अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव 2026-27 के लिए अपने पैनल का ऐलान कर दिया है, जिससे एक और अहम छात्र चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। संगठन ने X पर एक पोस्ट के ज़रिए अहम पदों के लिए चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। यश डबास को प्रेसिडेंट पद का उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि इशू मौर्य वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए चुनाव लड़ेंगे। रिया छावड़ी सेक्रेटरी पद के लिए चुनाव लड़ेंगी और लक्ष्यराज सिंह को जॉइंट सेक्रेटरी पद का उम्मीदवार बनाया गया है।
इस घोषणा से चुनाव प्रचार शुरू होने से पहले ही ये चारों नाम चर्चा में आ गए हैं और उम्मीद है कि ये उम्मीदवार दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में छात्रों से संपर्क करेंगे। आने वाले दिनों में उनके अलग-अलग एकेडमिक, कैंपस और ऑर्गनाइज़ेशनल प्रोफ़ाइल इस कैंपेन को आकार दे सकते हैं। DUSU चुनाव देश के सबसे अहम छात्र चुनावों में से एक बने हुए हैं। इसमें शामिल राजनीतिक संगठनों की वजह से यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर भी इन पर लोगों का ध्यान रहता है।
ABVP द्वारा अपना पूरा पैनल घोषित किए जाने के बाद, अब सारा ध्यान चुनाव प्रचार, छात्रों से जुड़े मुद्दों और विरोधी गुटों के साथ मुकाबले पर केंद्रित होगा।दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) के चुनाव पास आ रहे हैं। ऐसे में सत्य निकेतन की घटना के बाद छात्रों की सुरक्षा और रहने की सुविधा जैसे मुद्दे कैंपेन के मुख्य विषय बन गए हैं। इसी बीच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आज सात संभावित उम्मीदवारों के लिए नॉमिनेशन फाइल किए।
आलोक अत्री, इशू मौर्य, लक्ष्य राज सिंह, नितिन तंवर, रिया छावरी, तान्या मावी और यश डबास ने अपने नॉमिनेशन पेपर जमा किए। स्क्रूटनी के बाद, इन संभावित उम्मीदवारों में से ही प्रेसिडेंट, वाइस-प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी के लिए फाइनल उम्मीदवारों को चुना जाएगा। ABVP ने कैंपस से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की राय जानने के लिए यूनिवर्सिटी में अपने "PG से PG" और "क्लास से क्लास" संपर्क अभियान को और तेज़ कर दिया है। अपने "आखिर कब तक?" अभियान के तहत, संगठन सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देते हुए पेइंग गेस्ट (PG) आवासों का सर्वे कर रहा है।
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बिहार सरकार ने राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों और दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर रहे प्रशिक्षु चिकित्सकों के मासिक मानदेय में वृद्धि की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रथम वर्ष के स्नातकोत्तर छात्रों का मासिक मानदेय 82,000 रुपये से बढ़ाकर 92,800 रुपये, द्वितीय वर्ष के छात्रों का मानदेय 90,200 रुपये से बढ़ाकर 1,02,000 रुपये तथा तृतीय वर्ष के छात्रों का छात्रों का मानदेय 99,220 रुपये से बढ़ाकर 1,12,200 रुपये कर दिया गया है।
बयान में कहा गया है कि संशोधित मानदेय दरें एक जनवरी, 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी और इसका लाभ पूर्व प्रभाव से मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा, “पीजी छात्र भविष्य के विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मानदेय में वृद्धि से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा तथा चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा।”
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल चिकित्सा संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे विशेषज्ञ चिकित्सकीय मानव संसाधन का विकास करना है जो लोगों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सके।
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