Insurance Hike: थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस होगा महंगा? साल के अंत तक बदल सकती हैं प्रीमियम दरें
Insurance Hike: ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच वाहन मालिकों के खर्च में एक और बढ़ोतरी हो सकती है। मोटर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के प्रीमियम की दरों में बदलाव की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचने की बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, नई दरों को इस साल के अंत तक अधिसूचित किया जा सकता है। इससे पहले मोटर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की दरों में साल 2022 में बदलाव किया गया था। बीमा कंपनियां लंबे समय से आईआरडीएआई के सामने प्रीमियम बढ़ाने की मांग रख रही हैं। कंपनियों का कहना है कि मौजूदा दरों पर बढ़ते क्लेम और अन्य खर्चों को संभालना लगातार मुश्किल हो रहा है।
करीब 24.77 करोड़ वाहन मालिकों पर पड़ सकता है असर
थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस में बदलाव का असर देश में बड़ी संख्या में वाहन मालिकों पर पड़ सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब 24.77 करोड़ वाहन इसके दायरे में आ सकते हैं। ऐसे में अगर नई दरों में बढ़ोतरी की जाती है तो इसका प्रभाव बड़े स्तर पर दिखाई दे सकता है।
हालांकि, दरें तय करते समय यह कोशिश की जाएगी कि बीमा कंपनियों के बढ़ते खर्च और क्लेम के दबाव को ध्यान में रखा जाए, लेकिन वाहन मालिकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी बहुत ज्यादा न बढ़े।
बीमा कंपनियां क्यों चाहती हैं प्रीमियम में बढ़ोतरी?
बीमा कंपनियों के मुताबिक मोटर इंश्योरेंस कारोबार में क्लेम का खर्च लगातार बढ़ रहा है। सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मुआवजे, कानूनी लागत और दावों की औसत राशि में बढ़ोतरी के कारण कंपनियों का खर्च पहले की तुलना में काफी ज्यादा हो गया है।
इसी वजह से कंपनियों को मौजूदा प्रीमियम दरों पर अंडरराइटिंग लॉस का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में कंपनियां प्रीमियम की समीक्षा कर दरों में संशोधन की मांग कर रही हैं।
थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस का प्रीमियम क्यों बढ़ सकता है?
थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस में वाहन मालिक की गलती से किसी तीसरे व्यक्ति को होने वाली चोट, नुकसान या अन्य कानूनी देनदारी को कवर किया जाता है। सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में मुआवजे और कानूनी खर्च में बढ़ोतरी का सीधा असर बीमा कंपनियों की लागत पर पड़ता है।
इसी बढ़ते खर्च को देखते हुए कंपनियां प्रीमियम दरों में बदलाव चाहती हैं। हालांकि, नई दरें तय करते समय बीमा कंपनियों की वित्तीय स्थिति और वाहन मालिकों की वहन क्षमता, दोनों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
2022 में हुआ था पिछला बदलाव
मोटर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की दरों में इससे पहले 2022 में बदलाव किया गया था। अब नई समीक्षा के बाद अगर प्रीमियम बढ़ाया जाता है तो कार, दोपहिया और अन्य श्रेणियों के वाहन मालिकों को पहले की तुलना में ज्यादा बीमा प्रीमियम देना पड़ सकता है।
हालांकि, अलग-अलग वाहन श्रेणियों के लिए प्रीमियम में कितना बदलाव होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसका अंतिम फैसला नई दरें अधिसूचित होने के बाद ही सामने आएगा।
वाहन मालिकों पर क्या पड़ेगा असर?
अगर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की दरें बढ़ती हैं तो वाहन मालिकों की सालाना बीमा लागत बढ़ जाएगी। इसका असर कारों के साथ-साथ दोपहिया वाहनों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल प्रीमियम दरों की समीक्षा अंतिम चरण में होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में वाहन मालिकों की नजर अब साल के अंत तक आने वाली नई दरों पर रहेगी। नई दरें लागू होने के बाद ही यह साफ होगा कि किस वाहन श्रेणी के लिए प्रीमियम में कितनी बढ़ोतरी की गई है।
(मंजू कुमारी)
Comparison: एथर रिज्टा और टीवीएस आईक्यूब में कौन बेस्ट? डील से पहले जानें जरूरी बातें
Comparison: भारतीय बाजार में फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। खासकर ऐसे ग्राहक, जो आरामदायक राइड, ज्यादा स्टोरेज और बेहतर सेफ्टी फीचर्स वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं, उनके लिए एथर रिज्टा और टीवीएस आईक्यूब दो प्रमुख विकल्प हैं। दोनों स्कूटर्स की कीमत, रेंज और फीचर्स में काफी अंतर है।
Ather Rizta: बड़े स्पेस के साथ फैमिली फोकस
एथर रिज्टा को S और Z ट्रिम में पेश किया जाता है। इसमें 2.9kWh और 3.7kWh बैटरी पैक के विकल्प मिलते हैं। 2.9kWh बैटरी वाला मॉडल 123 किमी तक की IDC रेंज देता है, जबकि 3.7kWh वर्जन की रेंज 159 से 161 किमी तक है।
रिज्टा की सबसे बड़ी खासियत इसकी बड़ी फैमिली सीट है। इसमें 34 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है। इसके अलावा 22 लीटर का फ्रंक एक्सेसरी के तौर पर लगाया जा सकता है। फीचर्स में ऑटो-होल्ड, रिवर्स मोड, फॉल-सेफ, मैजिक ट्विस्ट, बैकरेस्ट और नेविगेशन जैसे विकल्प मिलते हैं। इसकी कीमत ₹1.21 लाख से ₹1.59 लाख (एक्स-शोरूम) तक है।
TVS iQube: ज्यादा वेरिएंट और बेहतर रेंज
टीवीएस आईक्यूब का पोर्टफोलियो ज्यादा बड़ा है। इसमें 2.2kWh से 5.1kWh तक के बैटरी विकल्प मिलते हैं। बेस मॉडल की IDC रेंज 94 किमी है, जबकि 3.4kWh वर्जन 145 किमी और टॉप ST 5.1kWh मॉडल 185 किमी तक की रेंज देता है।
आईक्यूब में 5-इंच और 7-इंच TFT डिस्प्ले, SmartConnect, फास्ट चार्जिंग और 32 लीटर तक का बूट स्पेस मिलता है। इसकी कीमत करीब ₹1.20 लाख से ₹1.76 लाख (एक्स-शोरूम) तक है।
कौन सा बेहतर?
अगर आपकी प्राथमिकता बड़ी सीट, ज्यादा स्टोरेज और फैमिली-केंद्रित फीचर्स हैं तो एथर रिज्टा बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, ज्यादा रेंज, ज्यादा वेरिएंट और फास्ट चार्जिंग चाहते हैं तो टीवीएस आईक्यूब पर विचार किया जा सकता है।
(मंजू कुमारी)
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