भारत को मिला बांग्लादेश पर हमले का गजब मौका, अब होगा असली खेल!
2026 भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को हमेशा बदल कर रख देगा। आप इसे सहयोगी कहिए कि बांग्लादेश को जिस चीज का सबसे ज्यादा डर था वो 2026 के पहले ही दिन शुरू हो गई है। दरअसल 1 जनवरी 2026 के शुरू होते ही बांग्लादेश की बर्बादी का 365 दिन का काउंटडाउन शुरू हो गया है। आप इसे कर्मों का फल ही कहिए कि 2025 में जो बांग्लादेश भारत के लिए नासूर बन गया था। उसी बांग्लादेश के खात्मे का बटन 2026 ने भारत के हाथों में दे दिया है। 2026 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुआ एक बहुत बड़ा एग्रीमेंट खत्म होने जा रहा है। बांग्लादेश की हालत इतनी खराब हो गई है कि उसने भारत से संपर्क किया है।
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2026 शुरू होते ही अपने कुछ लोगों को भारत के सामने गिड़गिड़ाने के लिए भेज दिया है। दरअसल भारत और बांग्लादेश के बीच 1996 में 30 साल के लिए गंगाजल बंटवारा संधि हुई थी। अब 2026 के अंत में 30 साल पूरे हो रहे हैं। यानी अब 2026 में यह फिर तय होना है कि भारत बांग्लादेश को गंगा नदी का कितना पानी देगा। अगर देगा तो कितना देगा। या हो सकता है कि पानी शायद दिया ही ना जाए। अगर ऐसा हुआ तो बांग्लादेश प्यासा मर जाएगा। भारत में मांग हो रही है कि जिस तरह से पाकिस्तान का पानी रोका गया है, बांग्लादेश का पानी भी रोका जाना चाहिए।
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क्या थी ये संधि
फरक्का में गंगा जल के बंटवारे पर पहला समझौता 7 नवंबर, 1977 को ढाका में हस्ताक्षरित किया गया था। इस संधि से कुछ ही महीने पहले, मार्च में मोरारजी देसाई ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया था, जबकि उसी वर्ष अप्रैल में मेजर जनरल जियाउर रहमान बांग्लादेश के राष्ट्रपति बने थे। फिर, जब 12 दिसंबर, 1996 को दूसरे समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, तब भारत के प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और बांग्लादेश की शेख हसीना को पद संभाले हुए केवल छह महीने ही हुए थे। दोनों नेताओं ने जून में अपने-अपने पदभार ग्रहण किए थे।
भारत को किस फॉर्मूले के तहत देना पड़ता है कितना पानी
बैराज में दो जगह पानी जाती है। एक तो गंगा में पानी जाती है जो कि बांग्लादेश में चली जाती है। दूसरा हुबली में पानी आती है। समझौते के तहत अगर 75000 क्यूसेक से ज्यादा पानी है तो 45000 क्यूसेक भारत रखेगा और बाकी बांग्लादेश को दे देगा। अगर 75000 क्यूसेक से कम है 70 से 75000 के बीच में है तो 35000 क्यूसेक भारत रखेगा और बाकी बांग्लादेश को दे देगा। और अगर 70 या 73000 क्यूसेक से भी कम है तो भारत 3000 क्यूसेक रखेगा और बाकी पड़ोसी को देगा। कुल मिलाकर कहे तो भारत को कम से कम 30 से 35000 क्यूसेक जल की आवश्यकता है वो रख के बाकी बांग्लादेश को दे देगा इसलिए ये बैराज बनाया था।
कौन है मुनीर का नया आतंकी चेला? भारत को दे रहा जिहादी धमकी
सैफुल्ला कसूरी अब खुलेआम कह रहा है 2026 में भारत को सबसे बड़ा सबक सिखाया जाएगा। अब तक का सबसे बड़ा जिहादी ऑपरेशन शुरू होगा। यानी नए साल में पुराना पाकिस्तानी एजेंडा सामने आ रहा है। सैफुल्लाह कसूरी है जो पाकिस्तान के कश्मीर मिशन तेज करने की धमकी दे रहा है और कहता है कि मकसद के लिए लड़ते रहेंगे पीछे नहीं हटेंगे। अगर आपको यह चेहरा याद नहीं आ रहा है तो याद दिला दें कि यह आतंकी सरगना हाफिज सईद का करीबी है। यही वो शख्स है जो पहलगाम हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर को देखकर सोशल मीडिया पर बिलबिला उठा था। जब भारत ने जवाब दिया जब आतंकी ठिकाने तबाह हुए तो यहीं सैफुल्ला कसूरी सामने आया और लगभग गिड़गिड़ाते हुए बोला कि पहलगाम अटैक से मेरा कोई लेना देना नहीं है। जो खुद को पाकिस्तान में धर्म शिक्षा देने वाला मौलाना बताता है वो हर बयान में भारत विरोधी जिहाद की वकालत करता है। अब कह रहा है कि दुनिया को उलट-पुलट किया जा सकता है।
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लश्कर-ए-तैबा (LeT) के एक शीर्ष नेता ने स्वीकार किया है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में आतंकवादी ढांचे को नष्ट कर दिया है, हालांकि उन्होंने नई दिल्ली के खिलाफ भड़काऊ धमकियां भी जारी की हैं। हाफिज सईद के सहयोगी ने दावा किया कि आतंकी शिविरों को निशाना बनाकर भारत ने गलती की। उन्होंने कश्मीर पर संगठन के फोकस को खुले तौर पर दोहराया और घोषणा की कि संगठन कश्मीर मिशन से कभी पीछे नहीं हटेगा। हाफिज सईद के नेतृत्व वाले संगठन के उप प्रमुख और पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी ने हजारों लश्कर-ए-तैबा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी में आयोजित एक सार्वजनिक सभा के दौरान ये टिप्पणियां कीं।
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कसूरी को एक वीडियो में ये कहते हुए सुना गया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर बड़ी गलती की। अपने भड़काऊ बयानों से ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करते हुए लश्कर-ए-तैबा के नेता ने कहा मेरे आखिरी शब्द... अपने लोगों की सुनो, बाहर वालों की सुनो, दोस्तों की सुनो और दुश्मनों की सुनो, प्रतिबंध लगाने वालों की सुनो, बाधाएं पैदा करने वालों की सुनो, हमारी सुनो। जो हमें आतंकवादी के रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं, उनकी सुनो। अपनी बयानबाजी को और तेज करते हुए, कसूरी ने उथल-पुथल की चेतावनी दी और घोषणा की कि पूरी दुनिया उलट-पुलट हो सकती है, व्यवस्था बदल सकती है, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि समूह अपने उद्देश्यों को नहीं छोड़ेगा।
This is American-designated #Pakistani terrorist Saifullah Kasuri openly propagating terrorism against India.
— Moid Peerzada (@PeerzadaMoid) January 1, 2026
The willful ignorance of the terror-controlling forces in #Pakistan is shameful.#IMFSanctionPakistan #PakistanTerror@dahrinoor2 @DanielBordmanOG pic.twitter.com/86PVh0wfnL
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