NSE ने अपने mega IPO का साइज 15 फीसदी घटाया, 17 सितंबर को खुलेगा निर्गम
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए जून में बाजार नियामक सेबी के समक्ष मसौदा प्रस्ताव (डीआरएचपी) दाखिल किए जाने के बाद कई बदलाव हुए हैं। इनमें निर्गम के आकार में करीब 15 प्रतिशत की कटौती सबसे प्रमुख है। एनएसई ने बिक्री पेशकश (ओएफएस) के तहत बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या 14.9 करोड़ से घटाकर 12.64 करोड़ कर दी है जो करीब 15 प्रतिशत कम है।
चूंकि आईपीओ पूरी तरह ओएफएस है, इसलिए शेयरों की संख्या घटने से कुल निर्गम आकार भी कम हो गया है। एनएसई ने आईपीओ के लिए 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। इस आधार पर निर्गम के जरिये 21,494 करोड़ रुपये से 22,569 करोड़ रुपये जुटाए जाने का अनुमान है।
पहले इसके करीब 30,000 करोड़ रुपये का आईपीओ होने का अनुमान लगाया गया था। ऊपरी मूल्य दायरे पर 22,569 करोड़ रुपये का निर्गम 2024 में आए हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ हो जाएगा। यह 2022 में आए भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के 21,000 करोड़ रुपये के आईपीओ से भी बड़ा होगा।
एनएसई के आईपीओ का अनुमानित मूल्यांकन भी पहले के करीब पांच लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 4.2 लाख करोड़ रुपये रह गया है। पहले एनएसई के शेयर का मूल्य करीब 2,000-2,100 रुपये रहने का अनुमान था, लेकिन अब मूल्य दायरा 1,700-1,785 रुपये तय किया गया है। निर्गम आकार में कमी मुख्य रूप से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बिक्री की योजनाओं में बदलाव से हुई है।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने प्रस्तावित बिक्री 2.47 करोड़ से घटाकर 1.6 करोड़ शेयर कर दी है। एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड भी निर्गम में 1.6 करोड़ के बजाय 1.1 करोड़ शेयरों की ही बिक्री करेगी। बैंक ऑफ बड़ौदा ने प्रस्तावित बिक्री 1.09 करोड़ से घटाकर 76.9 लाख शेयर और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने 1.08 करोड़ से घटाकर 61.87 लाख शेयर कर दी है।
जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने प्रस्तावित बिक्री 1.06 करोड़ से घटाकर 61.87 लाख शेयर कर दी है। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने इसे 60 लाख से घटाकर 40 लाख शेयर किया है, जबकि महागोनी लिमिटेड ने अपनी बिक्री 50 लाख से घटाकर 30 लाख शेयर कर दी है। हालांकि, कुछ शेयरधारकों ने अपनी बिक्री पेशकश को बरकरार रखा है।
कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड 1.18 करोड़ शेयर की बिक्री करेगा। अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस), न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने क्रमशः 1.12 करोड़, 1.05 करोड़ और 60 लाख शेयर की बिक्री का प्रस्ताव बरकरार रखा है। संशोधित दस्तावेजों में एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड को भी बिक्री करने वाले शेयरधारक के रूप में शामिल किया गया है।
हालांकि इसका नाम डीआरएचपी में शामिल नहीं था। संभवतः मूल्य दायरा कम रखे जाने के कारण कुछ शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी बिक्री में कटौती की है। शायद उनका मानना है कि बाद में हिस्सेदारी बेचने पर उन्हें बेहतर मूल्यांकन मिल सकेगा।
यह आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 16 सितंबर को होगी। एनएसई के शेयर 24 सितंबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावना है।
Monolithis India ने Bihar के नवादा में 157 करोड़ में जीता Quartzite Stone Block
मोनोलिथिस इंडिया ने बिहार के खनन एवं भूविज्ञान विभाग की ई-नीलामी में नवादा जिले में 157 करोड़ रुपये में क्वार्टजाइट स्टोन ब्लॉक’ हासिल किया है। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कंपनी ‘प्रीमिक्स्ड रैमिंग मास’ नाम की सामग्री बनाती है, जिसका इस्तेमाल इंडक्शन भट्टियों को तेज गर्मी और पिघले इस्पात से बचाने के लिए किया जाता है।
इसका उपयोग मुख्य रूप से द्वितीयक इस्पात उद्योग में होता है। कंपनी ने बयान में कहा कि इस अधिग्रहण के साथ उसके कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पूरा हुआ है। यह कंपनी की स्थापना के बाद से अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धि है।
पांच साल के लिए आवंटित इस ब्लॉक की स्वीकृत खनन क्षमता 7.10 लाख टन सालाना है। इस तरह पट्टे की पूरी अवधि में कुल 35.50 लाख टन खनन क्षमता होगी। कंपनी ने कहा कि इस अधिग्रहण से उसे अपनी प्रमुख कच्चे माल की जरूरतों पर अधिक नियंत्रण मिलेगा और अगले पांच साल के लिए कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव करने में मदद मिलेगी।
यह ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी सिलिका रैमिंग मास के विनिर्माण की क्षमता बढ़ा रही है। समूह की कुल विनिर्माण क्षमता बढ़कर 5.76 लाख टन सालाना होने की उम्मीद है। कंपनी ने कहा कि वैधानिक मंजूरियां अगले तीन-चार महीने में मिलने की उम्मीद है और वाणिज्यिक परिचालन फरवरी-मार्च 2027 में शुरू करने का लक्ष्य है।
बयान के अनुसार, 157 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार पांच साल में किस्तों में किया जाएगा। खनन कार्य अनुभवी राष्ट्रीय खनन ठेकेदारों के जरिये प्रति टन उत्पादन के आधार पर कराया जाएगा। इससे कंपनी का प्रत्यक्ष बुनियादी ढांचा पूंजीगत व्यय सीमित रहेगा।
मोनोलिथिस इंडिया के प्रबंध निदेशक हर्ष टेकरीवाल ने कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि कच्चे माल की आपूर्ति को अपने नियंत्रण में लेने की हमारी प्रक्रिया पूरी हो गई है और हमारे पास अतिरिक्त कच्चे माल की क्षमता भी उपलब्ध है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ इससे नए संयंत्र के शुरू होने के साथ तेजी से बढ़ने वाली हमारी कच्चे माल की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। कंपनी खासकर पूर्वी और मध्य भारत में घरेलू एकीकृत द्वितीयक इस्पात समूहों की प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।
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