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कुनिका सदानंद ने पूनम ढिल्लों पर लगाए गंभीर आरोप:बोलीं- उनकी गाड़ी में CINTAA ऑफिस के पेपर्स रखे जा रहे थे, वीडियो बनाने से भी रोका

CINTAA के भीतर चल रही कानूनी लड़ाई और कोर्ट के आदेश पर होने वाले चुनाव के बीच एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने आरोप लगाया कि ऑफिस के कुछ दस्तावेज पूनम ढिल्लों की कार में रखे जा रहे थे और उन्हें इसका वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश की गई। एक वीडियो में कुनिका सदानंद ने मामले को लेकर कहा, "मैं CINTAA की आज की स्थिति देखकर बहुत दुखी हूं। मैंने पिछले 40 साल में किसी कमेटी का ऐसा व्यवहार नहीं देखा।" कुनिका ने बताया कि उन्हें CINTAA ऑफिस से दस्तावेज हटाए जाने की जानकारी मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचीं। उनके मुताबिक, मनीष चतुर्वेदी और प्रीति ने फोन कर बताया कि पिछली कमेटी के लोग जल्दबाजी में कागजात ले जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मामला पुलिस तक पहुंचा, लेकिन पुलिस ने कहा कि दस्तावेजों को रोकने के लिए चैरिटी कमिश्नर का आदेश जरूरी है। कुनिका के अनुसार, दस्तावेजों को टेंपो से कार्तिक कॉम्प्लेक्स स्थित ऑफिस ले जाया जा रहा था। कुनिका ने कहा कि फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) से जुड़े लोगों ने टेंपो को रोक दिया और दस्तावेजों को CINTAA के ऑफिस में रखकर वहां ताला लगा दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग दस्तावेजों को पूनम ढिल्लों की कार में रख रहे थे। कुनिका के मुताबिक, इसका वीडियो बनाया गया और पुलिस से प्रक्रिया रोकने के लिए कहा गया। कुनिका ने बताया कि पुलिस ने कुछ दस्तावेज दिखाए, जिनमें कुछ कोर्ट के कागजात थे। उन्होंने कहा कि अगली सुनवाई 16 तारीख को है, इसलिए दस्तावेजों को लॉक करके रखने का सुझाव दिया गया था। उन्होंने पद्मिनी कोल्हापुरे के कथित बयान का भी जिक्र किया। कुनिका के अनुसार, पद्मिनी ने कहा कि वह कागजात सुरक्षित रखने के लिए ले जा रही थीं। कुनिका ने सवाल उठाया कि उन्हें दस्तावेज किससे सुरक्षित रखने थे। कुनिका ने आरोप लगाया कि पूनम ने एक व्यक्ति का फोन छीनकर तोड़ने की कोशिश की और उन्हें वीडियो बनाने से रोकने का प्रयास किया। कुनिका ने कहा कि पुलिस ने कागजात के एक कार्टन पर ताला लगाने की अनुमति दी और बाद में उस लॉकिंग सिस्टम पर टेप लगाया गया। उन्होंने कहा कि CINTAA के संस्थापकों ने कभी नहीं सोचा होगा कि संगठन में ऐसी स्थिति आएगी। गुरुवार को CINTAA के मुंबई कार्यालय में दोनों गुटों पूनम ढिल्लों खेमा और उपासना सिंह-FWICE खेमा के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कानूनी दस्तावेजों को कथित तौर पर कार्यालय से बाहर ले जाने और चुनाव से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए। अगस्त की शुरुआत में पूनम ढिल्लों और उपासना सिंह के नेतृत्व वाले गुटों के बीच मतभेद के बाद CINTAA (सिने और टीवी कलाकार संघ) की कार्यकारी समिति के 11 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। जिनमें से 8 निर्वाचित सदस्य थे। इसके बाद FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) ने 12 सितंबर को CINTAA के नए चुनाव कराने की घोषणा की। पूनम ढिल्लों के नेतृत्व वाले गुट ने 25 अगस्त को दिंडोशी सत्र न्यायालय में चुनाव की वैधता को चुनौती दी थी। 8 सितंबर को अदालत ने चुनाव कराने की अनुमति दे दी। अदालत ने कहा कि चुनाव घोषित होने के बाद वह इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि चुनाव होने पर उसके परिणाम मामले के अंतिम फैसले के अनुरूप होंगे। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उपासना सिंह ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलने का पूरा विश्वास था। उन्होंने बताया कि CINTAA के इतिहास में पहली बार 51 लोगों ने नामांकन दाखिल किए हैं। उनका कहना है कि कार्यकारी समिति के भंग होने के बाद कार्यकारी आम बैठक में लिए गए फैसले अमान्य हैं। FWICE अध्यक्ष बीएन तिवारी ने कहा कि अदालत ने 12 सितंबर को चुनाव कराने की अनुमति दी है और चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव परिणाम घोषित होने तक CINTAA के सोशल मीडिया खातों को निलंबित करने का अनुरोध किया गया है। इस मामले में वर्सोवा और अंबोली पुलिस स्टेशनों को भी पत्र लिखा गया है। CINTAA के बैंक खाते भी चुनाव परिणाम आने तक फ्रीज किए गए हैं।

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युवा भारतीय नकारात्मक सोच से आगे बढ़कर खड़े कर रहे कल के उद्यम : वित्त मंत्री सीतारमण

मुंबई, 11 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश को लेकर जताई जा रही आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि देश के युवाओं ने नकारात्मक सोच को पीछे छोड़ दिया है और आगे बढ़कर भविष्य के उद्यम खड़े कर रहे हैं।

देश की आर्थिक राजधानी में ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल 2026 को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी पहले से ही कल की तकनीक और नए विचारों की नींव रख रही है, टिकाऊ उद्यम खड़े कर रही है और यह साबित कर रही है कि भारत का सबसे बड़ा जनसांख्यिकीय लाभ एक सक्रिय और अजेय वास्तविकता है।

उन्होंने कहा कि देश की युवा आबादी पहले से ही नवाचार, उद्यमिता और आर्थिक विकास को गति दे रही है और इसके लिए उत्पादकता के पारंपरिक पैमानों से किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है।

वित्त मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में हजारों प्रतिभागियों द्वारा दिखाई गई ऊर्जा और महत्वाकांक्षा भारत के जनसांख्यिकीय लाभ की ताकत को दर्शाती है।

उन्होंने कहा, “हम देख रहे हैं कि यह ऊर्जा किस तरह दुनिया के सबसे शक्तिशाली डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर अरबों लेनदेन को संसाधित करने वाले यूपीआई तक, सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूती से खड़े होने और अंतरिक्ष अन्वेषण की नई सीमाएं तोड़ने तक, ऐतिहासिक प्रगति में बदल रही है।”

उन्होंने ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल में भागीदारी के व्यापक स्तर और विविधता का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें करीब 8,000 संगठनों का प्रतिनिधित्व था। उनके अनुसार, प्रतिभागियों में फिनटेक कंपनियों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत, वित्तीय संस्थानों की 25 प्रतिशत, प्रौद्योगिकी से जुड़ी संस्थाओं की 43 प्रतिशत और सहायता सेवाओं की 12 प्रतिशत थी।

केंद्रीय मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लार्ज लैंग्वेज मॉडल और साइबर खतरों से उभरते जोखिमों को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि तकनीक अब समाजों और यहां तक कि चुनावी नतीजों को भी प्रभावित करने में सक्षम हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अराजक तत्वों और एजेंटिक समूहों के हमले पूरे राष्ट्रीय तंत्र को निशाना बना सकते हैं।

इस कारण वित्त मंत्री सीतारमण ने ऐसे संतुलित नियामकीय ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया, जो नवाचार की रक्षा करने के साथ-साथ जोखिमों से भी निपटे। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के साथ नवाचार को बाधित किए बिना “सॉफ्ट-टच रेगुलेशन” यानी हल्के नियमन को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की है।

यूनिफाइड फिनटेक फोरम को एसआरओ-एफटी ढांचे के तहत स्व-नियामक संगठन के रूप में आरबीआई की मान्यता का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम बदलती फिनटेक क्षेत्र की जरूरतों के प्रति केंद्रीय बैंक की समय पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता को दर्शाता है।

--आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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10 साल में एक भी बल्लेबाज नहीं मिला, वसीम अकरम ने पीएसएल की खोली पोल, बोले- हमें भी चाहिए वैभव सूर्यवंशी

Wasim Akram Vaibhav Sooryavanshi: वसीम अकरम ने पाकिस्तान सुपर लीग पर सवाल उठाते हुए कहा कि 10 साल में यह एक भी विश्वस्तरीय बल्लेबाज नहीं दे सकी. उन्होंने भारत के 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की मिसाल देते हुए कहा कि जब तक ऐसा टैलेंट नहीं निकलेगा, पाकिस्तान की क्रिकेट में सुधार असंभव है. Fri, 11 Sep 2026 23:33:24 +0530

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