ब्रिक्स समिट 2026: भारत की अध्यक्षता में व्यापार, निवेश और वैश्विक सहयोग को नई गति; रूस, मिस्र समेत कई देशों के प्रतिनिधियों ने जताया भरोसा
नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के उद्योग जगत और संस्थागत प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को भारत की बढ़ती आर्थिक भूमिका, निवेश अवसरों और ग्लोबल साउथ के बीच सहयोग की संभावनाओं पर भरोसा जताया। रूस, मिस्र और अन्य ब्रिक्स एवं ब्रिक्स प्लस देशों के प्रतिनिधियों ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह मंच व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
रूस की कंपनी जीएसबीआई लिमिटेड के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अलेक्जेंडर कोकोव ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि नई दिल्ली में आयोजित यह मंच ऊर्जा और सकारात्मक माहौल से भरपूर है। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागी मिलकर काम करने के लिए उत्साहित हैं और उन्हें विश्वास है कि यह सम्मेलन बेहद सफल साबित होगा।
कोकोव ने सम्मेलन के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकों ने विभिन्न देशों के उद्यमियों को सीधे संवाद का अवसर दिया है। उन्होंने भारतीय उद्योग मंडल फिक्की (एफआईसीसीआई) की भूमिका की भी प्रशंसा की और कहा कि भारत की आर्थिक ताकत और अवसरों को प्रत्यक्ष रूप से समझने के लिए यहां मौजूद रहना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक विकास के क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं और दोनों देश एक ऐसे दौर की शुरुआत में हैं जो आने वाले वर्षों में मजबूत आर्थिक साझेदारी का आधार बनेगा।
अलेक्जेंडर कोकोव ने आगे कहा कि उनकी संस्था ग्लोबल साउथ बिजनेस इनोवेशंस एमआईसीई (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसज एंड एग्जीबीशन्स) उद्योग में काम करती है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र ब्रिक्स देशों की आर्थिक क्षमता को जोड़ने और व्यापारिक अवसरों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि संवाद, प्रदर्शनियों और कारोबारी सम्मेलनों के जरिए सदस्य देशों के बीच सहयोग को नई गति मिल सकती है।
वहीं, रूस की स्किल डेवलपमेंट एजेंसी की उप निदेशक अलीना सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ब्रिक्स विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं, संस्कृतियों और विचारों का एक अनूठा समूह है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स दुनिया को यह दिखाने का अवसर देता है कि अलग-अलग पृष्ठभूमियों वाले देश भी साझा चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए एक साथ आ सकते हैं।
उन्होंने कहा, सदस्य देश अपने-अपने अनुभवों और विशेषज्ञताओं को साझा करके एक-दूसरे से सीख सकते हैं और सामूहिक विकास को बढ़ावा दे सकते हैं। यही ब्रिक्स की सबसे बड़ी शक्ति है।
इस बीच, रशियन हेलीकॉप्टर्स ग्रुप के अंतरराष्ट्रीय विपणन प्रबंधक मैक्सिम एंड्रियानोव ने भारत की अध्यक्षता और मेहमाननवाजी की सराहना करते हुए आईएएनएस से कहा कि इस वर्ष का ब्रिक्स सहयोग उनके लिए बेहद प्रोडक्टिव है। उन्होंने कहा कि समिट के दौरान कई नए संपर्क स्थापित हुए हैं और अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा शुरू हुई है।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल का कार्य भी इस वर्ष काफी प्रभावी रहा और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के बीच कारोबारी सहयोग को बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मेक इन इंडिया पहल पर चर्चा करते हुए एंड्रियानोव ने कहा कि जिन परियोजनाओं पर मेक इन इंडिया की शर्तें लागू होती हैं, वे उसी ढांचे के तहत संचालित होती हैं। वहीं व्यावसायिक क्षेत्र में कंपनियां अक्सर लागत, दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता को ध्यान में रखकर फैसले लेती हैं। उन्होंने कहा कि अंततः उपभोक्ताओं के लिए उत्पाद और सेवाओं की लागत भी महत्वपूर्ण कारक होती है।
इसके साथ ही, प्रिस्टीन लॉजिस्टिक्स एंड इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड में बिजनेस डेवलपमेंट प्रमुख परोमा मुंशी रेबेलो ने आईएएनएस से कहा कि उनका कार्य समूह इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा है और इंफ्रास्ट्रक्चर मूल रूप से निवेश से जुड़ा हुआ विषय है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों के दौरान हुई बैठकों और चर्चाओं के ठोस परिणाम अब जमीन पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के साथ-साथ मिस्र, इथियोपिया और इंडोनेशिया जैसे ब्रिक्स प्लस देशों में भी निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
