Responsive Scrollable Menu

Rahul Gandhi Defamation Case: 'चौकीदार चोर है' टिप्पणी मामले में राहुल गांधी को बॉम्बे HC कोर्ट से झटका; समन रद्द करने की याचिका खारिज

यह पूरा मामला सितंबर 2018 का है, जब राहुल गांधी ने राजस्थान में एक चुनावी रैली के दौरान राफेल डील का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला था और उन्हें 'कमांडर-इन-चीफ' व 'चौकीदार चोर है' जैसे शब्दों से संबोधित किया था। इसके बाद उन्होंने इस भाषण का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया था।

बीजेपी कार्यकर्ता ने दर्ज कराया था मामला
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमाल ने 2019 में मुंबई की गिरगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का तर्क था कि प्रधानमंत्री मोदी बीजेपी के प्रमुख चेहरा हैं, इसलिए उनके खिलाफ की गई चोरी की इस प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणियों से पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं की साख को सीधा नुकसान पहुंचा है। अगस्त 2019 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया था।

राहुल गांधी के वकीलों की दलील
समन के खिलाफ राहुल गांधी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर केस रद्द करने की मांग की थी। उनके वकीलों ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ता इस मामले में सीधे तौर पर पीड़ित पक्ष नहीं है और यह बयान किसी राजनीतिक दल के खिलाफ न होकर किसी व्यक्ति विशेष के लिए था। इसलिए किसी कार्यकर्ता को मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने का कानूनी अधिकार नहीं बनता।

हाई कोर्ट का फैसला और कानूनी तर्क
जस्टिस एन. आर. बोरकर की एकल पीठ ने राहुल गांधी की दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने शशि थरूर से जुड़े एक पुराने फैसले का संदर्भ देते हुए कहा कि बीजेपी एक रजिस्टर्ड और पहचान योग्य राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी है। प्रधानमंत्री पार्टी के प्रमुख प्रतिनिधि हैं, ऐसे में उनके खिलाफ की गई टिप्पणी से कार्यकर्ताओं की मानहानि की बात को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। कोर्ट ने माना कि मजिस्ट्रेट के आदेश में कोई गैर-कानूनी या अनुचित बात नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए 6 हफ्ते की राहत
यद्यपि हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है, लेकिन राहुल गांधी के वकीलों के अनुरोध पर अदालत ने 2021 में जारी किए गए अपने अंतरिम आदेश को 6 हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया है। इसका मतलब है कि अगले 6 हफ़्तों तक मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई स्थगित रहेगी और राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने से छूट मिलेगी, ताकि वे इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें।

Continue reading on the app

EPFO का अभियान: 17 साल से पीएफ से बाहर कर्मचारियों को मिलेगा मौका, जानें कब तक करा सकते रजिस्ट्रेशन

ईपीएफओ ने उन कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए इम्प्लॉई एनरॉलमेंट कैंपेन 2026 शुरू किया है, जो पात्र होने के बावजूद अब तक ईपीएफ से नहीं जुड़े हैं। संस्थानों को पुराने रिकॉर्ड दुरुस्त करने और ऐसे कर्मचारियों का पंजीकरण कराने का विशेष मौका दिया गया है।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, यह योजना 29 जून 2026 से लागू है और 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। इसके तहत 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच EPF कवरेज से बाहर रहे पात्र कर्मचारियों को योजना में शामिल किया जा सकता है।

इस अभियान का मकसद कर्मचारियों को भविष्य निधि (PF), पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से जोड़ना है। साथ ही, कंपनियों को पुराने रिकॉर्ड और अनुपालन से जुड़ी कमियों को स्वेच्छा से ठीक करने का रास्ता दिया गया है।

किन कर्मचारियों को ईपीएफ के अभियान का मिलेगा लाभ?
योजना के तहत नियोक्ता उन कर्मचारियों की घोषणा कर सकते हैं, जो तय अवधि के दौरान EPF कवरेज से बाहर रह गए थे। इसके लिए कर्मचारी का घोषणा की तारीख पर जीवित होना और उसी संस्थान में सक्रिय रूप से काम करना जरूरी है।

EPFO ने संस्थानों को सलाह दी है कि वे अपने कर्मचारियों और वेतन से जुड़े पुराने रिकॉर्ड की जांच करें। इससे पात्र कर्मचारियों की पहचान की जा सकेगी और उनका पंजीकरण समय पर कराया जा सकेगा।

पुराने बकाये में मिलेगी राहत
अभियान में पुराने अनुपालन से जुड़ी कुछ राहत भी दी गई है। अगर पहले कर्मचारी के वेतन से उसका हिस्सा काटा ही नहीं गया था तो तय शर्तों के तहत कर्मचारी के हिस्से की राशि माफ की जा सकती है। इससे पुराने मामलों को नियमित करने में संस्थानों पर पड़ने वाला बोझ कम होगा।

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी
EPFO ने इस अभियान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रखी है। संस्थानों को पंजीकरण और भुगतान से जुड़ी सभी औपचारिकताएं तय ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पूरी करनी होंगी।

हर घोषित कर्मचारी के लिए उमंग ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन से UAN बनाना होगा। इसके बाद संस्थान को सामान्य इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रेसिप्ट-रिटर्न (ECR) प्रणाली के जरिए जरूरी अंशदान जमा करना होगा।

EPFO चला रहा जागरूकता अभियान
EPFO ने नियोक्ताओं, कर्मचारियों, ठेकेदारों और उद्योग से जुड़े अन्य लोगों को योजना की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। केंद्र और राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर इसकी जानकारी ज्यादा से ज्यादा प्रतिष्ठानों तक पहुंचाई जा रही है।

EPFO ने संस्थानों से कहा है कि वे 31 अक्टूबर 2026 की अंतिम तारीख से पहले सभी घोषणाएं और जरूरी भुगतान पूरा कर लें।

(प्रियंका कुमारी)

Continue reading on the app

  Sports

इधर ब्रिक्स उधर IND vs AFG T20I, दिल्ली में ट्रैफिक का डबल झटका, इन रास्तों से दूर ही रहें आप

india vs afghanistan t20i delhi traffic advisory: भारत और अफगानिस्तान के बीच रविवार को होने वाले टी20 क्रिकेट मैच के कारण अरुण जेटली स्टेडियम और उसके आसपास यातायात पाबंदियां लगाई जाएंगी और मार्ग परिवर्तित किया जाएगा. दिल्ली यातायात पुलिस ने यह जानकारी दी. मैच 13 सितंबर को शाम सात बजे से रात 11.30 बजे तक खेला जाएगा. Sat, 12 Sep 2026 18:21:00 +0530

  Videos
See all

BRICS 2026 | Rashtravad: एक मंच पर Modi-Putin-Jinping फिर कांग्रेस प्रवक्ता को क्यों लगी मिर्ची ? #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-12T13:15:23+00:00

BRICS के अगले 20 साल का नया एजेंडा, PM मोदी ने दिया बड़ा विजन | BRICS Summit 2026 #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-12T13:16:24+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers