, सामाजिक कार्य, अनुभव, लोकप्रियता, योग्यता और सीट के लिए उपयुक्तता जैसे कारण बताए। जिन उम्मीदवारों की छवि साफ-सुधरी थी, उनको दागियों पर तरजीह नहीं दी गई। इसका कारण बताने में भी एक जैसी भाषा इस्तेमाल की गई। ------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… 2024-25 में 36 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की कमाई 52% घटी: 21 दलों ने कमाई से ज्यादा खर्च किया, ADR की रिपोर्ट नई दिल्ली में जारी ADR की रिपोर्ट के मुताबिक 36 में से 21 क्षेत्रीय दलों ने अपनी घोषित आय से ज्यादा खर्च किया। इन दलों का कुल खर्च 1,433.07 करोड़ रुपए रहा, जो कुल आय से करीब 240.12 करोड़ रुपए ज्यादा रहा। यह आय से लगभग 20% अधिक खर्च था। पढ़ें पूरी खबर…
भास्कर अपडेट्स:पुणे में गणेशोत्सव पर शराब बैन का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, फटकार के बाद प्रतिबंध 10 से घटाकर 2 दिन हुआ
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पुणे प्रशासन को गणेश उत्सव के दौरान 10 दिनों तक शराब पर प्रतिबंध लगाने के लिए फटकार लगाई और पूछा कि जिले को ही क्यों निशाना बनाया गया। इसके बाद अधिकारियों को प्रतिबंध को केवल दो दिनों तक सीमित करने के लिए मजबूर होना पड़ा। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी है जबकि 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी है जब विसर्जन जुलूस निकाले जाएंगे। होटल मालिकों और शराब की दुकानों के मालिकों के संघों ने पुणे कलेक्टर के गणेश उत्सव के दौरान 10 दिनों तक शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। आज की बाकी बड़ी खबरें… मदुरै में मीनाक्षी अम्मन टेम्पल के पास बंद पड़े सेंट्रल थिएटर में आग, कोई हताहत नहीं मदुरै में मीनाक्षी अम्मन मंदिर के पास एक बंद पड़े सेंट्रल थिएटर में आग लग गई। इस घटना में किसी की जान के नुकसान की खबर नहीं है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका। आग से बिल्डिंग की छत अंदर की तरह ही गिर पड़ी। दमकल की कई गाड़ियां आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। पश्चिम बंगाल: कांग्रेस ने रेजीनगर, नंदीग्राम उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए कांग्रेस ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिश है। रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल कैफी और नंदीग्राम से मिलन प्रधान को अपना उम्मीदवार घोषित किया। जामिया के JK गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं का फिर प्रदर्शन जामिया मिल्लिया इस्लामिया के JK गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने मेस में खाने की व्यवस्था और प्रशासन के रवैये के खिलाफ अपना प्रदर्शन फिर शुरू कर दिया है। AISA JMI ने छात्राओं के प्रदर्शन के समर्थन में खड़े होने की बात कही है। AISA JMI के मुताबिक, 11 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे छात्राओं ने फिर प्रदर्शन शुरू किया। संगठन का आरोप है कि पिछले प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने छात्राओं की कुछ मांगों को लिखित रूप में स्वीकार किया था, लेकिन बाद में प्रशासन उन मांगों से पीछे हट गया।
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