इस बीच, मिस्र की संस्था इस्क्रा मेडेन फॉर इन्वेस्टमेंट एंड एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट के प्रतिनिधि इस्लाम सालेम ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं और इन्हें आगे ले जाने में निजी क्षेत्र की भूमिका निर्णायक होगी।
उन्होंने कहा कि चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी संस्थाओं और निजी कंपनियों को आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा, पिछले दो दिनों के दौरान कृषि, प्रौद्योगिकी, वित्त और कई अन्य क्षेत्रों पर हुई चर्चाओं से स्पष्ट है कि सदस्य देशों के बीच साझेदारी के अनेक अवसर मौजूद हैं।
सालेम ने आगे कहा कि निजी क्षेत्र के दृष्टिकोण से देखें तो विभिन्न देशों के बीच संयुक्त परियोजनाओं, निवेश और तकनीकी सहयोग की अपार संभावनाएं दिखाई देती हैं और आने वाले वर्षों में यह सहयोग और मजबूत हो सकता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Uttarakhand News: कैबिनेट बैठक में लिए अहम निर्णय, 10 प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 11 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 10 प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसके तहत ऊर्जा के साथ विभिन्न विभागों में फैसले लिए हैं. सरकार हर क्षेत्र में विकास को लेकर विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है. धामी सरकार का मानना है कि विकास की गति धीमी नहीं पड़नी चाहिए. सरकार की प्राथमिकता है कि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. आइए जानते हैं क्या फैसले लिए गए हैं.
1. ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 105 के अन्तर्गत उत्तराखण्ड विद्युत निमायक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को राज्य विवरण को विधान मण्डल पटल पर रखे जाने का प्राविधान है, जिसके अनुपालन में आयोग के वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा पटल पर रखे जाने सम्बन्धी प्रस्ताव पर मा. मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया.
2. ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 104(4) के अन्तर्गत उत्तराखण्ड विद्युत निमायक आयोग के वार्षिक लेखा विवरण को विधान मण्डल के पटल पर रखे जाने का प्राविधान है, जिसके अनुपालन में आयोग के वर्ष 2024-25 के वार्षिक लेखा विवरण को आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा पटल पर रखे जाने सम्बन्धी प्रस्ताव पर मा. मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया.
3. उत्तराखण्ड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग समूह ‘क‘ एवं ‘ख‘ सेवा नियमावली, 2026 संषोधन प्रस्ताव को कैबिनेट की सहमति
कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उत्तराखण्ड की संरचना में गृह विभाग के कारागार विभागान्तर्गत सुधारात्मक विंग हेतु अपर महानिरीक्षक कारागार के 01 नवसृजित पद को संवर्गीय ढांचे में समाहित किये जाने के उद्देश्य से वर्तमान में प्रचलित सेवा नियमावली में संशोधन हेतु प्रस्तावित किया गया. विभागीय एवं कर्मचारी हित में उत्तराखण्ड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग समूह ‘क‘ एवं ‘ख‘ सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन प्रस्ताव पर मा. मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति दी गई.
4. मा. उच्वतम न्यायालय, मा. उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों में आबद्ध शासकीय अधिवक्ताओं को भुगतान किये जाने वाले शुल्क की दरों के पुनर्निधारण पर कैबिनेट का अनुमोदन
मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल, मा० उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली एवं उत्तराखण्ड राज्य के अधीनस्थ कार्यालयों में आबद्ध शासकीय अधिवक्ताओं को भुगतान किये जाने वाले शुल्क की दरों का पुनर्निधारण किये जाने के संबंध में मुख्य सचिव महोदय की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय समीक्षा समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार शासकीय अधिवक्ताओं की फीस वृद्धि किये जाने के प्रस्ताव पर मा. मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया.
5. विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 53 की उपधारा (1) के प्राविधानुसार उत्तराखण्ड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली, 2012 में सशोधन करते हुए उत्तराखण्ड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी
भारत सरकार द्वाराEase of Doing Business Compliance Reduction, Trust Based Regulatory Framework के अंतर्गत Deregulation Phase-11 सुधार कार्यक्रम किये जा रहे हैं. केन्द्र सरकार द्वारा प्रख्यापित (उपबन्धों का संशोधन) को 01 मई, 2026 से सम्पूर्ण भारत में लागू कर दिया गया है. जिसमें विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा-23 में संशोधन करते हुए Deregulation Priority Area (PA-8) Ease Licensing for Weights & Measures under Legal Metrology Act, 2009 के अंतर्गत लाइसेंसिंग प्रक्रिया के सरलीकरण हेतु उत्तराखण्ड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली 2012 में उक्तानुसार संशोधन हेतु उत्तराखण्ड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) (संशोधन) नियमावली 2026 के प्रख्यापन को मा. मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया.
6. उत्तराखण्ड राज्य में वर्तमान में 05 राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार, अल्मोड़ा संचालित है, जिनमें एम.बी.बी.एस. तथा पी.जी. पाठ्क्रमों का संचालन किया जाता है. राज्य के दुर्गम दूरस्थ क्षेत्रों में जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराये जाने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है. वर्तमान में एम.बी.बी.एस. इन्टर्नस् को रू. 17000/-प्रतिमाह Stipend दिया जा रहा है, जिसे 17000 से न्यूनतम रू. 25000 किये जाने पर मा. मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया.
7. माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत अपर सहायक अध्यापक व्यायाम (ग्रेड वेतन-4200) के 33 पद सृजित किए जाने पर कैबिनेट की लगी मुहर
खेलकूद विभाग के निर्धारित शासनादेश में वर्णित प्राविधानों के अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को उत्तराखण्ड में राजपत्रित/अराजपत्रित पदों पर आऊट ऑफ टर्न सेवायोजन प्रदान किये जाने हेतु माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत सहायक अध्यापक व्यायाम के लेवल-7 के कुल सृजित 1898 पदों में से 33 पदों को समर्पित करते हुए अपर सहायक अध्यापक व्यायाम लेवल-6 के 33 पद सृजित किए जाने पर मा. मंत्रीमणडल ने अनुमोदन दिया गया.
8. खेल नीति, 2021 के अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय खेलों में पदक विजेता खिलाड़ियों को उत्तराखण्ड में राजपत्रित/अराजपत्रित पदों पर आउट ऑफ टर्न सेवायोजन प्रदान किये जाने का प्रावधान है. आउट ऑफ टर्न सेवायोजन हेतु वर्तमान में खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग एवं वन विभाग के अन्तर्गत कुल 243 पदों पर नियुक्ति प्रदान किये जाने पर मा. मत्रिण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया.
9. मा. मंत्रिमण्डल द्वारा देहरादून (पुरूकुल गांव) से मसूरी (लाईब्रेरी चौक) तक रोप-वे परियोजना के अपर टर्मिनल प्वांइट एवं पार्किंग निर्माण हेतु पर्यटन विभाग को प्राप्त भूमि पर स्थित, गढ़वाल सभा मसूरी को पूर्व में लीज पर दी गयी भूमि, के बराबर ही भूमि (972 वर्ग मी.) मसूरी स्थित गढ़वाल मण्डल विकास निगम की पार्किंग हेतु क्रय की गयी भूमि में से लीज पर दिये जाने की अनुमति प्रदान की गई.
10. मा. मंत्रीमण्डल द्वारा कर्मचारी राज्य बीमा निगम, चिकित्सालय हरिद्वार के समीप चिन्ह्ति 15 एकड़ भूमि ई.एस.आई. के निर्माण हेतु आंवटित किये जाने का लिया गया.
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