सऊदी अरब को लगा झटका, हूतियों के खिलाफ US ने मदद देने से किया इनकार, पाक ने पल्ला झाड़ा
सऊदी अरब अपनी सुरक्षा के लिए पाकिस्तान और अमेरिका पर बहुत भरोसा करता था. लेकिन इस बार क्राउन प्रिंस को नाउम्मीदी हाथ लगी है. पहले पाकिस्तान ने बहाने बनाकर मक्का पैक्ट लागू करने से इनकार कर दिया और अब ट्रंप ने दो दो बार कॉल के बावजूद कोई पॉजिटिव प्रतिक्रिया नहीं दी है.
हूतियों से जंग लड़ रहे सऊदी अरब को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. सऊदी को मदद का दावा करने वाले उसके रक्षा साझेदार उससे दूर हो रहे हैं. पहले तो पाकिस्तान मक्का पैक्ट के अपने वादे से हट गया और हूतियों पर हमले से इनकार कर दिया. इसके बाद क्राउन प्रिंस सलमान ने अपने विश्वस्त डिपेंस पार्टनर अमेरिका का दरवाज खटखटाया था, मगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किसी भी तरह की सीधी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से मना कर दिया है.
सऊदी अरब ने ट्रंप से सहायता मांगी
इन घटनाओं ने एक बार फिर पाकिस्तान और अमेरिका के अप्रत्याशित रवैये को सामने ला दिया है. हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी सेनाओं के बीच टकराव बढ़ने पर सऊदी अरब ने ट्रंप से सहायता मांगी. गुरुवार को विद्रोहियों ने लाल सागर के अहम बंदरगाह मोखा पर कब्जा किया. अब वह बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के और करीब पहुंच गए. इससे एक और अहम शिपिंग रूट पर खतरा देखने को मिला है. वहीं अमेरिका-ईरान टकराव के बीच होर्मुज स्ट्रेट के हालात भी अनिश्चिता बनी रही.
युद्धविराम के बाद गंभीर तनाव
यह टकराव 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद सबसे गंभीर तनाव है. ट्रंप ने हूतियों के खिलाफ सहायता करने से इनकार किया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने गुरुवार को ट्रंप को दो बार फोन करके हूतियों के खिलाफ हमले करने को कहा, मगर उन्हें न सुनने को मिला. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा, ट्रंप का फिलहाल सीधे तौर पर किसी तरह दखल देने का किसी तरह का इरादा नहीं है.
ईरान के साथ टकराव जारी
अपनी बातचीत में MBS ने ट्रंप को बिगड़ते हालात के बारे में जानकारी दी, क्योंकि हूती सेनाएं तटीय शहर मोखा की ओर बढ़ रही थीं. कुछ घंटो के बाद MBS ने ट्रंप को फिर से फोन किया और उनसे हूतियों के खिलाफ अमेरिकी हमले का आदेश देने को कहा. जब सऊदी-समर्थित यमन की सरकारी सेना पीछे हट रही थीं. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप एक और मिलिट्री फ्रंट खोलने को लेकर सतर्क थे क्योंकि बातचीत के कई दौर और सीजफायर के बावजूद ईरान के साथ टकराव जारी था.
अमेरिका ईरान के प्रॉक्सी के खिलाफ बड़ी लड़ाई
हालांकि अमेरिका ने सऊदी अरब को हूतियों के बारे में इंटेलिजेंस जानकारी देने का भरोसा दिलाया है. ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका ईरान के प्रॉक्सी के खिलाफ बड़ी लड़ाई को अपने क्षेत्रीय सहयोगियों पर छोड़ने का इच्छुक था.अधिकारी ने बताया, "ट्रंप का निर्देश है कि अमेरिकी सेनाओं का ध्यान ईरान और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर केंद्रित रहे." लेकिन पश्चिम एशिया के इस टकराव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई हैं. इसलिए यह देखना बाकी है कि अमेरिका इस टकराव से कब तक दूर रह सकता है. ट्रंप का यह रुख तब सामने आया जब पाकिस्तान हूतियों के खिलाफ अपनी बहुचर्चित सैन्य धमकी से पीछे हटता हुआ दिखा है और मक्का करारनामे पर अमल करने में हिचक रहा है.
सभी हितधारकों के सुझावों से अधिक प्रभावी बनेगी बिहार भवन उपविधि-2026 : विजय चौधरी
सभी हितधारकों के सुझावों से अधिक प्रभावी बनेगी बिहार भवन उपविधि-2026 : विजय चौधरी
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
IBC24


